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ऐ खुदा मुझ को भी तेरी मेहरबानी चाहिए

ऐ खुदा मुझ को भी तेरी मेहरबानी चाहिए 
इक महकते गुल की जैसी ज़िंदगानी चाहिए 

मुझ को लंबी उम्र की हरगिज नहीं है आरज़ू 
जब तलक है जिंदगी ,मुझको जवानी चाहिए 

मैं समंदर तो नहीं जो उम्र भर ठहरा रहूँ 
एक दरया की तरह मुझ को रवानी चाहिए ...

परवरिश बच्चों की करना , फर्ज़ है माँ बाप का  

सच की हरदम राह भी उन को दिखानी चाहिए 

आज के अखबार का यह कह रहा है राशि फल 

आज मुझ को अपनी किस्मत आजमानी चाहिए 

मौलिक व अप्रकाशित.... 

Views: 771

Comment

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Comment by Ajay Agyat on April 9, 2014 at 7:23pm

सभी मित्रो का आभार .... 

Comment by वीनस केसरी on January 20, 2014 at 3:05am

मुझ को लंबी उम्र की हरगिज नहीं है आरज़ू 
जब तलक है जिंदगी ,मुझको जवानी चाहिए

:)))))) ज़नाब आपकी दुआ क़ुबूल हो जाय तो मज़ा आ जाए

बहरहाल ग़ज़ल के लिए ढेरो मुबारकबाद

Comment by विजय मिश्र on January 15, 2014 at 4:19pm
"परवरिश बच्चों की करना , फर्ज़ है माँ बाप का
सच की हरदम राह भी उन को दिखानी चाहिए | -बहुत सुंदर अजयजी
Comment by ram shiromani pathak on January 15, 2014 at 10:21am

सुन्दर ग़ज़ल हुई है। .   हार्दिक बधाई आपको 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on January 15, 2014 at 12:48am

बहुत खूब भाईजी.

Comment by sarika choudhary on January 14, 2014 at 1:39pm

आज के अखबार का यह कह रहा है राशि फल 

आज मुझ को अपनी किस्मत आजमानी चाहिए

Comment by Sarita Bhatia on January 14, 2014 at 9:13am

bahut khubsurart ,badhai

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on January 13, 2014 at 11:12pm

मैं समंदर तो नहीं जो उम्र भर ठहरा रहूँ 
एक दरया की तरह मुझ को रवानी चाहिए ........वाह! बहुत कमाल का शेर

Comment by coontee mukerji on January 13, 2014 at 10:28pm

मैं समंदर तो नहीं जो उम्र भर ठहरा रहूँ 
एक दरया की तरह मुझ को रवानी चाहिए ......बहुत खूब.

Comment by नादिर ख़ान on January 13, 2014 at 1:20pm

मैं समंदर तो नहीं जो उम्र भर ठहरा रहूँ 
एक दरया की तरह मुझ को रवानी चाहिए ...

परवरिश बच्चों की करना , फर्ज़ है माँ बाप का  

सच की हरदम राह भी उन को दिखानी चाहिए 

आदरणीय अजय जी, उम्दा रवानगी लिए हुये शानदार गज़ल के लिए, बहुत बधाई ....

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