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पथ का चुनाव / लघुकथा

आज फिर किसी विधुर का प्रस्ताव आया है । मन सिहर उठा जवान बच्चों की माँ बनने के ख्याल से ही ।

इस रिश्ते को भी ना कह कर अपने धनहीन दुर्बल पिता को संताप दूँ , या बन जाऊँ हमउम्र बच्चों की माँ । सुना है तहसीलदार है । शायद पिता की वे मदद भी करें उनकी दुसरी बेटियों के निर्वाह में ।

आज काॅलेज में भी मन नहीं लगा था । घर की तरफ जाते हुए पैरों में कम्पन महसूस की थी उसने ।

घंटे की टनकार, मंदिर से उठता हवन का धुँआ , कदम वहीं को मुड़ गये ।

ऊपर २५० सीढ़ियाँ , ऐसे चढ़ गई जैसे सारी साँसें आज इन्हीं को सुपुर्द करनी है ।

पहाड़ पर ऊपर मंदिर के , चारों ओर खाई । बिलकुल किनारे मुंडेर पर जाकर खड़ी हो गई । क्या करें , नीचे खाई में कूद जाये , या वापस घर जाकर तहसीलदार के बच्चों की माँ बने , या अपनी बी. ए. की पढ़ाई पूरी कर कोई ट्यूशन , या नौकरी ।

हथेलियों में पसीना भर आया और आँखों में आँसू । उसने महसूस किया कि वह किसी भी हाल में जिंदा रहना चाहती है । वह मरना नहीं चाहती । मंदिर की घंटी अब शांत हो चुकी थी ।

चढ़ाई से दुगुना जोश उसका अब सीढ़ियों से उतरने में था । साँसें काबू में थी ।

" पापा , मै तब तक शादी नहीं करूँगी जब तक कोई नौकरी ना मिले मुझे । " आस्तित्व के प्रति धर्माचरण का पालन करते हुए ,अब दृढ़ता से अपने पथ का चुनाव कर चुकी थी ।


मौलिक और अप्रकाशित

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Comment by kanta roy on October 12, 2015 at 10:43pm

आभार आपको हृदयतल से आदरणीय श्यामनारायण वर्मा  जी कथा पर मेरा मनोबल बढ़ाने हेतु। 

Comment by kanta roy on October 12, 2015 at 10:42pm

आभार आपको हृदयतल से आदरणीय सतविंदर कुमार  जी कथा पर मेरा मनोबल बढ़ाने हेतु। 

Comment by kanta roy on October 12, 2015 at 10:41pm

आभार आपको हृदयतल से आदरणीय शेख शहज़ाद जी कथा पर मेरा मनोबल बढ़ाने हेतु। 

Comment by Shyam Narain Verma on October 10, 2015 at 3:46pm
इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई
Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on October 9, 2015 at 4:03pm
शक्ति द्वारा पथ दर्शन।बहुत सुंदर।बधाई आदरणीया kanta roy दी
Comment by Sheikh Shahzad Usmani on October 9, 2015 at 9:25am
अंग्रेज़ी में कहते हैं- "गुड एन्जिल" अच्छे फैसले और "बैड एन्जिल (दुरात्मायें)" बुरे फैसले करवा देती हैं, बस कुछ पलों में ही ! बहुत बहुत हार्दिक बधाई इस प्रेरक उत्कृष्ट लघु कथा सृजन हेतु आदरणीया Kanta Roy/ कान्ता राय जी।

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