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Sanjay Rajendraprasad Yadav's Blog (26)

होने दो.........!!!

आँखों से अश्कों को सूखने ना दीजिएगा इसे और गिरने दो
इस दर्द को और न रोको इसे और होने दो !
आखिरी मोड़ मेरे इंतज़ार में बाहें फैलाये है
उस सुकून भरी काली रात को अब आने भी दो !!

याद कभी मरेगी नहीं भले हो जाओ कितना भी दूर
ढूंढने दो जरा पता उनका थक के जब ना हो जाऊं चूर
है तुमसे बस इतनी ही दुवा करना मेरे लिए
की अपनी याद़ों को मेरे दिल से कभी जाने ना दो !!

Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on August 11, 2012 at 4:39pm — 8 Comments

हे अभी.

हे अभी.

आपकी बहुत याद आ रही है दिल बार-बार सोच रहा है क्या करूँ .आपके बारे में तरह -तरह के ख्याल दिल में आ रहे है ! सोचता हूँ की येसा कैसे हो सकता है की जो इंसान एक दुसरे के देखे बगैर उसे कभी चैन नहीं पड़ता था,बगैर बाते किये खाने का एक निवाला नहीं लेता था आज ओ इस तरह भूला कैसे दिया ,आखिर उसका दिल भी तो भगवान् ने ही बनाया होगा !

हे अभी.

जो बीत गया ओ कल और जो आज चल रहा है ऐ तो आप अपनी ख़ुशी के खातिर अपनी सुख सुबिधाओ के लिए आप जी रहे हो ! आप ने अपने प्यार और वफा को तो आप अपने पैरो…

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Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on June 4, 2012 at 10:25am — 1 Comment

मै निराश हूँ……………….

कभी तो मेरा प्यार तुम्हे याद आयेगा ,

कभी तो तुम्हारा दिल मेरे लिए तड़पेगा ,

जैसे की आज मै तड़पता हूँ, ,

सुबह को न सही, दोपहर को न सही ,

शाम को न सही ,रात को न सही ,

अपने मिलन की कोइ घडी तो याद आएगी ?

जब कोइ तुम्हारा दिल दुखायेगा ,

तब मेरा प्यार याद आयेगा ,

कभी तो तुम्हारा दिल तड़पेगा ?

जैसे आज मै तड़पता हूँ, ,

तुम मेरे बेगैर एक पल भी नहीं रह पाते थे ,

मुझे न देखने पर बेचैन हो जाते थे ,

अब ओ प्यार कहाँ गया…

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Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on June 18, 2011 at 4:00pm — 4 Comments

ये कैसा प्यार ?????

तुमने चाहा मेरा वजूद ही मर जाए  
किन्तु तुम्हारे प्यार में मै बुत था,

मेरे प्रेम तप से अनजान बने क्यूँ. 
क्या तुम्हें मेरा विश्वास कम था...........,

तुम शौके बहार बन आए जीवन में 
मैंने भी सब कुछ नाम किया तुम्हारे
प्रीत प्याले को हाथ में देकर
तुम अमृत की जगह विष दे डाले.......  

तुम एक प्रेयसी बन के आए थे
तुम्हारी खुशबू से महक उठा मै 
नए जोश उमंग से घड़ियाँ प्रेम की बीतीं. 
ऐसा जख्म दिया साथी, ये जिंदगी है मुझसे रूठी........

Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on April 20, 2011 at 8:00pm — 6 Comments

प्रिय ,अभी

प्रिय ,अभी

वक्त कैसे बीत रहा हैं अब आप को क्या बताऊँ हर तरफ तुम्हारी ही यादें है .हर तरफ हर जगह तुम्ही दिख रहे हो .. तुम्हारी ओ मुस्कुराहट.. तुम्हारी आहट बन कर सताती है.......तुम्हें देखने की जो ललक  तब थी.. ओ…

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Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on April 10, 2011 at 2:30pm — No Comments

क्यूँ आज हम इतने बड़े हो गए

"ओ भी क्या दिन थे..............
नानी की गोद में,
नाना के कंधे पे,
बेतहास मस्तियों में झूम रहे थे,
ना पढाई की सोच,
ना लाईफ के फंडे थे
ना कल की चिंता थी
ना भविष्य के सपने थे,
आज है कल की फिकर,
अधूरे है सपने,
मुड़कर जो देखा,
दूर बहुत है अपने,
मंजिल को ढूंढते ,
आज हम कहाँ खो गए,
क्यूँ आज हम इतने बड़े हो गए.....................,

Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on April 7, 2011 at 2:00pm — 4 Comments

"मेरी एक याद....पत्र "

 

" जब बात चुक जाए और वक्त रेत की तरह हांथो से  फिसल जाए , तो दिल से शिर्फ़ हाय ही निकलती है ! और पश्च्याताप के शिवा कुछ भी हाँथ नहीं लगता, फिर जिंदगी उस पश्च्याताप की आग में जलने लगती है , आप जब मेरे जीवन में आये तो यह येसी भावना से आये तो टूटी-फूटी झोपड़ी में.रुखा-सुखा खा के जीवन ब्यतीत करने के इरादे से आये थे ! लेकिन जहां मेरी जगह होनी चाहिए थी वहां आप ऊँचे-ऊँचे महलों के ख्वाब पाले थे.यह समझने में मुझे बहुत वक्त लग गया,जब बात हमें समझ में आती तब-तक बहुत देर हो चुकी थी,और आप अपने लिए…

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Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on April 6, 2011 at 4:24pm — No Comments

"निभाते जो साथ तो बात कुछ और थी”

मेरी जिन्दगी का मतलब काश की समझे होते,    

होते न आज इतने दूर  तो बात कुछ और होती.

है किस्मत कितनी बुरी बोलती है ऐ मेरे हाँथ की लकीरे,        

तुम पास होते तो बात कुछ और होती.                        

मै अब मेरी जिंदगी से करू क्या शिकवा गम नहीं मरने का,     

तुम साथ होते तो बात कुछ और होती.                            

एक लम्बी प्रेम पारी हम साथ…

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Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on March 27, 2011 at 11:30am — 3 Comments

प्रिय अभी

प्रिय अभी 

मै न चाहते हुए भी आज उन स्थानों  पर कभी-कभी पहुँच जाता हूँ,जहां कभी अपने प्रेम के बहारो के फूल खिले थे , ना जाने कितने आरजुओ ने जन्म लिए थे जब कभी मै उन जगहों पर जाता हूँ तो हमेशा मेरी नज़र उन जगहों को देखती है जहां हम साथ चले थे , मेरे होठो पर तुम्हारा नाम बरबस ही आ जता है,मेरी नज़रे शायद तुम्हारे पद चिन्हों को ठुंठती है ! पर उसे असफलता ही हाँथ…

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Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on March 14, 2011 at 8:05pm — 3 Comments

क्या जिंदगी ????

मै खुद की बेबसी से मजबूर हैरान हूँ

खबर क्या तुम्हें कैसे चल रही है जिंदगी

 

हर सुबह हर शाम अधूरी एक आश में,

दिल के विरह की आग में जल रही है जिंदगी

 

किससे करे शिकवा,और क्युओं करूँ

अटूट प्रेम में छली गयी मेरी जिंदगी

 

क्या खबर कब थमेगा जिंदगी का कारवाँ

बेमतलब की ईन राहो पर खल रही है जिंदगी

 

तेरी दगाबाजी से दिल यूँ चूर-चूर हो गया क्यूँ ये

 बेवफा तेरे दर्द का सितम सह रही है जिंदगी तू

Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on March 11, 2011 at 10:08pm — 3 Comments

बंद दिल के पिंजरे के पंछी

दिल का पंछी
बंद दिल के पिंजरे के पंछी
चल अब उड़ जा यहाँ से रे
उजड़ गया अब बाग़ बगीचा सब लगे बेगाना रे
कुदरत ने जिसे संवारा इंसान ने उसे काट डाला रे
सुनने वाला कोइ नहीं तेरे जीवन की कहानी रे
आने वाला पल तुझे दर्द ही दिए जाए रे
इस मतलब भरी दुनिया में तेरा दर्द न जाने कोई रे
नहीं कह सकता हाले दिल किसी को है कैसी तेरी जिंदगानी रे
तेरे ही लहू से विधाता ने लिखी तेरी कहानी रे
इस बंद ह्रदय में तू कब तक फडफाड़ाऐगा चल फुर्र हो जा रे
"अभिराजअभी"

Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on March 9, 2011 at 6:43pm — 2 Comments

मैंने प्यार किया था...............

तुमसे कितना प्यार किया ऐ कभी समझा नहीं                  

                 तुम्हारे न आने पर हम कितने उदास होते थे                   

 तुम्हें हम कितना याद करते थे,                                    

               आपने ओ कभी महसूस नहीं किया                                                  

 आप पे हमने कितना…

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Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on March 6, 2011 at 8:00pm — No Comments

कहावत है की प्यार जहाँ, दर्द, वहाँ , आखिर ऐसा क्यूँ ?

कहावत है की प्यार जहाँ, दर्द, वहाँ ,  आखिर  ऐसा क्यूँ ?



प्यार, दर्द, एहसास, सच और झूठ सब मिलकर ' छुपा -छुपी ' का खेल खेलने का फैसला किया ! और जैसे ही दर्द ने छुपाने को कहा सब अपने-अपने जगह छुप गए, फिर दर्द ने गिनती सुरु की और सब पकडे भी गए, पर प्यार पकड़ा नहीं गया, क्यूंकि प्यार गुलाब की झाड़ियों में जा छुपा था, सब ने मिलकर प्यार को खोज निकाला, फिर दर्द ने प्यार को खीचा, गुलाब की झाड़ियों में छुपे होने से दर्द को जोर लगाकर खीचने से गुलाब के कांटे प्यार की…

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Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on March 6, 2011 at 7:30pm — No Comments

अभिराजभी..................................

 

अभिराजभी..................................

तुम्हारा चेहरा जब आँखों के सामने होता है

जो कभी मेरे इस ह्रदय के राजदार थे

आज तेरे वियोग में ह्रदय मेर तड़पता है

तेरे ओ वादे इरादे तेरी ओ कसमे

आज  मेरे ह्रदय के यादगार है,

गलत मै हूँ जो तुम्हें भुला न सका

 तुम तो किये लाख बहाने

दिल लगाने से पहले तैयार थी 

तुम्हारी…

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Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on March 6, 2011 at 12:53pm — No Comments

यादें,,,,,,,,,,,,,,

 

हम जब कभी बारिश की पहली बूंद में भीगे थे
वह बात आज भी तन मन को छू कर जाती है
तो तुम्हें याद करता हूँ,तुम्हें महसूस करता हूँ
इन आँखों में तुम्हारी एक तस्वीर उभर आती है
जब तुमें मै याद करता हूँ,
तुम छोड़ हमें चाहे जाओ कितनी ही दूर
मेरी आँखों का चैन चुरा बन जाओ
किसी का…
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Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on March 6, 2011 at 12:00pm — No Comments

गहरा प्यार.......................



गहरा प्यार.......................
जब तुम्हें कभी हो यह महसूस   

की प्यार किसी का कम हो रहा है 

आशाओं के तुम्हारे जीवन में

निराशाओं का कुहरा छाने लगे 

प्रेम पथ की गति जब कभी थमने लगे 

खुशियों के दामन में 
जब मायूसी  झाने लगे        
तुम लौट आना-तुम लौट आना

दफ़न किये जो मेरे प्यार को 

अर्थ…
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Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on March 5, 2011 at 5:00pm — No Comments

यादें.................

यादें.................



मन की उदासी को ह्रदय में,

बसा के रख लिया ,

आप की बेवफाई को,

जीवन अंग समझ लिया !

मैंने की बेहद मुहब्बत मगर,

आपको क्या फर्क पडा,

तुमने लिए जो फैसले प्यार में,

उस दर्द से दिल मेरा रो पडा !

मिलेंगे तुम्हें हज़ारो दौलतमंद पर,

प्रीत की होगी वहां न भनक,

राह भूल मेरे अनमोल प्रेम को,

तोड़ देगी पैसे की खनक !

अपने सारे गमो को मै छुपा लूंगा,

एक तुम्हारी ख़ुशी के लिए

अब ना आयेंगे…

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Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on March 3, 2011 at 7:30pm — 2 Comments

आप खुश रहना................

आप खुश रहना................

है दिए जो जख्म आपने दिल को,

भर दे उसे कोई किसी में है ओ प्रीत कहाँ,

बहते मेरे लावारिस अश्को को कोई थामले,

है एक तेरे सिवा दूसरा मन्मित कहाँ, 

है किये जो घोर अँधेरा मेरे जीवन में,

आक़े करे कोई रोशन है यैसी तक़दीर कहाँ,

जब ह्रदय की आशाएं बंद हो चली हो,

फिर इस बेचैन दिल को मिलता है करार कहाँ,

जब तुम कर चले बेदरंग इस जीवन को,

फिर इस जीवन में किसी और प्रीत रंग की है आश…

Continue

Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on March 3, 2011 at 12:00pm — 2 Comments

"हरहर-महादेव"

!! महाशिव रात्री की बहुत ठेर सारी सुभ-कामनाए !!



"ॐ त्र्यम्‍बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्

उर्वारुकमिव बन्‍धनान् मृत्‍योर्मुक्षीय मा मृतात्"



"समस्‍त संसार के पालनहार तीन नेत्रो वाले शिव की हम अराधना करते है, विश्‍व मे सुरभि फैलाने वाले भगवान शिवमृत्‍यु न कि मोक्ष से हम "OBO" के सारे सभासद को मुक्ति दिलाएं"



"शिव की महिमा,शिव का प्यार



शिव… Continue

Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on March 2, 2011 at 5:37pm — 1 Comment

आप तो आप थे ........."

आप तो आप थे .........



है दिए जो जख्म आपने दिल को,

भर दे उसे कोई किसी में है ओ प्रीत कहाँ,

बहते मेरे लावारिस अश्को को कोई थामले,

 एक तेरे सिवा दूसरा ओ मन्मित कहाँ, 

आप ने  किये जो घोर अँधेरा मेरे जीवन में,

आक़े अब कोई रोशन करे  है यैसी तक़दीर कहाँ,

जब ह्रदय की आशाएं बंद हो चली…

Continue

Added by Sanjay Rajendraprasad Yadav on February 26, 2011 at 7:00pm — 2 Comments

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