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Chetan Prakash's Discussions (327)

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"आ. चलिए, माना, फिर भी, जनाब, 22 ( फैलुन ) पर एक ही साकिन की छूट होगी, 112 तक ही विस्…"

Chetan Prakash replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144

153 on Saturday
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आ. अमीरुद्दीन साहब, अर्थ विपर्यय पुनः हो जाएगा, अब । , और, वही दोष भी क्योकि में अथव…"

Chetan Prakash replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144

153 on Saturday
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आ. आयोजन की शर्त ही नहीं ओ. बो. ओ. की रिवायत रही है, इसी से मैंने आपका ध्यान इस तरफ…"

Chetan Prakash replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144

153 on Saturday
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आ. भाई, लक्ष्मण सिंह धामी मुसाफिर गज़ल को आपकी संस्तुति मिली, आपका एतद्वारा आभार व्य…"

Chetan Prakash replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144

153 on Saturday
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आ. बेहद सुन्दर गिरह लगाई, इस बार, कदचित मुशाइरे की सबसे सुन्दर , लेकिन मोहतरमा शेर (…"

Chetan Prakash replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144

153 on Saturday
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"'तल्ख़' की बा( 2122)तों से मिलता(1122) ही नहीं को( 1122)ई सुराग 2121 ( 222) माननीय.स…"

Chetan Prakash replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144

153 on Saturday
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आ. आपने शायद, अमित जी को दिया, मेरा प्रत्युत्तर नहीं पढ़ा ।"

Chetan Prakash replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144

153 on Saturday
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आ. कृपया देखें ः मारता खुद ( 2122 ) के ही पैरों ( 1122 ) पे कुल्हाड़ी ( 1122 ) है जह…"

Chetan Prakash replied on Saturday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144

153 on Saturday
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदाब, अशफाक़ अली, काबिलेतारीफ गज़ल कही आपने, मोहतरम, मुबारक बाद कुबूल करें ! हाँ, मत…"

Chetan Prakash replied on Friday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144

153 on Saturday
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आ. भाई अमित कुमार 'अमित'  क्षमा कर  कृतार्थ करें, ठकुर सुहाती,  बंधुवर, मुझे  नहीं आ…"

Chetan Prakash replied on Friday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144

153 on Saturday
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

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Chetan Prakash commented on Saurabh Pandey's blog post खत तुम्हारे नाम का.. लिफाफा बेपता रहा // सौरभ
". पुनश्च ः आदरणीय सौरभ साहब नमन बहुतअच्छी गज़ल हुई है। हाँ मुझे आपके मतले के ऊला चाहता रहा उसे मगर…"
1 hour ago
Chetan Prakash commented on Saurabh Pandey's blog post खत तुम्हारे नाम का.. लिफाफा बेपता रहा // सौरभ
". पुनश्च ः आदरणीय सौरभ साहब नमन बहुतअच्छी गज़ल हुई है। हाँ मुझे आपके मतले के ऊला चाहता रहा उसे मगर…"
1 hour ago
Chetan Prakash commented on Saurabh Pandey's blog post खत तुम्हारे नाम का.. लिफाफा बेपता रहा // सौरभ
"आदरणीय सौरभ साहब नमन बहुतअच्छी गज़ल हुई है। हाँ मुझे आपके मतले के ऊला चाहता रहा उसे मगर न बोल पा…"
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on Saurabh Pandey's blog post खत तुम्हारे नाम का.. लिफाफा बेपता रहा // सौरभ
"//भाइयो, जुट जाओ/ भाइयो, जुट जा..  तकनीकी रूप से उपर्युक्त दोनों वाक्य समूहवाचक संज्ञा के…"
6 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post खत तुम्हारे नाम का.. लिफाफा बेपता रहा // सौरभ
"भाइयो, जुट जाओ/ भाइयो, जुट जा..  तकनीकी रूप से उपर्युक्त दोनों वाक्य समूहवाचक संज्ञा के एकवचन…"
7 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on Saurabh Pandey's blog post खत तुम्हारे नाम का.. लिफाफा बेपता रहा // सौरभ
"आदरणीय, चूंकि ओ बी ओ एक सीखने-सिखाने का मंच है, केवल इसलिये मैंने आपका ध्यान इस ओर इंगित किया जाना…"
7 hours ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-87 (विषय: मार्गदर्शन)
"अंतर्व्यथा मैं पानी की एक बूंद हूं। समंदर के अंदर के उथल - पुथल,कोलाहल और ताप से उत्तप्त हो उठते…"
9 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post खत तुम्हारे नाम का.. लिफाफा बेपता रहा // सौरभ
"आदरणीय लक्ष्मण भाईजी, प्रस्तुति को आपसे मिले अनुमोदन से अभिभूत हूँ.  हार्दिक धन्यवाद."
10 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post खत तुम्हारे नाम का.. लिफाफा बेपता रहा // सौरभ
"आदरणीय, आपकी चिंता जायज है. लेकिन 'रुको जरा..' भी तो उस लिहाज से एकवचन को संबोधित क्रिया…"
10 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Saurabh Pandey's blog post खत तुम्हारे नाम का.. लिफाफा बेपता रहा // सौरभ
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। लम्बे अंतराल पर आपकी मनभावन रचना पढ़कर मन हर्षित हुआ। हार्दिक बधाई।"
22 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on Saurabh Pandey's blog post खत तुम्हारे नाम का.. लिफाफा बेपता रहा // सौरभ
"आदरणीय मेरा इशारा वाक्य विन्यास की ओर था, बादलो, इधर न आ.... या बादलो रुको ज़रा... दोनों में ही…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post खत तुम्हारे नाम का.. लिफाफा बेपता रहा // सौरभ
"उत्साहवर्द्धन के लिए आपका सादर धन्यवाद, आदरणीय अमीरुद्दीन ’अमीर’ बागपत्वी…"
yesterday

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