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मेरे पास है --

वैचारिक विमर्श के विविध रूप में 
काम आने वाला कबाड़ ,
प्रेम के अप्कर्श का पथ ,
पिछला बाकी सनसनाता डर ,
संजीदा होती साँसें ,
वही पुरानी मजिलें , और 
प्रतिभावान काया,

मुझे --

करनी है, सार्थक पहल , 
नाक की लड़ाई के लिए ,
पूछने है सवाल, चुपके चुपके ,
लयात्मक खुश्बू के लिए ,
करने है खारिज़ व बेदखल ,
व्यवस्था विरोध के स्वर ,
चलना है साथ-साथ ,
जवाब की तलाश मे ,

मैं जानता हूँ --

जब बदलेंगे रास्ते ;
तो जुड़ेंगे तार ,
होगी साझा हितों में ,
कामयाबी की वारिश ,
रहेगी नब्ज़ पर अंगुली ,
और टुकड़ों - टुकड़ों में गहराई ,
होगा आज़ादी का अहसास ,
तिनके - तिनके सुख के लिए ,

अश्क
१० जून १९९९

"मौलिक व अप्रकाशित"

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Comment

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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on April 18, 2013 at 1:42am

आपकी रचनाधर्मिता सार्थक है, आदरणीय अशोक कत्यालजी.

सादर


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on April 11, 2013 at 3:46pm

मस्तिष्क में पल पल कुलबुलाते विचारों के द्वन्द, और उनके सजग एहसास के साथ जीवन पथ पर सामंजस्य बैठाते हुए कामयाबी की मंजिल की ओर बढ़ने की इच्छा,,,समेटी सुन्दर रचना 

जब बदलेंगे रास्ते ;
तो जुड़ेंगे तार ,
होगी साझा हितों में ,
कामयाबी की वारिश ,..............इस पंक्ति नें विशेष रूप से प्रभावित किया 

बहुत बहुत बधाई इस अभिव्यक्ति के लिए आ० अशोक कत्याल जी 

Comment by ram shiromani pathak on April 9, 2013 at 7:40pm

आदरणीय अशोक  जी, क्‍या बात है, बहुत ही उम्‍दा लेखन, सादर

Comment by राजेश 'मृदु' on April 9, 2013 at 5:18pm

क्‍या बात है, बहुत ही उम्‍दा लेखन, सादर

Comment by vijayashree on April 9, 2013 at 2:10pm

मुझे --

करनी है, सार्थक पहल , 
नाक की लड़ाई के लिए ,
पूछने है सवाल, चुपके चुपके ,
लयात्मक खुश्बू के लिए ,
करने है खारिज़ व बेदखल ,
व्यवस्था विरोध के स्वर ,
चलना है साथ-साथ ,
जवाब की तलाश मे ,

 

अशोकजी सार्थक रचना .........बधाई !

Comment by coontee mukerji on April 9, 2013 at 9:57am

अशोक कत्याल  जी ,बहुत खूब . अंतिम दोनों पंक्ति उपर के भावों को सार्थक कर दिया है . अति सुंदर .

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on April 9, 2013 at 9:03am

आदरणीय अशोक कत्याल जी, सादर प्रणाम! ’चलना है साथ.साथ ए
जवाब की तलाश मे’... बहुत सुन्दर कविता, सामाजिक स्वतंत्रता के लिए हम सभी को एक साथ स्वर मिलाना ही होगा। आपको हार्दिक बधाई। सादर,

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