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अपनी अदा 
 

आज हम ग़म से वाकिफ हैं,असर तेरी दुआ का है
हर हाल में जीते हम यह अपनी अदा है दोस्त

हक़ दोस्ती-ओ-मुहब्बत का अदा हमको भी करना है
हम हँसते हुए कुर्वान हुए यह अपनी वफ़ा है दोस्त

दुनियाँ यकीं करे न करे तुम ज़रूर कर लेना
हमने तुमपे ऐतवार किया यह अपनी ख़ता है दोस्त

मुहब्बत करना छोड़ देना आज फैशन सा हो गया है
वेवफाई की आजकल हर तरफ हवा है दोस्त

दीपक 'कुल्लुवी' इश्क के जनूँ में बह गया
उसी जनूँ की मिल रही भारी सज़ा है दोस्त

दीपक कुल्लुवी
09350078399
12 -09 -12 .

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Comment by Deepak Sharma Kuluvi on September 13, 2012 at 12:24pm
योगी जी 

ज़माना दिल से भुला देगा हमको या दिल में बसा लेगा

वोह सिला अपनी मुहब्बत का कुछ तो ज़रूर देगा 
दीपक कुल्लुवी 
Comment by Yogi Saraswat on September 13, 2012 at 10:42am

दुनियाँ यकीं करे न करे तुम ज़रूर कर लेना
हमने तुमपे ऐतवार किया यह अपनी ख़ता है दोस्त

स्वागत है , खूबसूरत शब्द

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on September 13, 2012 at 9:37am
अलबेला जी.श्रीवास्तव जी रेखा जी,राजेश जी,कपूर साहिब..........

आप सबने मेरी खता पर ऐतवार किया ,दिली तौर पर शुक्रगुज़ार हूँ आप सबका .......

दीपक कुल्लुवी
Comment by Albela Khatri on September 13, 2012 at 9:13am

दुनियाँ यकीं करे न करे तुम ज़रूर कर लेना
हमने तुमपे ऐतवार किया यह अपनी ख़ता है दोस्त

waah kya baat hai

Comment by Er. Ambarish Srivastava on September 12, 2012 at 11:05pm

//दुनियाँ यकीं करे न करे तुम ज़रूर कर लेना
हमने तुमपे ऐतवार किया यह अपनी ख़ता है दोस्त//

इस सद्प्रयास के लिए बधाई मित्रवर !

Comment by Rekha Joshi on September 12, 2012 at 5:48pm

दुनियाँ यकीं करे न करे तुम ज़रूर कर लेना
हमने तुमपे ऐतवार किया यह अपनी ख़ता है दोस्त ,खूबसूरत  रचना पर हार्दिक बधाई दीपक जी 

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on September 12, 2012 at 5:27pm

shukriya rajesh ji,kapoor sahib


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 12, 2012 at 5:17pm

बहुत बढ़िया ,बहुत बढ़िया --दुनियाँ यकीं करे न करे तुम ज़रूर कर लेना
हमने तुमपे ऐतवार किया यह अपनी ख़ता है दोस्त 

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