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Md. Anis arman
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  • Abrar Ahmed

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Latest Activity

Samar kabeer commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"जनाब अनीस जी आदाब, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है, बधाई स्वीकार करें ।"
Dec 21, 2021
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई अनीस जी, सादर अभिवादन। सुन्दर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Dec 18, 2021
Shyam Narain Verma commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"नमस्ते जी, बहुत ही सुंदर ग़ज़ल, हार्दिक बधाई l सादर"
Dec 13, 2021
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"जनाब अनीस 'अरमान' साहिब आदाब, बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है, हर शे'र उम्द: हुआ है, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें और बराहे करम दूसरों की रचनाओं पर भी टिप्पणीयाँ दिया करें। सादर। "
Dec 13, 2021
Md. Anis arman posted a blog post

ग़ज़ल

होते न अगर मौला समंदर तेरे खारे अब तक इसे पी जाते सभी प्यास के मारे कम गिनती में पड़ जाएँ फ़लक के ये सितारे दिखला दिए  हमने जो कभी ज़ख़्म हमारे मैं ख़ुद को फँसा  लेता हूँ तूफ़ान में और फिर तूफ़ाँ ही मेरी कश्ती लगाता है किनारे इक चाँद मेरे पहलू में सोता है मगर सच रहते हैं ख़यालों  में कई जुगनू सितारे सच बोलूँ  तरस आता है अब देख के तुझको क्या हाल बना डाला तेरा इश्क़ ने प्यारेसाहिब सभी कहते हैं तो होती है ख़ुशी  पर ख़्वाहिश है यही कोई मेरा नाम पुकारे मौलिक अप्रकाशित See More
Dec 12, 2021
Md. Anis arman commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"जनाब लक्ष्मण धामी मुसाफ़िर साहब ग़ज़ल तक आने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया, हार्दिक आभार "
Dec 12, 2021
Md. Anis arman commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"जनाब जवाहर लाल सिंह जी ग़ज़ल तक आने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया, हार्दिक आभार "
Dec 12, 2021
Md. Anis arman commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"जनाब समर कबीर साहब देर से जवाब देने के किए मुआफ़ी चाहता हूँ, ग़ज़ल तक आने और अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया, आपके बताए अनुसार सुधार कर लेता हूँ "
Dec 12, 2021
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई अनीस जी, सादर अभिवादन । बहुत खूब गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Oct 27, 2021
JAWAHAR LAL SINGH commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"7)काम नहीं करते हो उतनाजितनी बातें करते हो तुम 8)चैन मिलेगा कैसे तुमकोगुज़री बातें करते हो तुम आदरणीय अनीस अरमान जी, मुझे उपर्युक्त  पंक्तियाँ बहुत अच्छी लगी .. बधाई स्वीकारें!"
Oct 19, 2021
Samar kabeer commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"जनाब अनीस `अरमान` जी आदाब, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है , बधाई स्वीकार करें I  व्छु`प कर मिलने क्यों आऊँ मैंख़ाली बातें करते हो तुम` इस शे`र के सानी मिसरे में उचित लगे तो `ख़ाली` की जगह `कैसी` कर सकते हैं I "
Oct 11, 2021
Md. Anis arman posted a blog post

ग़ज़ल

22, 22, 22, 22, 1)कितनी बातें करते हो तुम ख़ाली बातें करते हो तुम2)तुमको कोई मरज़ है क्या बस अपनी बातें करते हो तुम3) सीधा बंदा हूँ क्यों मुझसे उल्टी बातें करते हो तुम4)छुप कर मिलने क्यों आऊँ मैं ख़ाली बातें करते हो तुम5)होने लगता है कुछ दिल में जब भी बातें करते हो तुम6) चाँद सितारों से क्या अब भी मेरी बातें करते हो तुम7)काम नहीं करते हो उतना जितनी बातें करते हो तुम8)चैन मिलेगा कैसे तुमको गुज़री बातें करते हो तुममौलिक अप्रकाशित See More
Oct 7, 2021
Md. Anis arman commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"जनाब लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी ग़ज़ल तक आने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया "
Aug 30, 2021
Md. Anis arman commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"जनाब रवि शुक्ला जी ग़ज़ल तक आने और पसंद करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया "
Aug 30, 2021
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई अनीस जी, सादर अभिवादन। बेहतरीन गजल हुई है । हार्दिक बधाई । "
Aug 26, 2021
Ravi Shukla commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"उम्दा गजल कही आपने आदरणीय  अनीस जी रदीफ का बेहतर इस्तेमाल हुआ । मुबारक बाद कुबूल करें "
Aug 26, 2021

Profile Information

Gender
Male
City State
sakti chhattisgarh
Native Place
sakti
Profession
business
About me
i m simple man

Md. Anis arman's Blog

ग़ज़ल

होते न अगर मौला समंदर तेरे खारे

अब तक इसे पी जाते सभी प्यास के मारे

कम गिनती में पड़ जाएँ फ़लक के ये सितारे

दिखला दिए  हमने जो कभी ज़ख़्म हमारे

मैं ख़ुद को फँसा  लेता हूँ तूफ़ान में और फिर

तूफ़ाँ ही मेरी कश्ती…

Continue

Posted on December 12, 2021 at 8:30pm — 4 Comments

ग़ज़ल

22, 22, 22, 22,

1)कितनी बातें करते हो तुम

ख़ाली बातें करते हो तुम

2)तुमको कोई मरज़ है क्या बस

अपनी बातें करते हो तुम

3) सीधा बंदा हूँ क्यों मुझसे

उल्टी बातें करते हो तुम

4)छुप कर मिलने क्यों आऊँ मैं

ख़ाली बातें करते हो तुम

5)होने लगता है कुछ दिल में

जब भी बातें करते हो तुम

6) चाँद सितारों से क्या अब भी

मेरी बातें करते हो…

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Posted on October 7, 2021 at 8:42pm — 6 Comments

ग़ज़ल

2122, 2122, 2122



1)कर लिया हमने ख़सारा दो मिनट में

हो गया दिल ये पराया दो मिनट में

2)उम्र उसकी राह तकते कट गई है

आ रहा हूँ कह गया था दो मिनट में

3)थी उसे जल्दी तो मैं भी कुछ न बोला

हाल उसको क्या सुनाता दो मिनट में

4)जिस्म कैसे साथ दे अब उम्र भर तक

पक रहा है आज खाना दो मिनट में

5)होती है नाज़ुक बहुत रिश्तों की डोरी

टूट जाता है भरोसा दो मिनट…

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Posted on August 5, 2021 at 10:12am — 10 Comments

नज़्म



उदास तारा

1212, 1122, 1212, 22



न बदली  छाई थी कोई न कुहरा छाया था

लपेटे चाँदनी अपनी  क़मर भी निकला था 

सजा था रात सितारों से आसमाँ सारा

उन्हीं के बीच था गुमसुम उदास इक तारा 

उदास देख उसे दिल मेरा मचलने लगा

कि बात करने का उससे ख़याल पलने लगा 

बुलाया मैंने इशारे से फिर क़रीब उसे

कहा बता तू ज़रा  हाल ऐ हबीब मुझे …

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Posted on July 31, 2021 at 10:11am — 6 Comments

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At 12:34pm on August 24, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय अनीस शैख़ जी आदाब , बहुत बहुत शुक्रिया!
दण्डपाणि नाहक
At 8:34pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय मो. अनीस शैख़ जी आदाब, हौसला बढ़ाने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया !
At 7:48am on June 29, 2019, dandpani nahak said…
बहुत शुक्रिया आदरणीय अनिस शेख जी
At 10:33am on May 26, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय मोहम्मद अनीस शेख साहब आदाब हौसला अफजाई का बहुत शुक्रिया
At 12:29pm on March 22, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय मोहम्मद अनीस शेख साहब आदाब
बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने का
At 11:44pm on February 23, 2019, dandpani nahak said…
बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय
At 8:06am on January 27, 2019, dandpani nahak said…
बहुत शुक्रिया आदरणीय
 
 
 

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