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Archana Tripathi
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Latest Activity

Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-64 (विषय: प्रयास)
"आदरणीय मनन कुमार सिंह जी, रचना पर अमूल्य समय देने के लिएआपकि ह्रदय तल से आभारी हूँ।'रचना में भाषा को सहेजना' कथा मे लिखे कठोर शब्दो/वाक्यों से हैं? क्या इस तरह की कटुता जब हम सुनते हैं तब भी कथा में इस्तेमाल नही करनी चाहिए? कृपया अन्यथा ना…"
Jul 31, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-64 (विषय: प्रयास)
"राह रेवांश के 12 वी की परीक्षाओं में ना बैठने मिलने पर पूरा परिवार गीता को ताने देने से नही चूक रहा था। एक सदस्य ," इसी के लाड प्यार ने बर्बाद कर दिया बेटे को" दूसरा सदस्य," परिवार का नाम डूब दिया" तीसरा सदस्य,"आवारा निकल…"
Jul 31, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-63 (विषय: मातृभूमि)
"बढ़िया कथा के लिए हार्दिक बधाई आ. शेख शहजाद उस्मानी जी"
Jun 30, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-63 (विषय: मातृभूमि)
"हार्दिक धन्यवाद आपका आ. मनन कुमार सिंह जी"
Jun 30, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-63 (विषय: मातृभूमि)
"आ. लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी, कथा पर अमूल्य समय देने के लिए हार्दिक आभार आपका।"
Jun 30, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-63 (विषय: मातृभूमि)
"आ.मोहन बेगोवाल जी , हार्दिक आभार आपका।"
Jun 30, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-63 (विषय: मातृभूमि)
"आ. शेख शहजाद उस्मानी जी, सकारात्मक उत्साह वर्धन के लिए हार्दिक आभार आपका"
Jun 30, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-63 (विषय: मातृभूमि)
" आ. बबिता गुप्ता जी, हार्दिक आभार आपका।"
Jun 30, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-63 (विषय: मातृभूमि)
"मातृभुमि "तुम कब क्या करोगी इस बात का कोई ठिकाना ही नही रह गया हैं। कल तुमने शराब ही नही पी थी बल्कि उस लड़के के साथ बेहयाई की सारी हद पार कर दी थी। " रेवा की बात सुन तिलमिलाती हुई काव्या ने उल्टा सवाल दाग दिया,"क्या आप मेरी जासूसी कर…"
Jun 29, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
" बढिया लघुकथा के लिए हार्दिक बधाई आ. Sheikh Sahjad Usmani जी"
May 31, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"जबरदस्त कटाक्ष करती लघुकथा के लिए हार्दिक बधाई आ. Manan Kumar Singh जी "
May 31, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
" आ. Veena Sethi जी , प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई। आपकी कथा विषय को कैसे परिभषित कर रही हैं? साथ ही प्रस्तुत कथा से कोई संदेश भी नही मिल पा रहा हैं।सादर"
May 31, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"गागर में सागर सी आपकी लघुकथा के लिए हार्दिक बधाई आ. Namita Sunder जी "
May 31, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"ओह ! यह भी एक रास्ता हैं पता नही था।उम्दा कथा के लिए हार्दिक बधाई आ Tej Veer Singh जी"
May 31, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
" उम्दा कथा आ. गणेश बागी जी , आपने एक पुराने समय को कथा द्वारा जीवित कर दिया। एक समय था जब पुरानी नौकरानी साधिकार घर आई नई बहुओं का भी मार्गदर्शन करती थी।हार्दिक बधाई आपको"
May 31, 2020
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
" कथा पर अमूल्य समय देने के लिए आ. Er Ganesh Jee Bagi जी हार्दिक आभार"
May 31, 2020

Profile Information

Gender
Female
City State
Tanakpur, Uttarakhand
Native Place
Allahabad
Profession
housewife
About me
चलना ही जिंदगी है।

Archana Tripathi's Blog

लघुकथा

प्रतिफल

चन्द दिनों मे ही पर्याप्त नींद लेकर मैं स्वस्थ सी लगने लगी थी। उसमे करना भी कुछ ना था बस एकाग्रचित्त होकर मंत्र का मानसिक जाप करना था। आज पुनः उनके पास जाना था ।निलय किसी भी सूरत चलने को तैयार ना थे।दरअसल उन्हें विश्वास भी ना था इन बातों पर। मेरे अंदर की लालसा ने, कुछ धर्मगुरुओं द्वारा किये गलत आचरण को भी परे कर दिया था।

" गुरुजी मेरे विवाह को दस वर्ष हो चुके हैं,लेकिन हम संतान सुख से वंचित हैं और इलाज कराते कराते थक गए हैं।"

कुछ गणना के पश्चात , " आपको दवा, दुआ…

Continue

Posted on June 17, 2019 at 3:18am

औपचारिक्ता की दरकार

औपचारिक्ता की दरकार "

" पागलों की तरह भागते हुए लेक्चरर शिल्पी ने कॉलेज में आये उस नवयुवक को आलिंगन में यूँ जकड़ लिया जैसे वह भाग ना पाये।यह बात पुरे कालेज में जंगल में आग की तरह फैल गयी।जितने मुँह उतनी बातें और उतने ही लांछन!

अपने ऊपर लगते लांछनों ने उसे भीतर तक तोड़ दिया और आज तो उनकी पराकाष्ठा हो गयी थी ।लेकिन कभी-भी हार ना मानने वाली शिल्पी सभ्य सहयोगियों से दो-चार हो ली।



" मैं क्यों बदचलन आवारा हूँ कोई बताएगा मुझे ? क्योकि मैं सबसे हँसकर बात करती हूँ? क्योकि मैंने… Continue

Posted on February 18, 2016 at 3:34pm — 8 Comments

कंगली (लघुकथा )

साक्षी ने सारी सीमाएं विवाह पूर्व ही तोड़ दी थी ।विवश हो उसके प्रेम विवाह को सहमति देनी पड़ी लेकिन विवाह के मात्र आठ माह बाद तीन माह की पुत्री को लेकर लौट आयी थी । बिटिया तीन वर्ष की हो गयी थी ।साक्षी ने पुनः विवाह कर लिया बेटी ननिहाल में ही पल रही थी।इसी बात से संतोष था की वह ससुराल में रम जाय लेकिन -

" माँ अब मैं उस घर नहीं जाउंगी।"



"क्यों ? अब क्या हो गया ?"



"उसे पत्नी नहीं माँ के लिए नौकरानी चाहिए थी और वह तो पूरा कंगला हैं ,मैंने तो उसकी चमक देख ब्याह किया… Continue

Posted on October 27, 2015 at 11:52pm — 13 Comments

वंश वृद्धि (लघुकथा)

कवि सम्मेलन के आगाज़ के साथ ही नवांकुर कवि के कविता पाठ करते ही मरघट सा सन्नाटा पसर गया।बामुश्किल नामी कवी ने बात आगे बढ़ाते हुए कहा -

" इन्हें कलम चलानी तो आती नहीं फिर माहौल खराब करने के लिए यहाँ किसने आमन्त्रित किया हैं ?"

" अरे , शर्मा जी इन नवांकुरों को मैंने आमन्त्रित किया हैं ।इन्हें सिखाना भी तो जरुरी हैं।"

" ये केवल नाम बटोरना चाहते हैं ,लगन मेहनत से कोई वास्ता नहीं इनका।इन्हें मंच से हटाया जाय "

"शर्मा जी, ये हमे अपना आदर्श मानते हैं "

" तो हम ही मंच छोड़ देते…

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Posted on September 14, 2015 at 12:46am — 24 Comments

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At 11:45am on November 4, 2019, TEJ VEER SINGH said…

जन्म दिन की हार्दिक बधाई आदरणीय अर्चना जी। ईश्वर सदैव सुख, शांति एवं समृद्धि प्रदान करें। दीर्घायु बनो स्वस्थ रहो। हमेशा उन्नति के पथ पर अग्रसर रहो। हमारे सारे परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं।

At 11:04am on November 4, 2018, TEJ VEER SINGH said…

जन्म दिन की हार्दिक बधाई आदरणीय अर्चना त्रिपाठी जी।

At 6:31pm on August 23, 2015, brajesh kumar tripathi said…

Dhanyavad priy archana ji .Aapke sneh ke liye aabhari hain.kshama karengi,kyonki aaj mera vah computer khrab hai jispar Devnagari me likha ja sakta hai.

punah anekashah abhar.

 main samprati Faizabad Ayodhya me nivas kar raha hun.Allahabad bank se sewanivritt hua hun.

mera mob.9935802996,8576884809 hain

 brajesh kumar tripathi

 
 
 

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