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पुस्तक समीक्षा Discussions (110)

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Featured Discussions

''परों को खोलते हुए'' की काव्यात्मक समीक्षा....................आदित्य चतुर्वेदी........समीक्षक

''परों को खोलते हुए'' की काव्यात्मक समीक्षा....................आदित्य चतुर्वेदी........समीक्षक //1// देखिए तीस परों को खोलते हुएअक्षर-अक्ष…

Started by aditya chaturvediLatest Reply

''छन्द काव्यामृत"...-----------------.रचनाकार- डा0 आशुतोष बाजपेयी

!!! पुस्तक समीक्षा !!! ''छन्द काव्यामृत"..... ............पारंपरिक छन्द विधाओं का परिपालन करते हुए सरस, सहज और धारा प्रवाह विचार, बोधगम्य…

Started by केवल प्रसाद 'सत्यम'Latest Reply

Discussions Replies Latest Activity

पुस्तक समीक्षा : ‘कहे जैन कविराय’ (कुण्डलिया संग्रह)

रचनाकार : अशोक कुमार जैन प्रकाशक : अमोघ प्रकाशन, गुरुग्राम-122001(हरियाणा) मूल्य : रूपये १००/- मात्र.                ‘कहे जैन कविराय’ कुण…

Started by Ashok Kumar Raktale

0 Sep 30, 2022

समीक्षा : चाक पर घूमती रही मिट्टी

पुस्तक : चाक पर घुमती रही मिट्टी (ग़ज़ल संग्रह) रचनाकार : आराधना प्रसाद प्रकाशक : ग्रथ अकादमी, 19, पहली मंज़िल, 2, अंसारी रोड,दरियागंज, नई दि…

Started by Ashok Kumar Raktale

0 Jul 9, 2022

"लघुकथा कौमुदी"  -  यथार्थ और कल्पना के बीच की ज़मीन पर पनपती लघुकथाएँ. . .

"लघुकथा कौमुदी"  -  यथार्थ और कल्पना के बीच की ज़मीन पर पनपती लघुकथाएँ. . . वर्तमान में लघुकथा, साहित्य की एक ऐसी विधा बन चुकी है जिसकी कथ्…

Started by VIRENDER VEER MEHTA

0 May 1, 2022

समीक्षा -समकालीन मुकरियाँ

समीक्षा : ‘समकालीन मुकरियाँ ’ सम्पादक – त्रिलोक सिंह ठकुरेला ISBN : 978-81-95138-18-0 प्रकाशक – राजस्थानी ग्रन्थागार, जोधपुर मूल्य : रुपय…

Started by Anamika singh Ana

1 Jan 24, 2022
Reply by Ashok Kumar Raktale

समीक्षा : 'न बहुरे लोक के दिन' (नवगीत संग्रह)

‘न बहुरे लोक के दिन’ रचनाकार – अनामिका सिंह प्रकाशक – बोधि प्रकाशन, जयपुर (राज.) ISBN : 978-93-5536-091-5 मूल्य -  रूपये 250/-             …

Started by Ashok Kumar Raktale

2 Jan 14, 2022
Reply by Ashok Kumar Raktale

समीक्षा पुस्तक : दोहा-सागर

समीक्षा : दोहा-सागर रचयिता : पंकज शर्मा ‘तरुण’ प्रकाशक : उत्कर्ष प्रकाशन, 142, शाक्य पूरा, कंकर खेडा, मेरठ केंट-२५०००१, (उ.प्र.) प्रथम संस्…

Started by Ashok Kumar Raktale

0 May 1, 2020

देवभूमि के इतिहास का गौरव-पृष्ठ है –यह उपन्यास ‘चन्द्रवंशी’ ::डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

अतीत से जुड़ना भी एक मानवीय प्रवृत्ति है I जिन साहित्यकारों को अतीत से मोह होता है वे प्रायशः भारतीय इतिहास के किसी गौरवशाली पृष्ठ को टटोलते…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Dec 31, 2019

समीक्षा पुस्तक : टुकड़ा-टुकड़ा धूप (दोहा संकलन)

पुस्तक : टुकड़ा-टुकड़ा धूप (दोहा संकलन) सम्पादक : रेखा लोढ़ा ‘स्मित’ सह-सम्पादक : वीरेंद्र कुमार लोढ़ा मूल्य : रूपये 150/- मात्र प्रकाशक : बोधि…

Started by Ashok Kumar Raktale

1 May 7, 2019
Reply by Saurabh Pandey

निकष पर -ःकिरण किरण रोशनी’            ::   डा. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

 समीक्ष्य पुस्तक- किरण किरण रोशनी (कहानी संग्रह) लेखिका-रूबी शर्मा प्रकाशन वर्ष- 2017 ई0 प्रकाशक- नमन प्रकाशन, स्टेशन रोड, लखनऊ            …

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Apr 23, 2019

ककनमठ( उपन्यास) समीक्षा

प्रथम प्रयास  पुस्तक : ककनमठ लेखक: पं. छोटेलाल भरद्वाज प्रकाशक: प.दिनेश भरद्वाज मूल्य: ५००/- रूपये प्रथम संस्करण: १९८८ द्वितीय संस्करण: २०…

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़')

2 Feb 25, 2019
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

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"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल : बलराम धाकड़ (पाँव कब्र में जो लटकाकर बैठे हैं।)
"आ. भाई बलराम जी, सादर अभिवादन। बेहतरीन गजल हुई है। हार्दिक बधाई।  क्या "शाइर" शब्द…"
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ग़ज़ल-रफ़ूगर

121 22 121 22 121 22 सिलाई मन की उधड़ रही साँवरे रफ़ूगर सुराख़ दिल के तमाम सिल दो अरे रफ़ूगर उदास रू…See More
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