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Dimple Sharma
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आशीष यादव commented on Dimple Sharma's blog post बदल रहा है तेरा शह्र पैरहन मेरा (ग़ज़ल)
"एक अच्छा प्रयास है। आदरणीय उस्ताद जी ने अच्छा सुझाव दिया है जो मेरे जैसे नये गजल लिखने वाले के लिए भी बेहतरीन है। "
Sep 10
Dimple Sharma commented on Dimple Sharma's blog post मेरे ख़त
"आदरणीय हर्ष महाजन जी ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और हौसला अफजाई के लिए हृदय तल से आभार आपका आदरणीय जी सही कहा आपने आदरणीय आदरणीय उस्ताद मोहतरम और सभी गुणीजनों के सानिध्य में हर रोज कुछ नया सीखने को मिल रहा है जो की ईश्वर कृपा समान है , इसके लिए जितना…"
Sep 9
Dimple Sharma commented on Harash Mahajan's blog post जाने क्यूँ आज है औरत की ये औरत दुश्मन
"आदरणीय हर्ष महाजन जी नमस्ते, खुबसूरत ग़ज़ल पर बधाई स्वीकार करें आदरणीय, मतले के दोनों मिसरे में तालमेल कम लग रहा है आदरणीय , वैसे मैं बहुत जानकार नहीं अतः गुणीजनों के कमेन्ट पर ही सही निर्णय लें , बाकी सारे शेर ठीक ठीक हैं कृप्या अन्यथा न लें मैं भी…"
Sep 9
Harash Mahajan commented on Dimple Sharma's blog post मेरे ख़त
"आ0 डिम्पल शर्मा जी आपकी ग़ज़ल की शिल्प के बारे में आदरणीय समर कबीर जी और अम्मीरुद्दीन जी सबकुछ अच्छे से कह दिया है जिससे हम लाभान्वित तो होंगे ही । मगर ग़ज़ल में आपके ख्याल बहुत ही खूबसूरत हैं । सादर"
Sep 9
Dimple Sharma commented on Dimple Sharma's blog post बदल रहा है तेरा शह्र पैरहन मेरा (ग़ज़ल)
"आदरणीय उस्ताद मोहतरम समय कबीर साहब आदाब चरण स्पर्श,ये ग़ज़ल अभी नहीं पहले की लिखी हुई है आदरणीय उस्ताद मोहतरम, और भी कुछ ग़ज़लें हैं जो मैंने पहले लिखी थीं पर उनमें कहाँ क्या गलतियां हुई कहाँ क्या ठीक है जानकारी न होने के कारण कहीं पोस्ट नहीं की…"
Sep 8
Dimple Sharma commented on Dimple Sharma's blog post मेरे ख़त
"आदरणीय आशीष यादव जी नमस्ते,ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति मायने रखती है हृदय तल से आभार आपका आदरणीय।"
Sep 8
Dimple Sharma commented on Dimple Sharma's blog post मेरे ख़त
"आदरणीय सुशील शर्मा जी नमस्ते, बहुत शुक्रिया आपका आदरणीय, ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति हौसला बढ़ाती है यूं ही हौसला बढ़ाते रहें आदरणीय।"
Sep 8
Dimple Sharma commented on Dimple Sharma's blog post मेरे ख़त
"आदरणीय उस्ताद मोहतरम समय कबीर साहब आदाब चरण स्पर्श,ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति ईश्वर कृपा समान है , जी मैं सुधार करने का प्रयास करती हूं उस्ताद मोहतरम, हृदय तल से आभार आपका आदरणीय उस्ताद मोहतरम की आपकी तबीयत ठीक न होते हुए भी आप हमारा मार्गदर्शन कर रहे…"
Sep 8
आशीष यादव commented on Dimple Sharma's blog post मेरे ख़त
"बहुत अच्छी गजल का प्रयास किया गया है। भाव बहुत अच्छे हैं। आदरणीय उस्ताद साहिबान की सलाह पर भी ध्यान दीजियेगा।"
Sep 8
Sushil Sarna commented on Dimple Sharma's blog post मेरे ख़त
"आदरणीया जी सुन्दर भावपूर्ण गजल बाकी गुणीजनो की समीक्षा से लाभ ग्रहण करें ।सादर"
Sep 8
Samar kabeer commented on Dimple Sharma's blog post मेरे ख़त
"मुहतरमा डिम्पल शर्मा जी आदाब, आपकी ग़ज़ल पर जनाब अमीरुद्दीन जी विस्तार से बता ही चुके हैं,। 221 2122 221 2122 'ये मामला है दिल का फैला ले पर मेरे ख़तजाना पड़ेगा तुझको उड़कर शहर मेरे ख़त' मतले के ऊला में सहीह शब्द "मुआमला" 1212 और…"
Sep 7
Samar kabeer commented on Dimple Sharma's blog post बदल रहा है तेरा शह्र पैरहन मेरा (ग़ज़ल)
"मुहतरमा डिम्पल शर्मा जी आदाब, मैंने आपसे पहले भी निवेदन किया था कि आप अपनी बनाई ज़मीनों के बजाय पुराने उस्ताद शाइरों के मिसरे लेकर उन पर अभ्यास करें,तो आपके लिए बहतर होगा । 'ख़ुदारा खैर है बदला नहीं है तन मेरा' इस मिसरे को यूँ कर…"
Sep 7
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Dimple Sharma's blog post बदल रहा है तेरा शह्र पैरहन मेरा (ग़ज़ल)
"मुहतरमा डिम्पल शर्मा जी, माज़रत के साथ कहना चाहता हूँ कि आपकी ग़ज़ल की ज़मीन और बह्र ज़रा अलग हैं, बह्र के तमाम अरकान मुज़ाहिफ़ हैं कोई सालिम रुक्न नहीं है जिस पर ग़ज़ल कहना या इस्लाह करना आसान नहीं है, मुझे लगता है कि आपकी इस ज़मीन और बह्र पर सिर्फ…"
Sep 7
Dimple Sharma commented on आशीष यादव's blog post बोलो मैं कैसे बिकता
"आदरणीय आशीष यादव जी नमस्ते, बहुत खुबसूरत रचना हुई है बधाई स्वीकार करें आदरणीय।"
Sep 7
Dimple Sharma commented on सालिक गणवीर's blog post न जाने किस जनम का सिला दे गया मुझे..( ग़ज़ल)
"आदरणीय सालिक गणवीर जी नमस्ते, खुबसूरत ग़ज़ल पर बधाई स्वीकार करें आदरणीय ।"
Sep 7
Dimple Sharma commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post अपना द्वार खुला अलबत्ता.- ग़ज़ल
"आदरणीय बसंत कुमार शर्मा जी नमस्ते, खुबसूरत ग़ज़ल पर बधाई स्वीकार करें आदरणीय, दुसरा और तीसरा शेर बहुत कमाल हुआ है आदरणीय।"
Sep 7

Profile Information

Gender
Female
City State
Shillong
Native Place
Shillong
Profession
Poetress
About me
Love writing n cooking

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मेरे ख़त

221 2122 221 2122

ये मामला है दिल का फैला ले पर मेरे ख़त/1

जाना पड़ेगा तुझको उड़कर शहर मेरे ख़त

इस बार लिखना तय था वरना तो जाने कब से/2

आ जा रहे थे ख़्वाबों में उनके घर मेरे ख़त

अनपढ़ गंवार पागल थी इश्क़ क्या ही करती/3

चूल्हा जला रही थी वो फाड़ कर मेरे ख़त

सर्दी की रात थी जब उनको क़मर कहा था/4

उड़ कर के खुद गए थे उनके शहर मेरे ख़त

होठों की लाली होती थी जिन ख़तों पे पहले/5

अब रद्दी बन रहे थे बस उनके घर मेरे ख़त

इनकार लिखना…

Continue

Posted on September 6, 2020 at 3:07pm — 10 Comments

बदल रहा है तेरा शह्र पैरहन मेरा (ग़ज़ल)

1212 1122 1212 22  

बदल रहा है तेरा शह्र पैरहन मेरा/1

ख़ुदारा खैर है बदला नहीं है तन मेरा

तेरा यूँ ख्वाब-ओ-ख्यालों में आना जाना/2

रखेगा कौन बता यार यूँ जतन मेरा

तू लड़ मगर तोड़ मत ये आईना इकलौता/3

जो टूटा कौन निहारेगा फिर बदन मेरा

मुझे ख़बर हुई है तेरे आने की जबसे/4

महक रहा है तेरे ख्याल से बदन मेरा

था खुबसूरत मेरा भी एक आशियाना सुन/5

उजाड़ा है मेरे अपनों ने ही चमन मेरा

जो इन्तजार मेरी मौत का सभी को था/6

तो लो खरीद लिया…

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Posted on September 2, 2020 at 4:00pm — 7 Comments

वक़्त लगता है

221 2121 1221 212

सुन इश्क जादू-टोने में कुछ वक़्त लगता है/1

ये प्यार-व्यार होने में कुछ वक़्त लगता है

मैं चाहती हूँ रोना बड़ी जोर से मगर/2

दिल खोल कर के रोने में कुछ वक़्त लगता है

ये सर्द रातें दर्द बयां करती है मेरा*

अंधेरे कमरें में मैंने पैकर का घर देखा/3

तन्हा अकेले सोने में कुछ वक़्त लगता है

पड़ जाएं हम किसी के यूं ही इश्क़ में कैसे/4

हमको किसी का होने में कुछ वक़्त लगता है

हम तो ज़मीं पे सोते हैं तारों की छांव में/5

समझो…

Continue

Posted on August 18, 2020 at 3:04pm — 7 Comments

दीवार से तस्वीर हटाने के लिए आ

221 1221 1221 122

दीवार से तस्वीर हटाने के लिए आ

झगड़ा है तेरा मुझसे जताने के लिए आ/1

तू वैद्य मुहब्बत का है मैं इश्क़ में घायल

चल ज़ख्म पे मरहम ही लगाने के लिए आ/2

पत्थर हुए जाती हूं मैं पत्थर से भी ज्यादा

तू मोम मुझे फिर से बनाने के लिए आ/3

है आईना टूटा हुआ चहरा न दिखेगा

सूरत तेरी आँखों में दिखाने के लिए आ/4

ये बाज़ी यहाँ इश्क़ की मैं हार के बैठी

तू दर्द भरा गीत ही गाने के लिए आ /5

रुसवाई भी होती है मुहब्बत के सफ़र में…

Continue

Posted on July 21, 2020 at 6:00am — 11 Comments

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