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सीना नहीं बना पाए तो क्या ..पेट तो फुला लिया .. अपराध मिटा न सके तो क्या .. अवरोधक तो बना लिया ....

पेट में जो चर्बी है सब आम जनता की अमानत है ..वापस लेना है की नहीं..
. इतनी चर्बी से ना जाने कितने घुप्प घरो के दिए रोशन हुए होते ..



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प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on June 7, 2010 at 8:45pm
हा हा हा - बहुत अच्छे आनंद वत्स भाई ! मेरे पंजाब कि पुलिस पर अच्छा तवा लगाया है आपने ! रिश्वत की चर्बी इनके मोटे मोटे पेटों से ज़ाहिर होती है ! लेकिन एक बात आप शायद भूल रहे हैं कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में किसी भी आतंकवादी लहर (अर्थात पंजाब की खालिस्तानी लहर) को ९० के दशक में अपने दम पर मिटाने का श्रेय भी पंजाब की बहादुर पुलिस को ही जाता है !
Comment by satish mapatpuri on June 3, 2010 at 4:08pm
पेट में जो चर्बी है सब आम जनता की अमानत है ..वापस लेना है की नहीं..
. इतनी चर्बी से ना जाने कितने घुप्प घरो के दिए रोशन हुए होते ..
आनंद जी, बहुत बढ़िया.
Comment by Rash Bihari Ravi on June 3, 2010 at 2:41pm
hahahahahahahahahah
Comment by ABHISHEK TIWARI on June 3, 2010 at 1:27pm
ये पेन नही है नाद है ,
भूखे भेड़िए की मांद है ,
जितना डालो खा जाएँगे ,
कच्चा पक्का पचा जाएँगे ,,,,,,,,
Comment by Kanchan Pandey on June 3, 2010 at 12:49pm
hehehehehe, sahi hai,

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on June 3, 2010 at 9:09am
waah Anand jee waah, bahut badhiya Research hai bhai,
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on June 2, 2010 at 12:45pm
anand jee photo dekhne se to hasi aa rahi hai lekin dusre taraf se dekha jaye to ye bahut hi samvedansil baat hai....
sahi kaha aapne seena to nahi badha paye lekin pet jaroor badha liye.......
lekin ab kuch ho bhi nahi sakta hai...ye log nahi sudhar sakte hain
Comment by Admin on June 2, 2010 at 12:43pm
आनंद जी हसी हसी मे ही बहुत संवेदनशील बात आप ने कह दिया है, बहुत खूब,

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