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धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Discussions (2,688)

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सदस्य टीम प्रबंधन

"इस गीत संग्रह की इससे अच्छी समीक्षा नहीं हो सकती। हृदय से बधाई स्वीकार करें आदरणीय स…"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Feb 23, 2016 to भावना तिवारी के पास अंतर्मन को खँगालने की नैसर्गिक क्षमता है

4 Feb 24, 2016
Reply by Saurabh Pandey

"हा, हा, हा। आदरणीय सौरभ जी, उन्होंने कोई समीक्षा नहीं लिखी केवल समीक्षा के बारे में…"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Aug 20, 2015 to एक कवि की दृष्टि से – अकुलाहटें मेरे मन की (महिमा श्री)

10 Aug 20, 2015
Reply by धर्मेन्द्र कुमार सिंह

"शुक्रिया आदरणीय गौरव जी"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Aug 19, 2015 to एक कवि की दृष्टि से – अकुलाहटें मेरे मन की (महिमा श्री)

10 Aug 20, 2015
Reply by धर्मेन्द्र कुमार सिंह

"शुक्रिया आदरणीय मिथिलेश जी"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Aug 19, 2015 to एक कवि की दृष्टि से – अकुलाहटें मेरे मन की (महिमा श्री)

10 Aug 20, 2015
Reply by धर्मेन्द्र कुमार सिंह

"शुक्रिया आदरणीय सौरभ जी"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Aug 19, 2015 to एक कवि की दृष्टि से – अकुलाहटें मेरे मन की (महिमा श्री)

10 Aug 20, 2015
Reply by धर्मेन्द्र कुमार सिंह

"शुक्रिया  महिमा जी। मैं वादा करता हूँ तो निभाने की पूरी कोशिश करता हूँ। वैसे किसी अच…"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Aug 19, 2015 to एक कवि की दृष्टि से – अकुलाहटें मेरे मन की (महिमा श्री)

10 Aug 20, 2015
Reply by धर्मेन्द्र कुमार सिंह

"बहुत बहुत धन्यवाद सौरभ जी, स्नेह बना रहे"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Apr 7, 2014 to पुस्तक समीक्षा ग़ज़लकार ज़हीर कुरेशी जी द्वारा ग़ज़ल कहनी पड़ेगी झुग्गियों पर (‘सज्जन’ धर्मेन्द्र)

2 Apr 7, 2014
Reply by धर्मेन्द्र कुमार सिंह

सदस्य टीम प्रबंधन

"बड़ी बेबाकी से लिखी गई ईमानदार समीक्षा है। ग़ज़लकार और समीक्षाकार दोनों को बहुत बहुत बध…"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Feb 20, 2014 to डाली मोगरे की : समीक्षा // --सौरभ

2 Feb 20, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"इस शानदार काव्यात्मक समीक्षा के लिए आदित्य जी का तह-ए-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ। किसी पु…"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Nov 24, 2013 to ''परों को खोलते हुए'' की काव्यात्मक समीक्षा....................आदित्य चतुर्वेदी........समीक्षक

11 Nov 24, 2013
Reply by धर्मेन्द्र कुमार सिंह

"राहुल देव जी का तह-ए-दिल से आभारी हूँ कि उन्होंने इतनी विस्तृत पाठकीय प्रतिक्रिया लि…"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Nov 24, 2013 to समीक्षा - परों को खोलते हुए-1 : एक पाठकीय प्रतिक्रिया -राहुल देव

14 Nov 24, 2013
Reply by धर्मेन्द्र कुमार सिंह

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"आ. भाई योगराज प्रभाकर साहब, अतिशय आभार आपका ! मैं आपकी राय  से  सहमत हूँ।  इस …"
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Mahendra Kumar replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-90 (विषय: प्रतीक्षा)
"आदरणीय शेख़ शहज़ाद उस्मानी जी, हिन्दी की दशा-दुर्दशा पर अच्छी लघुकथा कही है आपने। हार्दिक बधाई…"
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Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-90 (विषय: प्रतीक्षा)
"आदाब। शुक्रिया त्वरित टिप्पणी और हौसला अफ़ज़ाई हेतु आदरणीय महेन्द्र कुमार जी।"
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"आदाब। वाह। परतें-दर-परतें खोलती... पोल खोलती... विवशतायें... व्यवस्थायें...बतलाती बेहतरीन शैली की…"
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Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-90 (विषय: प्रतीक्षा)
"कल वाली ट्रेन आज समय से है,यही क्या कम है? ट्रेन -परिचालन के हालातेहाल पर सटीक व्यंग्य है।आदरणीय…"
24 minutes ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-90 (विषय: प्रतीक्षा)
"अपनी मातृभाषा,भारत की राजभाषा के प्रति अधिकांश विदेश - स्थापित हिंदुस्तानियों का यही व्यवहार उनकी…"
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pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-90 (विषय: प्रतीक्षा)
"रेल की लेटलतीफी पर सटीक तंज करती इस रचना के लिये हार्दिक बधाई आदरणीय तस्दीक जी। "
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"धन्यवाद आ. रक्ताले जी"
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Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- दर्द है तो कभी दवा है ये
"धन्यवाद आ. समर सर। आपका कहना सही है लेकिन मैं मना को मनअ न लिखता हूं और न बोलता हूं। सादर"
43 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-90 (विषय: प्रतीक्षा)
"कारवाँ बढ़ेगा! (लघुकथा) : "हम विदेशियों को तुम ऐसे मेसिज क्यों भेजते हो वाट्सएप पर…"
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Mahendra Kumar replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-90 (विषय: प्रतीक्षा)
"आदरणीय तस्दीक़ जी, भारतीय रेल की लेटलतीफ़ी को प्रदत्त विषय से जोड़ते हुए आपने जो लघुकथा कही है उस पर…"
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Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-90 (विषय: प्रतीक्षा)
"आदाब। विषयांतर्गत बढ़िया तंजदार कथानक सूझा आपको। हार्दिक बधाई आदरणीय तस्दीक़ अहमद ख़ान साहिब। रचना के…"
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