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मत, मतदाता [कुण्डलिया]

मतदाता बन तो गए किया ना मत प्रयोग
मत की महिमा जान लो चुनावी बना योग
चुनावी बना योग समय की कीमत जानो
करो सोच मतदान मत का मोल पहचानो
करना मत तुम लोभ करो जो मन को भाता
पहचानो अधिकार बन निर्भीक मतदाता

                     ..............सरिता

............मौलिक व अप्रकाशित.............

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Comment by Satyanarayan Singh on May 22, 2014 at 10:35pm

आ. सरिता जी इस प्रयास हेतु हार्दिक बधाई. 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by अरुण कुमार निगम on May 2, 2014 at 11:34pm

कुंडलिया छंद पर सुन्दर प्रयास.......

Comment by annapurna bajpai on May 2, 2014 at 1:55pm

आ0 सरिता भाटिया जी बहुत खूबसूरत कुण्डलिया बधाई आपको । 

Comment by Sarita Bhatia on May 2, 2014 at 8:44am

आदरणीया कुंती दी हार्दिक आभार 

Comment by Sarita Bhatia on May 2, 2014 at 8:43am

शुक्रिया जितेन्द्र भाई 

Comment by Sarita Bhatia on May 2, 2014 at 8:43am

शुक्रिया अखिलेश सर ...सादर 

Comment by Sarita Bhatia on May 2, 2014 at 8:43am

आदरणीया मीना जी हार्दिक आभार 

Comment by coontee mukerji on May 2, 2014 at 3:16am

बहुत सुंदर लिखा है सरिता जी. हार्दिक बधाई.

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on May 1, 2014 at 11:02pm

बहुत बढ़िया सन्देश, बधाई आपको आदरणीया सरिता जी

Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on May 1, 2014 at 1:18pm

आदरणीया सरिताजी 

मतदाता को अच्छी सलाह दी , सुंदर छंद , हार्दिक बधाई 

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