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2122 2122 2122 212

जिंदगी से जो चली अपनी ढ़िठाई दोस्तों

खाक में ही उम्र सारी यूँ  बिताई दोस्तों

अम्न की वंशी बजाई और गाये गीत भी

नफरतों की होलिका हमने जलाई दोस्तों

जब कभी दुश्वारियाँ आयी हमारी राह में

एक माँ की ही दुआ फिर काम आई दोस्तों

दोस्ती है एक नेमत टूटना अच्छा नहीं

साथ चलने में कहाँ कोई बुराई दोस्तों

हो भला सबका यहाँ मेरी दुआ है बस यही

ना करें कोई भी मज़हब की लड़ाई दोस्तों

 

 मौलिक व अप्रकाशित

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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 4, 2015 at 10:26pm

इस प्रयास पर बातें बहुत अच्छी हुई हैं .. मेरी भी सुन लें. दोस्तों की जगह दोस्तो कर लें.  ठीक न ?

Comment by MAHIMA SHREE on July 2, 2015 at 10:51pm

आ. मिथिलेश जी ..देर से प्रतिउत्तर के लिए क्षमा चाहती हूँ । आपने जो त्रुटी बताई है उसके लिए आभारी हूँ..

 ..अभी सीख रही हूँ ... अाप सभी का सहयोग अपेक्षित है..सादर 

Comment by MAHIMA SHREE on July 2, 2015 at 8:57pm

आपका बहुत आभार आ. कांता जी


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on June 25, 2015 at 2:58am

आदरणीया महिमा जी बढ़िया ग़ज़ल हुई है हार्दिक बधाई 

मतले में लड़ाई/उड़ाई यानी ड़ाई बाकी में आई आई 

Comment by kanta roy on June 16, 2015 at 7:30am
दोस्ती है एक नेमत टूटना अच्छा नहीं
साथ चलने में कहाँ कोई बुराई दोस्तों......... इन शेरों में आपने बहुत बडी बात कह दी है । बहुत खूब लिखे है आपने
Comment by MAHIMA SHREE on June 15, 2015 at 10:02am

सराहना के लिए आपका बहुत बहुत आभार आ. जान गोरखपूरी जी.

Comment by MAHIMA SHREE on June 15, 2015 at 10:01am

आदरणीय समर कबीर जी , पहले तो क्षमा चाहती हूँ इतनी देर बाद प्रतिउत्तर देने के लिए..मेरा इंटरनेट परसों बाधित रहा और कल सारा दिन और रात बंद । मोबाईल से ओपनबुक का पेज खुल नहीं पा रहा था ।

इस्लाह के लिए आपकी हृदय तल से आभारी हूँ...  ठनी के जगह पर  मैंने चली कर दिया है .क्या इससे दोष खत्म हो गया .बाकी अन्य त्रुटि को सही कर रही हूँ ..सादर

Comment by MAHIMA SHREE on June 15, 2015 at 9:53am

आपका बहुत बहुत आभार आ.वीनस केसरी जी..

Comment by MAHIMA SHREE on June 15, 2015 at 9:51am

आपका बहुत बहुत आभार आ. विजय शंकर जी, सादर

Comment by jaan' gorakhpuri on June 14, 2015 at 10:11pm

बहुत सुन्दर गजल हुयी है आ० महिमा श्री ज़ी! हार्दिक बधाई!

कृपया ध्यान दे...

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