For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ब्रेक अप पार्टी

युवाओं में ब्रेक अप पार्टी का चलन देख कुछ ख्यालों ने दिल पर दस्तक दी आपकी नजर करती हूँ ...

 

आओ मिलें ऐ दोस्त ,बिछुड़ जाने के लिए 

फिर से याद करें वो यादें ,भूल जाने के लिए 

आओ मिलें एक बार 

लेकर यादों का वो पिटारा 

इक मेरा तुम इक तेरा मैं 

वापिस करें.. 

वो अनमोल लम्हे 

जो जिए हमने संग संग 

वो दुःख दर्द जो बाँटें हमने संग संग 

वो आँसू जिनसे भिगोया तकिया 

एक दूसरे की याद में 

वापिस करें  ...

जो तुझमें हूँ मैं कुछ कुछ 

और

जो मुझमें हो तुम कुछ कुछ 

वापिस करें ...

वो चिंता  

वो हमदर्दी

जो हमने एक दूसरे के लिए की 

वापिस करें ..

वो सन्देश जो हमने भेजे 

प्यार के 

प्रेरणा के

दोस्ती के  

वापिस करें ..

वो पल पल की कसक 

जिसने दी हमारे दिल पर दस्तक  

वापिस करें ...

वो वादे 

वो कसमें 

जिन्हें निभाया हमने बड़ी शिद्दत से 

भूल जायें 

वो 'गुज़ारिश' रूठने मनाने की 

वो 'अलविदा' ना कहकर 'फिर मिलेंगे' कहना 

आओ मिलकर ...

एक वादा करें खुद से ..

दोबारा ना मिलने का ,

यादों से दूर चले जाने का ...

और शुरू करें फिर से ये जिंदगी उस मोड़ से  

यहाँ हम तुम थे अजनबी ....

..........................................

.......मौलिक एवं अप्रकाशित .....

Views: 207

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Anurag Goel on February 4, 2015 at 6:32pm

बहुत बढ़िया लिखा है

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on February 4, 2015 at 4:20pm

और शुरू करें फिर से ये जिंदगी उस मोड़ से  

यहाँ हम तुम थे अजनबी .......बहुत सुंदर, बधाई आदरणीया सरिता जी


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on February 4, 2015 at 1:32pm

बहुत सुन्दर प्रस्तुति , आदरणीया सरिता जी , हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Hari Prakash Dubey on February 3, 2015 at 9:03pm

आदरणीया सरिता भाटिया जी सुन्दर प्रयास , हार्दिक बधाई / और शुरू करें फिर से ये जिंदगी उस मोड़ से 

यहाँ/ जहाँ हम तुम थे अजनबी ....! सादर 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132

परम आत्मीय स्वजन,ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 132वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है| इस बार का मिसरा…See More
9 hours ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-128
"जी जनाब सादर"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-128
"सादर नमस्कार। बहुत-बहुत शुक्रिया रचना पटल पर अमूल्य समय देकर मार्गदर्शक व प्रोत्साहक टिप्पणी हेतु…"
yesterday
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-128
"सादर प्रणाम आ सौरभ जी नग़मा का विन्यास व मर्म बेहद साफ़ साफ़ स्पष्ट हो रहा है सर शुरू के शै र में…"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-128
"भाई आज़ी 'तमाम' जी आपकी पटल पर पाठकीय उपस्थिति ही आपको विधा की.ओर.भी खींच ले जायेगी।…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-128
"भाई आजी जी, आपकी रचना का मर्म आश्वस्त कर रहा है. बधाइयाँ. किंतु विन्यास को नहीं समझ पा रहा…"
yesterday
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-128
"हाइकू के बारे में जानकारी तो नहीं है पर आ शेख साहब पढ़कर अच्छी लगी  सादर"
yesterday
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-128
"बेहद रोचक छंद है आ प्रतिभा जी विषय को सार्थक बनाते हुए सादर"
yesterday
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-128
"सहृदय शुक्रिया आ प्रतिभा जी सराहना के लिये दिल से शुक्रिया सादर"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-128
"वाह वाह वाह !  भाई शेख शहज़ाद जी, कमाल का प्रयास हुआ है. आपने हाइकु को एक चरण और दिया है कहूँ,…"
yesterday
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-128
"शुक्रिया आ शेख जी हौसला अफ़ज़ाई के लिये सहृदय प्रणाम सादर"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-128
"दोनों मुक्तकों से सार्थक अर्थ संप्रेषित हो रहे हैं, आदरणीया.  बधाई !! "
yesterday

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service