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मौन पर त्वरित क्षणिकाएं :

मौन पर त्वरित क्षणिकाएं :

मौन तो
क्षरण है
शोर का

............

मन का
कोलाहल है
मौन

.............

मौन
स्वीकार है
समर्पण का

...............

मौन
प्रतिशोध का
शोर है

..............

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by Sushil Sarna on July 7, 2019 at 6:55pm

आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी सृजन पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार।

Comment by Sushil Sarna on July 7, 2019 at 6:55pm

आदरणीय Rachna Bhatia जी सृजन पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on July 4, 2019 at 5:55am

आ. भाई सुशील जी, अच्छी क्षणिकाएँ हुई हैं । हार्दिक बधाई।

Comment by Rachna Bhatia on July 1, 2019 at 2:04pm
आदरणिय सुशील सरना जी बहुत अच्छी क्षणिकाएँ हैं।
हार्दिक बधाई
Comment by Sushil Sarna on July 1, 2019 at 1:10pm

"आदरणीय समर कबीर साहिब , आदाब .... सृजन आपकी आत्मीय प्रशंसा का आभारी है।"

Comment by Samar kabeer on June 30, 2019 at 11:56am

जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी क्षणिकाएँ हुई हैं,बधाई स्वीकार करें ।

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