For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के कुछ सदस्यो का मिलन पटना के पवित्र महावीर मंदिर के प्रांगण मे,

आज दिनांक 02/06/2010 को ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के कुछ सदस्यो का मिलन पटना के पवित्र महावीर मंदिर के प्रांगण मे हुआ, जिसका चित्र यहाँ देखा जा सकता है |

पटना के पवित्र महावीर मंदिर

रवि कुमार "गुरु" और सतीश मापतपुरी जी

गनेश जी "बागी", रवि कुमार "गुरु" और सतीश मापतपुरी जी

रवि कुमार "गुरु", सतीश मापतपुरी और ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार से प्रभावित अन्य बंधु

रवि कुमार "गुरु",गनेश जी "बागी", सतीश मापतपुरी और ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार से प्रभावित अन्य बंधु

रवि कुमार "गुरु",गनेश जी "बागी", सतीश मापतपुरी और ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार से प्रभावित अन्य बंधु

रवि कुमार "गुरु"

सतीश मापतपुरी

गनेश जी "बागी"

Views: 1055

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Rash Bihari Ravi on June 3, 2010 at 2:29pm
नेट पर मिले फोन पर कितने बार बात हुई ,
दिन था बुधबार जगह पटना महाबीर स्थान ,
पावन बेला पावन पल अपनों की साथ हुई ,
धन्य हुए गुरु की सतीश भाई गणेश जी से ,
हनुमान जी के चरण कमलो में मुलाकात हुई ,
धन्य भोजपुरिया सेवक की मधुर मुस्कान ,
ये थी ओपन बुक्स ऑनलाइन की हसरत ,
की हम तीनो की इतनी सुन्दर मुलाकात हुई ,
चाहत हैं दिल में मेरे हर कोई मिले दिल खिले ,
ओपन बुक्स ऑनलाइन का दीप हर दिल में जले ,
Comment by Admin on June 3, 2010 at 1:40pm
बहुत ही बढ़िया शुरुवात , नेट की दुनिया से निकलकर वास्तविक धरती पर एक मिलन,
Comment by ABHISHEK TIWARI on June 3, 2010 at 1:18pm
महाराज इहावा ता रौवा सभे एकदमे कमाल कर देले बानी जा , बहुत सुंदर अद्भुत नज़ारा होई , चलीं हंहू कभी आइब पटना मे , ता एकदिन और ई जलसा होई , अब चैटिंग से मुलाकात तक बात पहुँच गैल , एह से बढ़िया अब का चाहीँ
Comment by Kanchan Pandey on June 3, 2010 at 12:47pm
Badhiya Paryas hai, ab Net sey miley log real mey meel rahey hai, thanks to Open Books Online,
Comment by दुष्यंत सेवक on June 3, 2010 at 12:41pm
badhiya hai......
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on June 2, 2010 at 11:41pm
jai ho obo......aakhir meet bhi bhail aur wo bhi hanuman mandir jaise pavitra jagah par ......

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
14 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service