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गर्जत बरसत सावन आया

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव, धमतरी

मेघों का दल आया है, सावन का संदेशा लाया है।  

जल भरकर ये काले जलधर, जल बरसाने आया है॥                   

मेघों का दल आया है ......

चांदी जैसी बिजली चमकी, उमड़-घुमड़ आये बादल।

लगता है आकाश छोड़कर, धरती पर छाए बादल॥

गर्मी हम से रूठ गई, बरसात ने नाता निभाया है  ।

मेघों का दल आया है ......

भँवरे फूल बगियां खुश हैं, माटी की सोंधी महक उठी।

पंछी सुर में गाने लगे, कहीं दूर कोई कोयल कूकी॥

पशु पक्षी जन मानस के, तन-मन को भिगोने आया है ।

मेघों का दल आया है ......

रिम- झिम से शुरुवात हुई, फिर बड़ी- बड़ी बूंदे आईं।

लम्बी उमस गर्मी की देखो, अब कैसी शामत आई॥

मौसम भीगा- भीगा है, और दिन में अंधेरा छाया है ।

मेघों का दल आया है ......

पेड़ों पर पड़ने लगे झूले, सखियाँ सुर में गाने लगी।

मोर ने अपने पंख फैलाए, डाली पर चिड़ियाँ चहकीं॥

बरखा रानी के स्वागत् में, सबका मन हर्षाया है ।

मेघों का दल आया है ......

**************************

जलधर  =  बादल

( मौलिक व अप्रकाशित )

 

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Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on September 3, 2013 at 9:50am

अन्नपूर्णा  जी ,- राधे- राधे॥  सावन -गीत को  पसंद करने के लिए हार्दिक धन्यवाद ॥

Comment by annapurna bajpai on September 2, 2013 at 10:57pm
आदरणीय अखिलेश जी बहुत बढ़िया , सुंदर रचना हेतु बधाई स्वीकारें ।
Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on September 2, 2013 at 7:02pm

रविकर भाई- सप्रेम राधे- राधे ।  सावन -गीत को दिल से पसंद करने के लिए हार्दिक धन्यवाद ॥

Comment by रविकर on September 2, 2013 at 10:18am

सुन्दर
आदरणीय-
बधाई स्वीकारें-
सादर

Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on September 2, 2013 at 9:11am

नारायण भाई- सप्रेम राधे- राधे। सावन -गीत को दिल से पसंद करने के लिए हार्दिक धन्यवाद ॥

Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on September 2, 2013 at 9:06am

गिरिराज भाई- सप्रेम राधे- राधे। सावन -गीत को दिल से पसंद करने के लिए हार्दिक धन्यवाद ॥

Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on September 2, 2013 at 8:59am

अरुण भाई- सप्रेम राधे- राधे ।  सावन -गीत को दिल से पसंद करने के लिए हार्दिक धन्यवाद ॥

Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on September 2, 2013 at 8:49am

लक्ष्मण भाई- सप्रेम राधे- राधे । सही सलाह एवं गीत को दिल से पसंद करने के लिए हार्दिक् धन्यवाद ॥

Comment by Satyanarayan Singh on September 1, 2013 at 8:00pm

आदरणीय अखिलेश जी सुन्दर सावन गीत के प्रस्तुति हेतु हार्दिक बधाई.

Comment by Abhinav Arun on September 1, 2013 at 8:00pm

अहा बहुत मनोरम चित्रण किया है आदरणीय आपने सावन का बहुत बधाई इस सुन्दर रचना पर !!

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