For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

तुम भीतर तक भर जाओगे बाबाजी

मेहनत से यदि डर जाओगे बाबाजी
जीवन में क्या कर पाओगे बाबाजी

रोते रोते आये  जैसे दुनिया में
वैसे ही तुम घर जाओगे बाबाजी

बाइक पर मोबाइल से मत बात करो
गिर जाओगे, मर जाओगे बाबाजी

पल दो पल भी अगर प्रभु को याद किया
भवसागर से तर जाओगे बाबाजी

कारें कितनी भी हों, काम न आएँगी
आखिर कान्धों पर जाओगे बाबाजी

प्यार किसी प्राणी से कर के तो देखो
तुम भीतर तक भर जाओगे बाबाजी

बच्चों की माँ धो डालेगी बेलन से
मदिरा पी कर गर जाओगे बाबाजी

'अलबेला' चुपचाप निकल लो महफ़िल से
वरना दिन भर सर खाओगे बाबाजी 

-अलबेला खत्री

Views: 697

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Albela Khatri on March 7, 2013 at 3:34pm

aapka hardik aabhaar Vedika ji.....

:-)

Comment by वेदिका on March 4, 2013 at 12:31am

बहुत खूब!! बहुत खूब!!

बच्चों की माँ धो डालेगी बेलन से
मदिरा पी कर गर जाओगे बाबाजी

शानदार .. इतनी सुंदर सीधी सादी रचना मगर गहरे प्रहार करने वाली ,,देर से क्यों पदी ,, ???

शुभकामनायें !


सादर वेदिका 

Comment by Albela Khatri on July 23, 2012 at 6:59pm

धन्यवाद भाई संजय जी
सादर

Comment by Albela Khatri on July 23, 2012 at 6:51pm

आदरणीय सीमा जी.........पाठक और कवि मित्रों की पसन्द सूची में आ जाने का बड़ा आनन्द है ...ये आनन्द आपने  मुझे अनुभव कराया ,,,आपका आभारी हूँ
__सादर

Comment by Sanjay Mishra 'Habib' on July 23, 2012 at 6:47pm

वाह! वाह! आदरणीय अलबेला भाई जी... सुन्दर गजल पढ़ के आनंद आ गया...

सादर बधाई स्वीकारें.

Comment by Albela Khatri on July 23, 2012 at 6:43pm

धन्यवाद रेखा जी........
आप आये.........
अच्छा लगा
___सादर

Comment by Rekha Joshi on July 23, 2012 at 5:46pm

अलबेला जी ,सादर नमस्ते 

प्यार किसी प्राणी से कर के तो देखो 
तुम भीतर तक भर जाओगे बाबाजी ,बहुत खूब बाबा जी इस दुनिया में केवल प्यार ही सच है ,आभार 
Comment by Albela Khatri on July 22, 2012 at 11:02pm

आपकी अनुकम्पा के समक्ष नत मस्तक हूँ भाईजी.........
आप की  सराहना सर आँखों पर
___साभार....सादर


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 22, 2012 at 10:53pm

प्यार किसी प्राणी से कर के तो देखो
तुम भीतर तक भर जाओगे बाबाजी

’बाबाजी’ की ज़मीन पर, भाई अलबेलाजी, आपने इस मंच के माध्यम से बहुत कुछ साझा किया है.  अक्सर शेर मज़ाकिया लहज़े के हैं लेकिन उनकी तासीर बिना संदेह गंभीर और निर्देश सूचक है. इस बात में लेश मात्र संशय नहीं कि आप सामाजिक ज़िम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील हैं उन्हें को बखूबी निभाना जानते हैं.

आपके इस सद्प्रयास पर मेरी सादर बधाई.

Comment by Albela Khatri on July 22, 2012 at 9:41pm

शुक्रिया

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
4 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन ।फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
14 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
17 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
20 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
20 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
yesterday
Sushil Sarna posted blog posts
yesterday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
yesterday
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
Tuesday
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service