For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आखिर हम चाहते क्या है?

2012 में 15 अगस्त को भारतवासी अपनी आजादी के 66वें वर्ष में प्रवेश का जश्न मना रहे है, वही साथ ही उनके मन में यह प्रश्न भी कौंध रहा है कि इस प्रकार आधी-अधूरी आजादी के क्या मतलब। जबकि सच यह है कि आजादी आधी-अधूरी नहीं, बल्कि पूरी है। लेकिन जब मानसिकता ही गुलामी वाली हो तो कोई क्या कर सकता है। गुलामों को अगर शारीरिक तौर पर आजाद भी कर दिया जाए, तो भी वह जी-हुजूरी में इतने मग्न होते है कि उनको समझाना ही असंभव है कि वह आजाद हो गए है। अगर हम पूरी तरह से आजाद न होते तो क्या दिल्ली में लाखों लोग धरना-प्रदर्शन कर सकते थे। क्या हम सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपने विचारों को एक-दूसरे तक पहुंचा सकते थे। क्या समाचार पत्रों, न्यूज चैनल्स पर अपनी बात कह सकते थे। क्या किसी को भी सरेआम कुछ भी कह सकते थे। क्या यह सच नहीं है अपनी सरकार बनाने के लिए अपने प्रतिनिधियों के चुनाव का अधिकार हमारे पास ही है। हर नागरिक को अपनी बात कहने की पूरी आजादी है। अगर हम गुलाम होते तो क्या यह सब संभव था, नहीं। हम बाहरी तौर पर आजाद हो गए, लेकिन अपनी मानसिकता को नहीं बदल पाए। हम जानते है कि हमारा नेता पूर्ण रूप से भ्रष्ट हो चुका है, लेकिन हम उसको दोबारा से चुनाव में जितवा देते हैं क्यों? आजाद भारत में आजादी से रहने के लिए अपने अधिकारों की बातें तो खूब करते है, लेकिन अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी से करने में हमको शर्म आती है। जिसका परिणाम जब हमारे सामने आता है तो वह सिर्फ दुःखदायी ही होता है। आजादी के बाद से अगर हर भारतवासी ने ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन किया होता है तो क्या हम लंदन ओलंपिक से दो चार स्वर्ण पदक पर नहीं ला सकते थे। क्या असम में हिंसा भडक सकती थी। क्या हमारे नेता भ्रष्ट होते है। नेताओं को जी भर कर कोसने से अच्छा है कि अपने वोट के अधिकार का प्रयोग पूरी ईमानदारी से कर लिया जाए। सच मानिए जिस भारतवासियों ने अपने वोट का प्रयोग पूरी ईमानदारी से कर दिया, उसी दिन हमारे देश की तस्वीर बदल जाएगी। खुशी इस बात की है कि हमको अपने संपूर्ण विकास के लिए पूरी आजादी मिली हुई है, बस यह हमारे पर निर्भर पर करता है कि आखिर हम चाहते क्या है?

Views: 409

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Rekha Joshi on August 16, 2012 at 8:21pm

 हम बाहरी तौर पर आजाद हो गए, लेकिन अपनी मानसिकता को नहीं बदल पाए। हम जानते है कि हमारा नेता पूर्ण रूप से भ्रष्ट हो चुका है, लेकिन हम उसको दोबारा से चुनाव में जितवा देते हैं क्यों?,सार्थक प्रश्न ,वोट बिक्तें है यहाँ आदरणीय हरीश जी ,बढ़िया आलेख ,बधाई 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on August 16, 2012 at 3:10pm

पैसे कि लालसा में बिक रहा इंसान वोट देने के लिए और लालसा इस लिए कि निर्धनता अधिक है निर्धनता क्यूँ है क्यूंकि प्रशासन कि योजनायें  ठीक नहीं हैं भ्रष्टाचार में लिप्त है सरकार बस यही चक्र घूम रहा है और आजादी के मायने खो रहा है -----बहुत सार्थक सारगर्भित आलेख --बधाई हरीश जी   


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 16, 2012 at 10:13am

गुलामों को अगर शारीरिक तौर पर आजाद भी कर दिया जाए, तो भी वह जी-हुजूरी में इतने मग्न होते है कि उनको समझाना ही असंभव है कि वह आजाद हो गए है।

आपकी प्रस्तुत अभिव्यक्ति सहज, सारगर्भित तथा विन्दुवत् हैं, आदरणीय हरीशजी. बहुत ही सधे शब्दों में आपने करोड़ों संवेदनशील लोगों के मन की बात कह डाली है. इस संक्षिप्त किंतु गहन अभिव्यक्ति के लिये हार्दिक धन्यवाद.

Comment by UMASHANKER MISHRA on August 15, 2012 at 9:40pm

आदरणीय हरीश भट्ट जी मै आपके कथन से पूर्ण रूपेंण सहमत हूँ

आम आदमी का मानसिक प्रवाह किस ओर बढ़ेगा इसे समझ पाना कठिन है

कब सच्चाई सबसे आगे की भेड़ बनेगी

क्योंकि सब भेड़ चाल ........में चलने की आदी हैं

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

बृजेश कुमार 'ब्रज' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओ बी ओ जैसे मंच की ये स्थिति अत्यंत कष्टप्रद है। अपने स्वास्थ्य और पारिवारिक विवशताओं , व्यस्ततओं…"
19 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अभी नहीं.. चर्चा जारी रहे।  'अभी' अलविदा ना कहना.. "
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय सौरभ भाई, आप ने सभी बातें सविस्तार कही और अनेकों संशयों को समाप्त किया। इसके पश्चात और कुछ…"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"यह डेटाबेस तक पहुंच का प्रश्न है। सामान्यतः पोर्टल सर्विसेज एजेंसी साइट ओनर को डेटाबेस तक पहुंच…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता ’अजेय’ जी, आपकी संलग्नता आश्वस्तिकारी है. आपका सोचना आपके पहलू से…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"इस सारी चर्चा के बीच मैं एक बात और कहना चाहता हूँ। जैसा कि हम सबने देख लिया कि सदस्य इस मंच के लिए…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जी आदरणीय "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"आदरणीय अमिताजी, हार्दिक बधाइयाँ    प्रस्तुति में रचनात्मकता के साथ-साथ इसके प्रस्तुतीकरण…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on सुरेश कुमार 'कल्याण''s blog post कुंडलिया
"आदरणीय सुरेश कल्याण जी, आपकी उपस्थिति के लिए हार्दिक धन्यवाद  छंद की अंतिम दोनों पंक्तियों की…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
"एक मार्मिक भावदशा को शाब्दिक करने का सार्थक प्रयास हुआ है, आदरणीया अमिता तिवारीजी. आप सतत अभ्यासरत…"
Wednesday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"शुक्रिया आदरणीय सर जी। डाउनलोड करने की उस व्यवस्था में क्या हम अपने प्रोफाइल/ब्लॉग/पन्ने की पोस्ट्स…"
Wednesday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अभी प्रश्न व्यय का ही नहीं सक्रियता और सहभागिता का है। पोर्टल का एक उद्देश्य है और अगर वही डगमगा…"
Wednesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service