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प्रकृति का संगीत है पर्यावरण ,
वनसम्पदा का प्रतीक पर्यावरण |
कोयल की कूक,पंछी की चहक,
फूलो की महक,झरनों की छलक ,
रंगीं धरती का गीत है पर्यावरण |
प्रदूष्ण ने फैलाया है जाल ,
लिपटी धरा उसमें है आज
बचाना है धरती का आवरण |
कटे पेड़ों से बिगड़ा आकार ,
चहुँ ओर फैला है हाहाकार ,
टूटें तार ,सुना है पर्यावरण |
आओ मिल लगायें नये पेड़ पौधे ,
सूनी धरा में खुशियाँ नई बो दे ,
नये स्वर बनाएं रंगीं पर्यावरण |

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Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on May 20, 2012 at 1:28pm

प्रकृति का संगीत है पर्यावरण ,
वनसम्पदा का प्रतीक पर्यावरण |
कोयल की कूक,पंछी की चहक,
फूलो की महक,झरनों की छलक ,
रंगीं धरती का गीत है पर्यावरण |
प्रदूष्ण ने फैलाया है जाल ,
लिपटी धरा उसमें है आज
बचाना है धरती का आवरण |

आह क्या खूबसूरत कविता है...प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जुड़ाव और अलग और प्रयावरण को बचाने का आह्वान करती सुंदर कृति के लिए कोटि कोटि बधाइयाँ !

Comment by Ashok Kumar Raktale on May 18, 2012 at 6:52pm

रेखा जी
        सादर, पर्यावरण के प्रति जाग्रत करती सुन्दर रचना. बधाई.

Comment by Rekha Joshi on May 16, 2012 at 1:03pm

प्रभाकर जी बहुत बहुत धन्यवाद ,आशा है आप आगे भी मेरा उत्साह बढ़ाते रहें गे |


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on May 16, 2012 at 12:55pm

बेहद प्रभावशाली और सारगर्भित रचना कही है आद. रेखा जोशी जी हार्दिक बधाई स्वीकार करें. 

Comment by Rekha Joshi on May 16, 2012 at 11:58am

thanks

Comment by Rekha Joshi on May 16, 2012 at 11:57am

धन्यवाद अरुण जी |आपका आभार 

Comment by Abhinav Arun on May 16, 2012 at 11:28am

इस सामयिक संदेशपरक रचना के लिए हार्दिक बधाई आदरणीया रेखा जी -

आओ मिल लगायें नये पेड़ पौधे ,
सूनी धरा में खुशियाँ नई बो दे ,
नये स्वर बनाएं रंगीं पर्यावरण |

इस स्वर में हमारा संकल्प छुपा है !!

Comment by AjAy Kumar Bohat on May 15, 2012 at 2:35pm

आओ मिल लगायें नये पेड़ पौधे ,
सूनी धरा में खुशियाँ नई बो दे ,
khoobsurat sandesh Badhai sweekar karein....

Comment by MAHIMA SHREE on May 14, 2012 at 8:51pm

कोयल की कूक,पंछी की चहक,
फूलो की महक,झरनों की छलक ,

कटे पेड़ों से बिगड़ा आकार ,
चहुँ ओर फैला है हाहाकार ,
टूटें तार ,सुना है पर्यावरण ....

बहुत ही सटीक और सुंदर .... बधाई आपको  
Comment by Rekha Joshi on May 13, 2012 at 11:13pm

भ्रमर जी ,कमेन्ट देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद ,आशा है किआप आगे भी इसी तरह मेरा उत्साह बढाते रहे गे |आभार 

thanks

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