For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़म को क़रीब से मियाँ देखा है इसलिए(५१)

(२२१ २१२१ १२२१ २१२ )

ग़म को क़रीब से मियाँ देखा है इसलिए

अपना ही दर्द ग़ैर का लगता है इसलिए'

**

जब और कोई राह न सूझे ग़रीब को

रस्ता हुज़ूर ज़ुर्म का चुनता है इसलिए

**

बाज़ार के उसूल हुए लागू इश्क़ पर

बिकता है ख़ूब इन दिनों सस्ता है इसलिए

**

आसाँ न दरकिनार उसे करना ज़ीस्त से

दिल का हुज़ूर आपके टुकड़ा है इसलिए

**

उनके ज़मीर के हुए चर्चे जहान में

मिट्टी के भाव में उसे बेचा है इसलिए

**

ना-जायज आप फ़ायदा उसका उठायें मत

हद से ज़ियादा आदमी अच्छा है इसलिए

**

आते हैं ग़म भी ज़ीस्त में अक़्सर ख़ुशी के बअ'द 

शायद बहुत क़रीब का रिश्ता है इसलिए

**

कुछ लोग दाद क्यों तुझे देते नहीं 'तुरंत'

अब भी सुख़नवरी में तू कच्चा है इसलिए

**

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' बीकानेरी

२८/०६/२०१९

(मौलिक एवं अप्रकाशित )

Views: 359

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on July 22, 2019 at 10:34pm

बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय  Samar kabeer साहेब | 

सलामत रहें | 

Comment by Samar kabeer on July 22, 2019 at 6:36pm

मतला यूँ कर सकते हैं:-

'ग़म को क़रीब से मियाँ देखा है इसलिए

अपना ही दर्द ग़ैर का लगता है इसलिए'

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on July 21, 2019 at 12:26am

आदरणीय Samar kabeer साहेब ,कुछ कुछ इसका अहसास मुझे भी था | लेकिन तात्कालिक  उपाय कुछ सूझा नहीं, क्या कोई उपाय हो सकता है ? सादर | पड़ती है मार.... को तो हटा सकते हैं लेकिन मतले क्या क्या किया जाये ? कृपया रास्ता दिखाएँ | "अपना सा दर्द गैर का लगता है इसलिए " क्या सही रहेगा ? सादर | 

Comment by Samar kabeer on July 3, 2019 at 2:51pm

जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।

'लगता है दर्द ग़ैर का अपना है इसलिए'

इस मिसरे में रदीफ़ से इंसाफ़ नहीं हो सका,देखियेगा ।

'पड़ती है मार पर उसे सच्चा है इसलिए'

इस मिसरे का शिल्प कमज़ोर है,आप जो कहना चाहते हैं स्पष्ट नहीं हुआ,देखियेगा ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

आशीष यादव replied to Aazi Tamaam's discussion Secracy in the group English Literature
"Very nice geet"
1 hour ago
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष पर 5 दोहे
"आदरणीय श्री सौरभ पांडेय सर प्रणाम।  प्रत्येक रचना पर आपकी टिप्पणियों की प्रतीक्षा रहती है।…"
1 hour ago
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष पर 5 दोहे
"आदरणीय श्री बृजेश कुमार ब्रज जी बहुत-बहुत धन्यवाद।"
1 hour ago
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post मैं पुलिस हूँ (पुलिस गीत) : आशीष यादव
"आदरणीय श्री अमीरुद्दीन अमीर सर प्रणाम।  आपकी सराहना से मन प्रसन्न हुआ। बहुत-बहुत धन्यवाद।"
1 hour ago
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post मैं पुलिस हूँ (पुलिस गीत) : आशीष यादव
"आदरणीय श्री लक्ष्मण धामी मुसाफिर सर प्रणाम। सर गीत तक पहुंचने और उस पर सकारात्मक टिप्पणी देने के…"
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Admin's group अतिथि की कलम से
"आदरणीय अमीरुद्दीन अमीर जी, शुभस्य शीघ्रम्.  पहल करें. किसी अतिथि से सार्थक रचना प्राप्त कर…"
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Admin's group अतिथि की कलम से
"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' साहब, आपके विचारों से सहमत हूँ. किन्तु अक्सर हुआ ये है कि किसी…"
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Anamika singh Ana's discussion समीक्षा -समकालीन मुकरियाँ in the group पुस्तक समीक्षा
"आदरणीया अनामिका सिंह 'अना' जी सादर, त्रिलोक सिंह ठकुरेला जी द्वारा सम्पादित 'समकालीन…"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दोहा सप्तक -६( लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' )
"आ. भाई वृजेशजी, सादर अभिवादन। दोहों पर उपस्थिति व प्रशंसा के लिए धन्यवाद।"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post शिशिर के दोहे -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। दोहों पर उपस्थिति और प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद ।"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post शिशिर के दोहे -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई आजी तमाम जी, सादर अभिवादन। दोहों पर उपस्थिति और प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
5 hours ago
प्रशांत दीक्षित 'प्रशांत' updated their profile
6 hours ago

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service