For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Anil Kumar Singh
Share on Facebook MySpace

Anil Kumar Singh's Friends

  • अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी
 

Anil Kumar Singh's Page

Latest Activity

Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-154
"आदरणीय  संजय शुक्ला जी अच्छी ग़ज़ल  हुई मुबारक़. हो 5वें शेर में 'हल्की सी बेखुदी' यह प्रयोग कुछ समझ में नहीं आया.हल्की सी की जगह कोई अन्य उपयुक्त शब्द बेहतर होता "
Apr 28, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-154
"आदरणीय अजेय जी बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल की बधाई .'बे'गरज़' लफ़्ज़ पर तसल्ली कर लें कृपया "
Apr 28, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-154
"आदरणीय दण्डपाणि जी उत्साहवर्धन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद "
Apr 28, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-154
"आदरणीय जयनित कुमार जी हौसला अफ़जाई का बेहद शुक्रिया "
Apr 28, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-154
"आदरणीया ऋचा जी बहुत बहुत धन्यवाद "
Apr 27, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-154
"आदरणीय मुसाफ़िर जी बेहद शुक्रिया "
Apr 27, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-154
"बेहद शुक्रिया उस्ताद मोहतरम."
Apr 27, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-154
"आदरणीय अमित जी दाद के लिए शुक्रिया. शाइर अगर गुलशन में रहता हो और काफ़िले का हिस्सा हो तो ये घटनाएँ उसका भोगा हुआ यथार्थ  है "
Apr 27, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-154
"आदरणीय रवि शुक्ला जी ग़ज़ल पर समय देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.एक शेर ख़ास तौर पर आपको अच्छा लगा ,मुझे बहुत ख़ुशी हुई.पुनः आपका धन्यवाद."
Apr 27, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-154
"आदरणीय संजय शुक्ला जी ग़ज़ल पसंद करने के लिए बहुत बहुर धन्यवाद "
Apr 27, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-154
"प्रिय अमित जी अच्छी ग़ज़ल आपने कही.गिरह भी ख़ूब है.मुबारक़ हो "
Apr 27, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-154
"काँटों से दोस्ती का मज़ा हमसे पूछिए फूलों की बेबसी का मज़ा हमसे पूछिए कहने को थी मगर ये हमारी नहीं रहीबेकैफ़ ज़िंदगी का मज़ा हमसे पूछिए शीशे सा जिस्म टूट के कैसे बिखर गया पत्थर से दिल-लगी का मज़ा हमसे पूछिए पुरखों के नक़्श-ए- पा को यहाँ चूमते हैं…"
Apr 27, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-153
"आदरणीय जैफ साहब बहुत ख़ूब ग़ज़ल कही आपने .गिरह ख़ूब है "
Mar 24, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-153
"आदरणीय जैफ साहब बेहद शुक्रिया "
Mar 24, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-153
"आदरणीय अजय गुप्ता अजेय जी आपने अच्छी ग़ज़ल कही "
Mar 24, 2023
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-153
"आदरणीय नीलेश जी उम्दा ग़ज़ल की बधाई "
Mar 24, 2023

Profile Information

Gender
Male
City State
Patna Bihar
Native Place
Garhbaruari
Profession
Retired IPS Officer
About me
I compose poetry

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 4:49pm on May 30, 2020, Anil Kumar Singh said…

ग्रुप के माननीय सदस्यों एवं पदाधिकारियों का अभिनंदन 

सादर , अनिल कुमार सिंह भा.पु.से (से.नि)

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion कामरूप छंद // --सौरभ in the group भारतीय छंद विधान
"सीखे गजल हम, गीत गाए, ओबिओ के साथ। जो भी कमाया, नाम माथे, ओबिओ का हाथ। जो भी सृजन में, भाव आए, ओबिओ…"
5 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion वीर छंद या आल्हा छंद in the group भारतीय छंद विधान
"आयोजन कब खुलने वाला, सोच सोच जो रहें अधीर। ढूंढ रहे हम ओबीओ के, कब आयेंगे सारे वीर। अपने तो छंदों…"
6 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion उल्लाला छन्द // --सौरभ in the group भारतीय छंद विधान
"तेरह तेरह भार से, बनता जो मकरंद है उसको ही कहते सखा, ये उल्लाला छंद है।"
6 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion शक्ति छन्द के मूलभूत सिद्धांत // --सौरभ in the group भारतीय छंद विधान
"शक्ति छंद विधान से गुजरते हुए- चलो हम बना दें नई रागिनी। सजा दें सुरों से हठी कामिनी।। सुनाएं नई…"
6 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Er. Ambarish Srivastava's discussion तोमर छंद in the group भारतीय छंद विधान
"गुरुतोमर छंद के विधान को पढ़ते हुए- रच प्रेम की नव तालिका। बन कृष्ण की गोपालिका।। चल ब्रज सखा के…"
7 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion हरिगीतिका छन्द के मूलभूत सिद्धांत // --सौरभ in the group भारतीय छंद विधान
"हरिगीतिका छंद विधान के अनुसार श्रीगीतिका x 4 और हरिगीतिका x 4 के अनुसार एक प्रयास कब से खड़े, हम…"
9 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion गीतिका छंद in the group भारतीय छंद विधान
"राम बोलो श्याम बोलो छंद होगा गीतिका। शैव बोलो शक्ति बोलो छंद ऐसी रीति का।। लोग बोलें आप बोलें छंद…"
10 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion कुण्डलिया छंद : मूलभूत नियम in the group भारतीय छंद विधान
"दोहे के दो पद लिए, रोला के पद चार। कुंडलिया का छंद तब, पाता है आकार। पाता है आकार, छंद शब्दों में…"
10 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion चौपाई : मूलभूत नियम in the group भारतीय छंद विधान
"सोलह सोलह भार जमाते ।चौपाई का छंद बनाते।। त्रिकल त्रिकल का जोड़ मिलाते। दो कल चौकाल साथ बिठाते।। दो…"
11 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion रोला छंद : मूलभूत नियम in the group भारतीय छंद विधान
"आदरणीय सौरभ सर, रोला छंद विधान से एक बार फिर साक्षात्कार कर रहा हूं। पढ़कर रिवीजन हो गया। दोहा…"
12 hours ago
सुरेश कुमार 'कल्याण' posted a blog post

कुंडलिया छंद

आग लगी आकाश में,  उबल रहा संसार।त्राहि-त्राहि चहुँ ओर है, बरस रहे अंगार।।बरस रहे अंगार, धरा ये तपती…See More
yesterday
Sushil Sarna posted blog posts
yesterday

© 2024   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service