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Anil Kumar Singh
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"बेहद शुक्रिया मोहतरम"
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"ग़ज़ल 221 2121 1221 212 1_दुनिया समझ रही है हमें कोई ग़म नहीं हम पर इसी लिए कोई रह्म-ओ- करम नहीं 2_दिल तोड़ने का ख़ूब सलीक़ा है आपका हम भी अदा समझते हैं इसको सितम नहीं 3_महफ़िल में हमको देखते ही फेर ली नज़रज़हमत भी इतनी उनकी इनायत से कम नहीं 4_जब से सुना…"
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Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130
"जी आदरणीय मुसाफिर जी बहुत धन्यवाद . शायद जिसने के साथ उसके होना चाहिए ."
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"22 22 22 22 22 22 22 2 1_कौन गिने इस मयख़ाने में अबतक कितने जाम हुए सुब्ह सवेरे आए ही थे हम चल देंगे शाम हुए 2_दुनिया के रस्ते भी सारे दो धारी तलवारें हैंजिसने भी लापरवाही बरती उनके काम तमाम हुए 3_एक अकेला क़ैस नहीं था इस दुनिया में ऐ लोगो राह-ए-…"
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"बहुत बहुत धन्यवाद महोदय चेतन प्रकाश"
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"शुक्रिया आली जनाब समर साहब !"
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"बहुत ख़ूब तरही ग़ज़ल हुई जनाब"
Mar 26
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-129
"1222 1222 12 22 1222 बढ़ा दे दर्द की शिद्दत सनम ऐसा भी होता है़ भुलाए से न भूले कोई ग़म ऐसा भी होता है़ बजाहिर दोस्त हैं लेकिन हक़ीक़त औऱ है इनकी गले लगकर गला काटें सितम ऐसा भी होता है फ़कत तौबा के दम पर बख्श देता है गुनाहों को वो रब जब चाहता है तो…"
Mar 26
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-126
"मुझे कोई पोस्ट नज़र नहीं आ रही"
Dec 25, 2020
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-126
"मान्यवर सालिक गणवीर जी बहुत शानदार ग़ज़ल हुई.. चौथा और छठा शेर बहुत ख़ूब . बधाई . मतले के दोनो मिसरो में 'नाम ' क़ाफ़िए पर नज़र ए सानी हो . क़ाफ़िए की बंदिश या फिर रदीफ़ का विस्तार नाम तक हो जाता है."
Dec 25, 2020
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-126
"मान्यवर नवीन जी,बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई . बधाई"
Dec 25, 2020

Profile Information

Gender
Male
City State
Patna Bihar
Native Place
Garhbaruari
Profession
Retired IPS Officer
About me
I compose poetry

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At 4:49pm on May 30, 2020, Anil Kumar Singh said…

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सादर , अनिल कुमार सिंह भा.पु.से (से.नि)

 
 
 

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