For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आदरणीय साहित्य प्रेमियो,

जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर नव-हस्ताक्षरों, के लिए अपनी कलम की धार को और भी तीक्ष्ण करने का अवसर प्रदान करता है. इसी क्रम में प्रस्तुत है :

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-120

विषय - "अवसर"

आयोजन अवधि- 10 अक्टूबर 2020, दिन शनिवार से 11 अक्टूबर 2020, दिन रविवार की समाप्ति तक अर्थात कुल दो दिन.

ध्यान रहे : बात बेशक छोटी हो लेकिन ’घाव करे गंभीर’ करने वाली हो तो पद्य- समारोह का आनन्द बहुगुणा हो जाए. आयोजन के लिए दिये विषय को केन्द्रित करते हुए आप सभी अपनी मौलिक एवं अप्रकाशित रचना पद्य-साहित्य की किसी भी विधा में स्वयं द्वारा लाइव पोस्ट कर सकते हैं. साथ ही अन्य साथियों की रचना पर लाइव टिप्पणी भी कर सकते हैं.

उदाहरण स्वरुप पद्य-साहित्य की कुछ विधाओं का नाम सूचीबद्ध किये जा रहे हैं --

तुकांत कविता, अतुकांत आधुनिक कविता, हास्य कविता, गीत-नवगीत, ग़ज़ल, नज़्म, हाइकू, सॉनेट, व्यंग्य काव्य, मुक्तक, शास्त्रीय-छंद जैसे दोहा, चौपाई, कुंडलिया, कवित्त, सवैया, हरिगीतिका आदि.

अति आवश्यक सूचना :-

रचनाओं की संख्या पर कोई बन्धन नहीं है. किन्तु, एक से अधिक रचनाएँ प्रस्तुत करनी हों तो पद्य-साहित्य की अलग अलग विधाओं अथवा अलग अलग छंदों में रचनाएँ प्रस्तुत हों.
रचना केवल स्वयं के प्रोफाइल से ही पोस्ट करें, अन्य सदस्य की रचना किसी और सदस्य द्वारा पोस्ट नहीं की जाएगी.
रचनाकारों से निवेदन है कि अपनी रचना अच्छी तरह से देवनागरी के फॉण्ट में टाइप कर लेफ्ट एलाइन, काले रंग एवं नॉन बोल्ड टेक्स्ट में ही पोस्ट करें.
रचना पोस्ट करते समय कोई भूमिका न लिखें, सीधे अपनी रचना पोस्ट करें, अंत में अपना नाम, पता, फोन नंबर, दिनांक अथवा किसी भी प्रकार के सिम्बल आदि भी न लगाएं.
प्रविष्टि के अंत में मंच के नियमानुसार केवल "मौलिक व अप्रकाशित" लिखें.
नियमों के विरुद्ध, विषय से भटकी हुई तथा अस्तरीय प्रस्तुति को बिना कोई कारण बताये तथा बिना कोई पूर्व सूचना दिए हटाया जा सकता है. यह अधिकार प्रबंधन-समिति के सदस्यों के पास सुरक्षित रहेगा, जिस पर कोई बहस नहीं की जाएगी.
सदस्यगण बार-बार संशोधन हेतु अनुरोध न करें, बल्कि उनकी रचनाओं पर प्राप्त सुझावों को भली-भाँति अध्ययन कर संकलन आने के बाद संशोधन हेतु अनुरोध करें. सदस्यगण ध्यान रखें कि रचनाओं में किन्हीं दोषों या गलतियों पर सुझावों के अनुसार संशोधन कराने को किसी सुविधा की तरह लें, न कि किसी अधिकार की तरह.

आयोजनों के वातावरण को टिप्पणियों के माध्यम से समरस बनाये रखना उचित है. लेकिन बातचीत में असंयमित तथ्य न आ पायें इसके प्रति टिप्पणीकारों से सकारात्मकता तथा संवेदनशीलता अपेक्षित है.

इस तथ्य पर ध्यान रहे कि स्माइली आदि का असंयमित अथवा अव्यावहारिक प्रयोग तथा बिना अर्थ के पोस्ट आयोजन के स्तर को हल्का करते हैं.

रचनाओं पर टिप्पणियाँ यथासंभव देवनागरी फाण्ट में ही करें. अनावश्यक रूप से स्माइली अथवा रोमन फाण्ट का उपयोग न करें. रोमन फाण्ट में टिप्पणियाँ करना, एक ऐसा रास्ता है जो अन्य कोई उपाय न रहने पर ही अपनाया जाय.

फिलहाल Reply Box बंद रहेगा जो - 10 अक्टूबर 2020, दिन शनिवार लगते ही खोल दिया जायेगा।

यदि आप किसी कारणवश अभी तक ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार से नहीं जुड़ सके है तो www.openbooksonline.com पर जाकर प्रथम बार sign up कर लें.

महा-उत्सव के सम्बन्ध मे किसी तरह की जानकारी हेतु नीचे दिये लिंक पर पूछताछ की जा सकती है ...
"OBO लाइव महा उत्सव" के सम्बन्ध मे पूछताछ

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" के पिछ्ले अंकों को पढ़ने हेतु यहाँ क्लिक करें

मंच संचालक
ई. गणेश जी बाग़ी 
(संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक)
ओपन बुक्स ऑनलाइन डॉट कॉम परिवार

Views: 1653

Replies are closed for this discussion.

Replies to This Discussion

आदरणीय लक्ष्मण धामी जी आप के सभी दोहे एक से बढ़कर एक हुए हैं. सभी अवसर शीर्षक को चरितार्थ  कर रहे हैं. सादर अभिनंन्दन! 

आ. भाई जवाहर लाल जी, सादर अभिवादन । दोहों पर उपस्थिति व प्रशंसा के लिए आभार ।

आदरणीय लक्ष्मण भाईजी

प्रायः हर दोहे में अवसर शब्द का सुंदर प्रयोग। हृदय से बधाई

बहती गंगा में न जो, धो पाया निज हाथ ...... बहती गंगा में नहीं, धो पाया जो हाथ

आ. भाई अखिलेश जी, सादर अभिवादन । दोहों पर उपस्थिति, सराहना व सुझाव के लिए आभार ।

आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सादर अभिवादन विषयानुकूल बहुत ही लाज़बाब व सन्देशप्रद दोहे पढ़कर मन प्रसन्न हुआ,सादर बधाई कुबूल कीजिए

आ. भाई छोटेलाल जी, सादर अभिवादन । दोहों पर मनभावन प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक धन्यवाद ।

आदरणीय लक्ष्मण धामी मुसाफ़िर जी, बहुत सुंदर दोहे। हार्दिक बधाई

आ. अंजलि जी, सादर अभिवादन। दोहों की प्रशंसा के लिए आभार ।

पंदत्त विषय पर अति सुंदर व सार्थक दोहे आदरणीय लक्ष्मण धामी जी। सुंदर सृजन के लिए बधाई स्वीकार करें।

आ. भाई दयाराम जी, सादर अभिवादन । दोहों की प्रशंसा के लिए हार्दिक आभार।

उत्कृष्ट दोहे, साधुवाद।

अवसर है अच्छा बनने का

........................................

 

 

सजग रहें सब कोरोना से, कुछ दिन कहीं न जाइए।

मांस मदिरा सभी त्याग दें, शाकाहार अपनाइए॥

 

घर में कुत्ता ना पालें, न गोद में उसे खिलाइए।

छोड़ो बुरी आदतें सारी, हाथ जोड़ मुस्काइए॥

 

मास्क लगाएँ गले ना मिलें, सारे नियम अपनाइए।

खानपान और दिनचर्या की, अच्छी बात बताइए॥

 

ना होंठ मिले ना लिपटाएँ, कोरोना वायरस देख रहा।

अवसर है सज्जन बनने का, अच्छे संस्कार बनाइए॥

 

सावधान करता कोरोना, जीना हमें सिखाता है।

नित्य घरेलू उपायों से, वायरस को दूर भगाइए॥

 

गुरु कोरोना नास्तिक को, आस्तिक दो दिन में बनाता है।

भय बिनु प्रीति नहीं होती, बातें सबको समझाइए॥

 

भजन आरती साथ शंख का, हर दिन बजना जरूरी है।

एक साथ हनुमान चालीसा. हर दिन कहते जाइए॥

योगासन प्राणायाम करें, तन मन मजबूत बनाइए।

ऊँची आवाज में कीर्तन करिए, जोर से ताली बजाइए॥

 

................................

[मौलिक एवं अप्रकाशित ]

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

AMAN SINHA commented on Sushil Sarna's blog post भय
"सुनील रसना साहब, बेहद खूबसूरत रचना हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
1 minute ago
AMAN SINHA commented on Dr. Vijai Shanker's blog post क्षणिकाएं (२०२१ -१ )- डॉo विजय शंकर
"बहुत खूब "
3 minutes ago
AMAN SINHA commented on AMAN SINHA's blog post दिखने दो
"@समर कबीर साहब,  धन्यवाद "
4 minutes ago
AMAN SINHA commented on AMAN SINHA's blog post कुछ बदला सा
"@समर कबीर साहब,  धन्यवाद "
6 minutes ago
AMAN SINHA commented on AMAN SINHA's blog post बदनाम ज़िन्दगी
"@अमीरुद्दीन साहब,  आपके बहुमुल्य सलाह के लिये धन्यवाद स्वीकार करें।  "एक ही पल…"
9 minutes ago
AMAN SINHA posted a blog post

क्षितिज

वो जहां पर असमा और धरा मिल जाते हैछोर मिलते ही नहीं पर साथ में खो जाते हैहै यही वो स्थान जिसका अंत…See More
1 hour ago
Dr. Vijai Shanker posted blog posts
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post स्वयं को तनिक एक बच्चा बना-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति , सराहना व सुझाव के लिए हार्दिक धन्यवाद। सुझाव…"
13 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' left a comment for बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
"ओ बी ओ प्रबंधन द्वारा लक्ष्मण धामी भाई मुसाफ़िर जी को "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active…"
16 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post स्वयं को तनिक एक बच्चा बना-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"जनाब लक्ष्मण धामी भाई मुसाफ़िर जी आदाब अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद पेश करता हूँ। मतले को थोड़ा…"
16 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Sushil Sarna's blog post भय
"जनाब सुशील सरना जी आदाब, अच्छी रचना हुई है बधाई स्वीकार करें। रचना का शीर्षक भय के बजाय…"
16 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on AMAN SINHA's blog post बदनाम ज़िन्दगी
"जनाब अमन सिन्हा जी आदाब, सुंदर भावपूर्ण रचना के लिए बधाई स्वीकार करें। इस पंक्ति के शिल्प पर ग़ौर…"
16 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service