For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Divya Rakesh Sharma
  • Female
Share on Facebook MySpace

Divya Rakesh Sharma's Groups

 

Divya Rakesh Sharma's Page

Latest Activity

Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-100
"आभार धामी जी।इससे पहले भी मैं अपनी लघुकथाएं पटल पर प्रस्तुत कर चुकी हूं।आप चाहें तो मेरी प्रोफाइल में पढ़ सकते हैं।"
Jul 30, 2023
Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-100
"शुक्रिया उस्मानी सर।वाकई में रसोई की घुटन में काम करती महिलाओं की स्थिति बहुत दयनीय हो जाती हैं।खासतौर पर गर्मियों में।इस पर ध्यान नहीं जाता अक्सर घरवालों का।"
Jul 30, 2023
Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-100
"अमित जी, रसोई जिसमें पूरे परिवार के स्वास्थ्य का दारोमदार होता है उसे ही उपेक्षित छोड़ दिया जाता है।जबकि यह स्थान घर के अन्य जरूरी स्थानों से ज्यादा जरुरी है।आप ने भी यह अपने घर में महसूस किया यह अच्छी बात है। प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया।"
Jul 30, 2023
Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-100
"हकीकत यही है।सिर्फ प्यार के सहारे जिंदगी नहीं कट सकती।लड़कियाँ यह बेहतर जानती हैं इसलिए नहीं कि उनकी इच्छाएँ अनंत हैं बल्कि इसलिए कि लड़कियों के ऊपर ही परिवार और रिश्तों को निभाने की जिम्मेदारी आती है जरा सी चूक और परिवार रिश्ते खत्म।"
Jul 30, 2023
Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-100
"रसोई "विभा चाय ले आओ बढिया सी।"  घर के अंदर घुसते ही सुधीर ने पत्नी को आवाज़ लगातार कहा और खुद पिता के निकट बैठ गया। "पापा देखो, चार कमरे निकल आएं हैं और मंदिर के लिए अलग स्पेस भी।" सुधीर ने उत्सुकता से  पिता के सामने…"
Jul 30, 2023
Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-93 (विषय: भविष्य)
"जी सर,आज पोस्ट करते हुए बहुत परेशानी हुई उसी के कारण यह भूल हो गई।यह मौलिक और अप्रकाशित है।"
Dec 30, 2022
Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-93 (विषय: भविष्य)
"प्रियं च नानृतं ब्रूयात एक बार फिर विक्रम ने बैताल को पेड़ से उतारा और कांधे पर लादे चल पड़ा यह देख बैताल हँसने लगता है कहता है, "तू बहुत जिद्दी है।लगता है तू अपने उद्देश्य में सफल हो जायेगा।चल रास्ता काटने के लिए मैं तुझे एक कहानी सुनाता हूँ…"
Dec 30, 2022
Divya Rakesh Sharma updated their profile
Aug 30, 2022
Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-84
"बहुत सार्थक रचना है।"
Mar 30, 2022
Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-84
"आभार सर।"
Mar 30, 2022
Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-84
"पालतू जानवर के साथ घर के बुजुर्ग की स्थिति की तुलना अनेक कथाओं में की गई है। विषय भी कई बार दोहराया गया है।कथानक पुराना हो लेकिन कथ्य नवीन हो तो लघुकथा में जान आ जाती है। इस कथा में दोहराव है। आशा करती हूं आप मेरी टिप्पणी को अन्यथा नहीं लेंगे।"
Mar 30, 2022
Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-84
"विसंगति उभारती अच्छी कथा।"
Mar 30, 2022
Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-84
"       पुनरागमं  "दादू. ..दादू!आप यहाँ बैठे हैं और मैं आपको नीचे ढूंढ रहा था।" "क्यों ढूंढ रहे थे?" पोते की ओर बिना देखे दादा ने कहा। "ब्रेकफास्ट के लिए।चलो दादू मम्मी बुला रही…"
Mar 30, 2022
Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-81
"सार्थक लघुकथा।"
Dec 30, 2021
Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-81
"सर प्रणाम, आपके सुझाव के अनुसार सुधार का प्रयास करूंगी। आभार सर।"
Dec 30, 2021
Divya Rakesh Sharma replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-81
"लघुकथा गोष्ठी- 81 1                   इंडवा "यह क्या है मम्मी जी?स्टोर रूम से मिला है।कितना सुंदर रिंग है!" यह।त्रिशा ने चहकते हुए कहा। "तुझे नहीं मालूम… !कभी देखा नहीं…"
Dec 30, 2021

Profile Information

Gender
Female
City State
Gurgaon
Native Place
Rishikesh
Profession
Professional writer
About me
I'm a writer and a house maker ,I love writing

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:31pm on July 1, 2020, TEJ VEER SINGH said…

आदरणीय दिव्या शर्मा जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम असीमित शुभ कामनायें। ईश्वर सदैव सुख, शाँति और समृद्धि प्रदान करें। स्वस्थ रहें। दीर्घायु बनें।जीवन में हमेशा उन्नति के पथ पर अग्रसर रहें।

At 8:55pm on September 9, 2017,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए....

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है.

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे.

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सव, छंदोत्सव, तरही मुशायरा व लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कुर्सी जिसे भी सौंप दो बदलेगा कुछ नहीं-लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजलपर उपस्थिति और सप्रेमं मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार। इसे बेहतर…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post न पावन हुए जब मनों के लिए -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति व उत्ताहवर्धन के लिए हार्दिक आभार।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। क्रोध पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई। साथ ही भाई अशोक जी की बात…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देवता चिल्लाने लगे हैं (कविता)
"   आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी सादर, धर्म के नाम पर अपना उल्लू सीधा करती राजनीति में…"
7 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post न पावन हुए जब मनों के लिए -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"   हमारे बिना यह सियासत कहाँजवाबों में हम हैं सवालों में हम।३।... विडम्बना…"
7 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"   सूर्य के दस्तक लगानादेखना सोया हुआ है व्यक्त होने की जगह क्यों शब्द लुंठितजिस समय…"
7 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"      तरू तरु के पात-पात पर उमढ़-उमढ़ रहा उल्लास मेरा मन क्यूँ उन्मन क्यूँ इतना…"
8 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, क्रोध विषय चुनकर आपके सुन्दर दोहावली रची है. हार्दिक बधाई स्वीकारें.…"
8 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल पर उत्साहवर्धन के लिए आपका दिल से शुक्रिया.…"
8 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"   आदरणीय भाई लक्षमण धामी जी सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
8 hours ago
Sushil Sarna commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"वाह बहुत सुंदर प्रस्तुति हुई है आदरणीय लक्ष्मण धामी जी । हार्दिक बधाई "
8 hours ago
Sushil Sarna commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"वाहहहहहह आदरणीय क्या ग़ज़ल हुई है हर शे'र पर वाह निकलती है । दिल से मुबारकबाद कबूल फरमाएं…"
9 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service