For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल-जैसा जग है वैसा ही हो जाऊँ तो

बह्र-ए-मीर
पतझर में भी गीत बसंती गाऊँ तो
जैसा जग है वैसा ही हो जाऊँ तो

अंदर का अँधियारा क्या छट जायेगा
कोशिश करके बाहर दीप जलाऊँ तो

शायद लौट चले आएं रूठे पलछिन
फूलों से जो उनकी राह सजाऊँ तो

कार्य हमारे भी सारे सध जायेंगे
सुविधा शुल्क लिये ये हाथ बढ़ाऊँ तो

जग सारा देखेगा 'ब्रज' के पांव फटे
जो चादर के बाहर पग फैलाऊँ तो


(मौलिक एवं अप्रकाशित)
बृजेश कुमार 'ब्रज'

Views: 1185

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on October 25, 2020 at 5:11pm

ग़ज़ल पे हौसलाफजाई के लिए शुक्रिया यादव जी...

Comment by आशीष यादव on August 26, 2020 at 1:32am

बहुत सुंदर गजल हुई है। काबिल-ए-तारीफ है। बधाई स्वीकार कीजिए।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on August 18, 2020 at 11:16pm

आदरणीय शर्मा जी बिलकुल सहमत हूँ...सुन्दर शब्दों के लिए आभार

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on August 18, 2020 at 11:15pm

आदरणीया मधु जी आपका हार्दिक अभिनन्दन वंदन...

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on August 18, 2020 at 11:15pm

ग़ज़ल पे आपकी शिरक़त के लिये शुक्रिया आदरणीय समर जी..आपके बताये अनुसार सुधार करता हूँ..

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on August 18, 2020 at 11:13pm

सुन्दर शब्दों में उत्साहवर्धन के लिये हार्दिक आभार आदरणीय धामी जी...

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on August 18, 2020 at 11:12pm

आदरणीय सुरेन्द्र जी ग़ज़ल पसंदगी के लिए शुक्रगुजार है...

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on August 18, 2020 at 11:12pm

आदरणीय रवि जी रचना पटल पे आपकी उपस्थित के वंदनीय है..उत्साहवर्धन के लिए सादर आभार

Comment by बसंत कुमार शर्मा on August 18, 2020 at 9:00pm

आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज' जी सादर नमस्कार 

बहुत सुंदर 

आदरणीय समर कबीर जी का सुझाव काबिले गौर है 

बधाई आपको 

Comment by Madhu Passi 'महक' on August 18, 2020 at 6:20pm

आदरणीय बृजेश कुमार' ब्रज ' जी नमस्कार! बहुत ही सुंदर ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें। 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय श्री सुशील जी नमस्कार।  बहुत अच्छे दोहे रचे गए हैं।  हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए।"
36 minutes ago
आशीष यादव commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"एक बेहतरीन ग़ज़ल रचा है आपने। बिलकुल सामयिक।  इस बढ़िया रचना पर बधाई स्वीकार कीजिए।"
41 minutes ago
आशीष यादव commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"सदियों से मनुष्य प्रकृति का शोषण करता रहा है, जिसे विकास समझता रहा है वह विनास की एक एक सीढ़ी…"
49 minutes ago
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .अधर
"वाह। "
1 hour ago
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .विविध
"आदरणीय श्री सुशील जी नमस्कार।  बहुत बढ़िया दोहों की रचना हुई है।  बधाई स्वीकार कीजिए।"
1 hour ago
आशीष यादव commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"प्यादा एक बिम्ब है जो समाज के दरकिनार लोगों का रूप है। जिसके बिना कोई भी सत्ता न कायम हो सकती है न…"
1 hour ago
आशीष यादव commented on सुरेश कुमार 'कल्याण''s blog post कुंडलिया
"आदरणीय सुरेश जी नमस्कार । बढ़िया छंद रचा गया है।  हार्दिक बधाई।"
1 hour ago
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा दशम. . . . . उम्र
"आदरणीय सुशील जी, जीवन के यथार्थ को दिखाते दोहे बेहतरीन बने हैं।  हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए।"
1 hour ago
आशीष यादव commented on vijay nikore's blog post प्यार का पतझड़
"कुछ चीज़ों को जब कहना मुश्किल हो जाता है तब वह कविता बनकर सामने आ जाती है। एक बेहतरीन कविता पर बधाई…"
1 hour ago
आशीष यादव commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
"एक भावपूर्ण मर्मस्पर्शी कविता पर आपको बधाई।  आदरणीय Saurabh Pandey जी की टिप्पणी ही इस कविता…"
1 hour ago
आशीष यादव commented on Awanish Dhar Dvivedi's blog post कविता
"इस पटल पर प्रकाशित होने के 6 साल बाद इस कविता को पढ़ रहा हूं। भावों को गीत बना देना, कविता बना देना…"
1 hour ago
आशीष यादव commented on Awanish Dhar Dvivedi's blog post ग़ज़ल
"जो भी बोलना चाहा आपने अच्छा बोला। बाकी कमी बेसी आदरणीय उस्ताद जन बोलना चाहेंगे।"
2 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service