For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

१३-१४ साल के आसपास की उम्र होगी उसकी ! शायद कुछ अंडे चुराए थे उसने ! बस इसीलिए लोग उसे बेतहाशा पीट रहे थे ! कहीं से पुलिस को इत्तला हुई ! पुलिस पहुंची ! बहुत मशक्कत हुई, पर लोग उसे बख्शने को तैयार न थे ! आखिर पुलिस को लाठीचार्ज और हवाई फायर करना पड़ा ! दो-चार लोग घायल हुवे, पर उसे बचा लिया गया ! अगले दिन खबर थी, “जनता के रक्षक हुवे भक्षक” ये खबर खूब चली ! पुलिस ने इस खबर को देखा और अगले मामले में शांत रही ! कोई लाठीचार्ज, कोई हवाई फायर नही ! अगले दिन खबर थी, “पब्लिक की सरेआम गुण्डागर्दी, पुलिस बनी मूकदर्शक” खैर ! ये खबर भी खूब चली !

-पियुष द्विवेदी ‘भारत’

(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 462

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by पीयूष द्विवेदी भारत on February 4, 2013 at 10:50pm

आपको कथा बेहतर लगी, ये जान के इसके प्रति काफी आश्वस्त हुवा ! बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सौरभ जी !

Comment by पीयूष द्विवेदी भारत on February 4, 2013 at 10:48pm

आपने कथा को सराहा, धन्यवाद आदरणीय अशोक भाई जी ...!


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on February 4, 2013 at 8:17pm

सही-सच्ची कर्तव्यनिष्ठा आज की भेड़चाल के कारण किस दुर्दशा को झेल रही है इसका बढिया प्रस्तुतिकरण हुआ है. पत्रकारिता के नाम पर जो हल्कापन तारी हुआ है वह कभी-कभी डरा भी देता है कि ऐसा दायित्व निर्वहन समाज का कौन सा भला कर रहा हैं ! जन-आक्रोश में भी बला की दिशाहीनता है.

एक अच्छी लघु कथा को साझा करने के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद, पियुष भाईजी.

Comment by Ashok Kumar Raktale on February 4, 2013 at 9:10am

भाई पियूष द्विवेदी जी सादर, यही सच्चाई है. आज ही अखबार में खबर है लड़की को ससम्मान बुलाकर शिकायत लिखी गयी. कल की खबर थी लड़की ने टेलीफोन कर तंग करने की शिकायत की थी तो पुलिस ने कहा था - फोन ही तो किया है हाथ तो नहीं पकड़ा है.सादर.

Comment by पीयूष द्विवेदी भारत on February 3, 2013 at 2:26pm

धन्यवाद आदरणीय लक्ष्मण जी एवं आदरेया राजेश कुमारी  जी !


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on February 3, 2013 at 1:51pm

पूछ कर देखो तो अपनी सफाई में हर पुलिस वाले के दिल की यही कहानी है जनता किसी भी तरह नहीं बक्श्ती ,हमारे देश के नेता भी यही कहते हैं जनता कुछ तो सुधरो ,बेचारों को जीने दो ,बहरहाल सच्चाई बयान करती इस लघु कथा हेतु बधाई पियूष जी 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on February 3, 2013 at 1:14pm
सुन्दर लघु कथा बधाई श्री पियूष द्वेदी 'भारत' -
चौथा खम्भा पुलिस का करता ऐसा कार्य 
विवेक से नहीं, कार्य करता बेसिर पैर का 
कोप भाजन बने सदा ही जनता जनार्दन का 
सुर्ख़ियों में रहता रहे, ग्रास बने मीडिया का।

 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service