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“जिन्दगी का गीत”

रास्तों में मुश्किलें हैं आज इनसे होड़ ले.

जिन्दगी भी रेस है तू दम लगा के दौड़ ले.

 

मंजिलें अलग-अलग हैं रास्ते जुदा-जुदा, 

गर तू पीछे रह गया तो साथ देगा क्या खुदा,

हिम्मतों  से काम लेके रुख हवा का मोड़ ले.

जिन्दगी भी रेस है तू दम लगा के दौड़ ले.

 

रास्तों में मुश्किलें हैं आज इनसे होड़ ले................

 

हाथ-पांव साथ देंगें रोज इम्तेहान दे, 

उड़ चलेगा हौसले बुलंद रख के ध्यान दे,

चमचमाते तारे आज आसमां से तोड़ ले.

जिन्दगी भी रेस है तू दम लगा के दौड़ ले...............

 

--अम्बरीष श्रीवास्तव

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Comment by Er. Ambarish Srivastava on August 15, 2012 at 11:56pm

धन्यवाद बागडे साहब !

Comment by AVINASH S BAGDE on July 20, 2012 at 7:14pm

wah...

Comment by Er. Ambarish Srivastava on July 20, 2012 at 9:12am

धन्यवाद आदरणीय सौरभ जी !


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 19, 2012 at 11:57pm

प्रेरणा और सांत्वना देता गीत बन पड़ा है, आदरणीय अम्बरीषभाईजी.

सादर बधाई.

Comment by Er. Ambarish Srivastava on July 14, 2012 at 7:15pm

मित्र संदीप जी, इस गीत को पसंद करने के लिए आपका हार्दिक आभार ....सस्नेह ...

Comment by Er. Ambarish Srivastava on July 14, 2012 at 7:14pm

आदरणीय अग्रज मापतपुरी जी, आपके स्नेह को सादर नमन ...

Comment by Er. Ambarish Srivastava on July 14, 2012 at 7:13pm

मित्र शैलेन्द्र जी, आभारी हूँ आपका .......आपकी हृदयस्पर्शी प्रतिक्रिया अभिभूत करती है ! सस्नेह

Comment by संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी' on July 14, 2012 at 11:29am

ज़िंदगी की मुश्किलों से लड़ते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा देता आपका यह गीत बहुत ही सुन्दर लगा आदरणीय| सादर,

Comment by satish mapatpuri on July 14, 2012 at 2:48am

हाथ-पांव साथ देंगें रोज इम्तेहान दे,

उड़ चलेगा हौसले बुलंद रख के ध्यान दे,

चमचमाते तारे आज आसमां से तोड़ ले.

जिन्दगी भी रेस है तू दम लगा के दौड़ ले...............   नमन है आदरणीय श्रीवास्तव साहेब ....... इस ज़ज्बे को सलाम  

Comment by UMASHANKER MISHRA on July 13, 2012 at 10:58pm

 बहुत ही बढ़िया रचना  वीर रस का संचार करती इस रचना में केवल काव्य ही नहीं है अपितु   सभी के लिए बहुत ही सकारात्मक सन्देश है

 जोश भर देने वाली,कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत रखने हौसले बुलंद रखने का पवित्र उद्देश्य कहती बहेतरीन रचना

हार्दिक बधाई

दम भरी ये साधना बुलंद हौसला लिए

कह रही है बड़े चलो बुलंद हौसला  लिए

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