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Richa Yadav
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Welcome, Richa Yadav "Riya"

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Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय नादिर जी,नमस्कार अच्छी ग़ज़ल हुई, बधाई स्वीकार कीजिए मतले में काफ़िया की बंदिश हुई है। सादर"
Sep 25
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीया रचना जी,नमस्कार बहुत आभार आपका,जी ज़रूर। सादर।"
Sep 25
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय कबीर जी, जी ठीक है, फिर कोशिश करूँगी,बहुत शुक्रियः आपका सादर।"
Sep 25
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय कबीर जी, जी सुनी है, याद रखने में ग़लती हुई,मुझे लगा खजूर पे, अटके होता है। ग़लती हुई मुझसे। सादर।"
Sep 25
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय चेतन जी,नमस्कार बहुत बहुत शुक्रियः आपका सराहना के लिए और त्रुटियों से अवगत कराने के लिए,सुधार का प्रयास किया है।आभार आपका। सादर।"
Sep 25
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय दिनेश जी,नमस्कार बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार कीजिए। मतले में शायद खजूर पे* कहना उचित होगा।बाक़ी गुणीजन बता सकते हैं। सादर।"
Sep 25
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय सौरभ जी, नमस्कार बहुत बहुत शुक्रिया आपका इस विषय पे प्रकाश डालने के लिए,  कुछ नया जानने को मिला,आभार आपका। सादर"
Sep 25
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीया दीपांजली जी बहुत शुक्रिया आपका सादर।"
Sep 25
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय दिनेश जी, नमस्कार ख़ूब ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार कीजिए सादर।"
Sep 24
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय मुनीश जी,नमस्कार अच्छी ग़ज़ल हुई है बधाई स्वीकार कीजिए सादर।"
Sep 24
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय सालिक जी, कबीर सर जी की इस्लाह क़ाबिल-ए-गौर है। सादर।"
Sep 24
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय नाहक़ जी बहुत आभार आपका सादर।"
Sep 24
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय सालिक जी,नमस्कार बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार कीजिए सादर।"
Sep 24
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय तस्दीक़ जी, नमस्कार बहुत ख़ूब हुई ग़ज़ल, बधाई स्वीकार कीजिए सादर।"
Sep 24
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीया रचना जी, बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही है, कबीर सर की इस्लाह के बाद और भी निखर जायेगी,बधाई स्वीकार कीजिए। सादर।"
Sep 24
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135
"आदरणीय नाहक़ जी,नमस्कार बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार कीजिए। सादर।"
Sep 24

Profile Information

Gender
Female
City State
Faridabad Haryana
Native Place
Alaahabad U.P.
Profession
home maker
About me
computer engineer by heart Shayar

Richa Yadav's Blog

ग़ज़ल-हर बात अपने दिल की बताई नहीं जाती।

221 2121 1221 212



हर बात अपने दिल की बताई नहीं जाती

करके कोई दुआ भी यूँ गाई नहीं जाती।1

दिल आपकेे है बस में ये अब जानते हैं हम

जादूगरी ऐसी भी दिखाई नहीं जाती।2

हैं दर्द-ओ-ग़म भरे हुए इतने कि क्या कहें

ये दास्तान दिल की सुनाई नहीं जाती।3

ये बदगुमानी आपकी आई है बीच में

बिगड़ी है इतनी बात बनाई नहीं जाती।4

फिर साथ होगी होली दीवाली की धूम भी

हमसे अकेले ईद मनाई नहीं जाती।5

दिल आपका दुखा तो…

Continue

Posted on December 7, 2020 at 1:29pm — 4 Comments

मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया

बह्र:- 221 2121 1221 212

मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया

मुद्दत हुई तो यार का दीदार हो गया

वो जो चला गया है मेरा शह्र छोड़ कर

लगता है ऐसा मुझको मैं बीमार हो गया

बेमोल ही रहे न किया ज़िंदगी से ग़म

तूने छुआ मुझे तो मैं दीनार हो गया

था मर्ज़ ऐसा जिसकी नहीं थी दवा कोई

तू हाथ थाम कर मेरा तीमार हो गया

तूने गले लगाया "रिया" को मेरे ख़ुदा

लगता है जैसे क़द मेरा मीनार हो गया

"मौलिक व…

Continue

Posted on October 30, 2020 at 3:30pm — 10 Comments

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