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Saurabh Pandey's Discussions (17,064)

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"//नवगीत सृजन एक संवेदनशील मन की तपस्या का परिणाम होता है. जिसे परम्परा और आधुनिक काल…"

Saurabh Pandey replied Jan 12, 2022 to समीक्षा : 'न बहुरे लोक के दिन' (नवगीत संग्रह)

2 Jan 14, 2022
Reply by Ashok Kumar Raktale

"आदरणीय अशोक भाईजी, सद्यः प्रकाशित दोहा-संग्रह ’टुकड़ा-टुकड़ा धूप’ के विषय में जानना-पढ़…"

Saurabh Pandey replied May 7, 2019 to समीक्षा पुस्तक : टुकड़ा-टुकड़ा धूप (दोहा संकलन)

1 May 7, 2019
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय लक्ष्मण प्रसाद जी का ओबीओ के पटल पर होना और एकनिष्ठ समर्पण के साथ छंद पर लगात…"

Saurabh Pandey replied Mar 16, 2017 to पुस्तक समीक्षा : लक्ष्मण की कुण्डलियाँ

3 Mar 17, 2017
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

"वे पल मुझे भी सौभाग्य से ही मिले थे, जब यह जानकारी हुई कि आ० सुशील सरनाजी विमोचन समा…"

Saurabh Pandey replied Oct 26, 2016 to छन्द काव्य संकलन ”करते शब्द प्रहार“ पुस्तक के विमोचन पर उदगार -

4 Oct 27, 2016
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय अशोक भाईजी, यह समीक्षा त्रैमासिक पत्रिका ’विश्वगाथा’ के सद्यः प्रकाशित अंक मे…"

Saurabh Pandey replied Jun 22, 2016 to छन्दों के प्रति उत्कट आग्रह के साथ सतत क्रियाशील रहना कई अर्थों में महत्त्वपूर्ण है

3 Sep 3, 2016
Reply by C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"

सदस्य कार्यकारिणी

"आपने गोया दिल ही निकाल कर रख दिया, शिज्जू भाई. बहुत खूब अंदाज़ और उतनी ही साफ़ग़ोई से आ…"

Saurabh Pandey replied Jun 2, 2016 to समरा: वारिस-ए-क़मर का सरमाया

2 Jun 2, 2016
Reply by शिज्जु "शकूर"

सदस्य टीम प्रबंधन

"इसमें कोई संदेह नहीं, आदरणीया कान्ताजी, कि भावना तिवारी का यह पहला गीत-संग्रह है. भा…"

Saurabh Pandey replied Feb 24, 2016 to भावना तिवारी के पास अंतर्मन को खँगालने की नैसर्गिक क्षमता है

4 Feb 24, 2016
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय धर्मेन्द्रजी, आपने इस समीक्षा को अपनबहुमूल्य समय दिया और इसके मत को अनुमोदित…"

Saurabh Pandey replied Feb 24, 2016 to भावना तिवारी के पास अंतर्मन को खँगालने की नैसर्गिक क्षमता है

4 Feb 24, 2016
Reply by Saurabh Pandey

"जय-जय !  सादर आभार आपका आदरणीय गोपाल नारायण जी !  "

Saurabh Pandey replied Dec 10, 2015 to एक साक्षात्कार सौरभ पाण्डेय कृत ‘छंद मंजरी’ से= डा0 गोपाल नारायन श्रीवास्तव

9 Dec 13, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

"आदरणीय गोपाल नारायणजी, आपकी सोच में जो रचनात्मकता है वह आपके ज्ञान को बहुमुखी कर देत…"

Saurabh Pandey replied Dec 8, 2015 to एक साक्षात्कार सौरभ पाण्डेय कृत ‘छंद मंजरी’ से= डा0 गोपाल नारायन श्रीवास्तव

9 Dec 13, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

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"आ. बृजेश जी, बहुत आभार आपका।"
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मन कैसे-कैसे घरौंदे बनाता है?

उषा अवस्थीमन कैसे-कैसे घरौंदे बनाता है?वे घर ,जो दिखते नहींमिलते हैं धूल में, टिकते नहींपर "मैं"…See More
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सदा - क्यों नहीं देते

221--1221--1221--1221आँखों में भरे अश्क गिरा क्यों नहीं देतेहै दर्द अगर सबको बता क्यों नहीं देते2है…See More
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"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर् आपके कहे अनुसार ऊला बदल लेती हूँ। ईश्वर आपका साया हम पर…"
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"जी सृजन के भावों को मान देने और त्रुटि इंगित करने का दिल से आभार । सहमत एवं संशोधित"
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"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर्, "बिना डर" डीलीट होने से रह गया।क्षमा चाहती…"
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"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए है। हार्दिक बधाई। लेकिन यह दोहा पंक्ति में मात्राएं…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल : बलराम धाकड़ (पाँव कब्र में जो लटकाकर बैठे हैं।)
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