For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Abrar Ahmed
  • Male
  • Madhya Pradesh
  • India
Share on Facebook MySpace

Abrar Ahmed's Friends

  • अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी
  • Md. Anis arman
  • amod shrivastav (bindouri)
  • Samar kabeer

Abrar Ahmed's Groups

 

Abrar Ahmed's Page

Latest Activity

Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"बहुत बहुत शुक्रिय: आदरणीय। आपकी ज़र्रा नवाज़ी है। "
Aug 30, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"आदरणीया ऋचा यादव जी, ज़र्रा नवाज़ी के लिए बेहद शुक्रिय: ,आपका!"
Aug 29, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"जनाब अमीरुद्दीन साहिब, ज़र्रा नवाज़ी के लिए बहुत शुक्रिय: ! "जाता" और "होता" पर आपकी राय क़ाबिल-ए-ग़ौर है, इस पर उस्ताद-ए-मुहतरम से मशवरा लूँगा इंशा अल्लाह। "
Aug 29, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"जनाब अजय साहिब, ज़र्रा नवाज़ी के लिए बहुत शुक्रिय: आपका!"
Aug 29, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"उस्ताद-ए-मुहतरम, हौसला अफ़ज़ाई के लिए बेहद शुक्रगुज़ार हूँ आपका।"
Aug 29, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"जनाब अमित भाई, ज़र्रा नवाज़ी के लिए बहुत शुक्रिय:💐 "
Aug 29, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"जनाब चेतन प्रकाश साहब, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है। शेष भाई अमित साहिब बता चुके हैं। "
Aug 29, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"जनाब दिनेश कुमार विश्वकर्मा साहिब, ग़ज़ल की उम्द: काविश है। बधाई स्वीकार कीजिए। जनाब अमित भाई की इस्लाह से ग़ज़ल में निखार आ रहा है।"
Aug 29, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"जनाब सालिक गणवीर साहिब, आदाब! तरही मिसरे पर अच्छी ग़ज़ल कही आपने। मुबारकबाद ! गुणीजन की राय क़ाबिल-ए-ग़ौर है।"
Aug 29, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"मुहतरम: ऋचा यादव जी, अच्छी ग़ज़ल कही है आपने बधाई स्वीकार करें। जनाब अमित साहिब की इस्लाह क़ाबिल-ए-ग़ौर है।"
Aug 29, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' साहिब, अच्छी ग़ज़ल हुई है , बधाई स्वीकार करें। गुणीजन की राय क़ाबिल-ए-ग़ौर है।"
Aug 29, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"जनाब संजय शुक्ला साहिब, आदाब! बहुत ख़ूब! ग़ज़ल की मुबारकबाद! जनाब अमित भाई की राय क़ाबिल-ए-ग़ौर है। "
Aug 29, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"जनाब अमीरुद्दीन 'अमीर' साहिब, बहुत ख़ूब! बढ़िया ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फ़रमाए। गुणीजन की राय क़ाबिल-ए-ग़ौर है। "
Aug 29, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"जनाब अमित भाई आदाब! बिहतरीन ग़ज़ल से नवाज़ा है आपने मंच को। मुबारकबाद क़ुबूल फ़रमाए।"
Aug 29, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"आदाब! उस्ताद-ए-मुहतरम"
Aug 29, 2024
Abrar Ahmed replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-170
"221-1221-1221-122 ग़म यार किसी शख़्स का देखा नहीं जातापर हमसे मुक़द्दर भी तो बदला नहीं जाता नज़रों से चलाया है मिरे दिल पे जो उसने वो तीर निकाले  से  निकाला  नहीं  जाता ये आज तुम्हें डसने के क़ाबिल नहीं रहतेसाँपों  को…"
Aug 29, 2024

Profile Information

Gender
Male
City State
Ujjain Madhya Pradesh
Native Place
Ujjain
Profession
Manager Engineering
About me
Learner

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 5:17pm on May 17, 2025, Erica said…

I need to have a word privately,Could you please get back to me on ( mrs.ericaw1@gmail.com)Thanks.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आ. भाई सुशील जी , सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहा मुक्तक रचित हुए हैं। हार्दिक बधाई। "
18 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय अजय गुप्ताअजेय जी, रूपमाला छंद में निबद्ध आपकी रचना का स्वागत है। आपने आम पाठक के लिए विधान…"
22 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय जी ।सृजन समृद्ध हुआ…"
23 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । आपका संशय और सुझाव उत्तम है । इसके लिए…"
23 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आयोजन में आपकी दूसरी प्रस्तुति का स्वागत है। हर दोहा आरंभ-अंत की…"
23 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आपने दोहा मुक्तक के माध्यम से शीर्षक को क्या ही खूब निभाया है ! एक-एक…"
23 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२१२२/२१२२/२१२ **** तीर्थ  जाना  हो  गया  है सैर जब भक्ति का हर भाव जाता तैर जब।१। * देवता…See More
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"अंत या आरंभ  --------------- ऋषि-मुनि, दरवेश ज्ञानी, कह गए सब संतहो गया आरंभ जिसका, है अटल…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा पंचक  . . . आरम्भ/अंत अंत सदा  आरम्भ का, देता कष्ट  अनेक ।हरती यही विडम्बना ,…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा मुक्तक. . . . . आदि-अन्त के मध्य में, चलती जीवन रेख ।साँसों के अभिलेख को, देख सके तो देख…"
Saturday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"नमस्ते, सुशील जी। आप से मिली सराहना बह्त सुखदायक है। आपका हार्दिक आभार।"
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा एकादश. . . . . पतंग

मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
Wednesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service