For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल -चाहता हूँ उसे कमल कहना ।

चाहता हूँ उसे कमल कहना
चाँदनी और गंगा जल कहना
उसकी तारीफ़ जो रहा करता
भूल ही जाउंगा ग़ज़ल कहना
मायने अब समझ नहीं आते
अब विफल को नहीं विफल कहना
दिल दुखाने में जो सफल हो जाए
आजकल उनको ही सफल कहना
मुस्कुराहट मुझे सिखाती है
आँसुओं पर कोई ग़ज़ल कहना ।


मौलिक व अप्रकाशित ।

Views: 359

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by रामबली गुप्ता on April 5, 2016 at 9:00pm
सुंदर प्रयास आदरणीय
Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on April 5, 2016 at 11:10am

इस प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 4, 2016 at 9:12pm

अच्छा प्रयास है सूबे सिंह जी बधाई आपको 

Comment by Dr Ashutosh Mishra on April 4, 2016 at 3:05pm

आदरणीय सूबे सिंह जी इस ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin posted discussions
18 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

गज़ल - ज़ुल्फ की जंजीर से ......

गजल- ज़ुल्फ की जंजीर से ......2212 2212 2212 212 आश्ना  होते  अगर  हम  हुस्न  की  तासीर से । दिल…See More
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post गज़ल - ज़ुल्फ की जंजीर से ......
"आदरणीय समर कबीर जी आदाब, सृजन पर आपके अनुमोदन से बन्दे को तसल्ली हुई ।अरकान जल्दी में 2122 की जगह…"
yesterday
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post गज़ल - ज़ुल्फ की जंजीर से ......
"जनाब सुशील सरना जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा हुआ है, और इस विधा में भी आप कामयाब हुए,हार्दिक बधाई…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on मनोज अहसास's blog post अहसास की ग़ज़ल::; मनोज अहसास
"आ. भाई मनोज जी, सादर अभिवादन। अच्छी गजल हुई है। हार्दिक बधाई। भाई समर जी का सुझाव उत्तम है । मिसरे…"
Tuesday
मनोज अहसास commented on मनोज अहसास's blog post अहसास की ग़ज़ल::; मनोज अहसास
"आदरणीय समर कबीर साहब सादर प्रणाम आपकी बहुमूल्य इस्लाह से ग़ज़ल लाभान्वित हुई है आप सदैव यूं ही…"
Monday
Sushil Sarna posted blog posts
Monday
chouthmal jain replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-139
"धन्यवाद"
Sunday
chouthmal jain replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-139
"धन्यवाद"
Sunday
chouthmal jain replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-139
"धन्यवाद"
Sunday
chouthmal jain replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-139
"धन्यवाद"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post तन-मन के दोहे - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। दोहों की प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
Sunday

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service