For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"OBO लाइव तरही मुशायरे"/"OBO लाइव महा उत्सव"/"चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता के सम्बन्ध मे पूछताछ

"OBO लाइव तरही मुशायरे"/"OBO लाइव महा उत्सव"/"चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता के सम्बन्ध मे यदि किसी तरह की जानकारी चाहिए तो आप यहाँ पूछताछ कर सकते है !

Views: 10422

Reply to This

Replies to This Discussion

क्षमा किया, आप भी क्या याद करोगे :-)))))))))))

आपके सुहृदय कि जितने तारीफ़ की जाए कम होगी ....

इसलिए तारीफ़ नहीं करूँगा :)))))))))))))))))))

 "अना की चादर उतार फेंके मोहब्बतों के चलन में आए "
कहीं ये अना की चादर उतार "फेंकें " मोहब्बतों के चलन में "आयें"  " तो नहीं ?

जिया ज़मीर साहब का मतला, जिससे यह तरही मिसरा लिया गया है कुछ इस तरह है|

"अना की चादर उतार फेंके मोहब्बतों के चलन में आए 
कभी तो ख़ुद को बयान करने तू यार मेरी शरन में आए"


ज़ाहिर सी बात है अगर "फेंकें" होता तो मिसरा ए सानी में तू नहीं आता|

thanks rana ji spasht hua mujhe confusion tha . now its clear :->

चित्र से काव्या तक मे कौन कौन सी विधाएँ है, ज़रा स्पष्ट करें, धन्यवाद.

छंद  :- दोहा, चौपाई, कुंडलिया, कवित्त, सवैया, हरिगीतिका इत्यादि

तरही मुशायरा अंक 23 के लिए ग़ज़लें कहाँ पोस्ट करें? क्या सीधे मंच पर ही पोस्ट करनी है या फ़ाइल अटैच करनी है? कृपया स्पष्ट करें !

ग़ज़ल सीधे मंच पर ही पोस्ट करनी है, आप सही जगह पोस्ट  किये हैं । 

Kya Is bar diye gaye Misre ke behar pe adharit koi song nahi diya jayega ?

यह आवश्यक नहीं है कि बहर आधारित विडियो लगाया ही जाय, वैसे मैं आपकी बात मुशायरे के मंच संचालक श्री राणा प्रताप सिंह तक पंहुचा दूंगा, यदि उन्हें कोई गीत मिले तो लगा दें |

Ganesh Jee "Bagi" ji....mai abhi Ghazal likhna seekhane ki prakriya me hu isliye yadi koi song ki line mil jati hai to ghazal ki dhun pakadane me sahayta mil jati hai. yadi sambhaw hoto song dene ka kasht kare.

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

PHOOL SINGH posted a blog post

महाराणा प्रताप

महाराणा प्रताप चितौड़ भूमि के हर एक कण सेहमने सुनी कहानी थीवीर अनोखा महाराणा थाशूरवीरता जिसकी निशानी…See More
2 hours ago
जगदानन्द झा 'मनु' commented on जगदानन्द झा 'मनु''s blog post मैं कौन हूँ
"हार्दिक धन्यवाद भाई आदरणीय लक्ष्मण धामी जी और भाई आदरणीय Samar Kabeer जी, आप का मार्गदर्शन इसी तरह…"
6 hours ago
जगदानन्द झा 'मनु' posted a blog post

मैं कौन हूँ

मैं कौन हूँअब तक मैं अपना  पहचान ही नहीं पा सका भीड़ में दबा कुचला व्यथित मानवदड़बे में बंद…See More
20 hours ago
Zaif commented on Zaif's blog post ग़ज़ल - थामती नहीं हैं पलकें अश्कों का उबाल तक (ज़ैफ़)
"आ. बृजेश जी, बहुत आभार आपका।"
yesterday
Usha Awasthi posted a blog post

मन कैसे-कैसे घरौंदे बनाता है?

उषा अवस्थीमन कैसे-कैसे घरौंदे बनाता है?वे घर ,जो दिखते नहींमिलते हैं धूल में, टिकते नहींपर "मैं"…See More
Sunday
Rachna Bhatia posted a blog post

सदा - क्यों नहीं देते

221--1221--1221--1221आँखों में भरे अश्क गिरा क्यों नहीं देतेहै दर्द अगर सबको बता क्यों नहीं देते2है…See More
Sunday
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर् आपके कहे अनुसार ऊला बदल लेती हूँ। ईश्वर आपका साया हम पर…"
Sunday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .

दोहा पंचक. . . .साथ चलेंगी नेकियाँ, छूटेगा जब हाथ । बन्दे तेरे कर्म बस , होंगे   तेरे  साथ ।।मिथ्या…See More
Saturday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .
"जी सृजन के भावों को मान देने और त्रुटि इंगित करने का दिल से आभार । सहमत एवं संशोधित"
Saturday
Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
"'सच्चाई अभी ज़िन्दा है जो मुल्क़ में यारो इंसाफ़ को फ़िर लोग सदा क्यों नहीं देते' ऊला यूँ…"
Saturday
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर्, "बिना डर" डीलीट होने से रह गया।क्षमा चाहती…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए है। हार्दिक बधाई। लेकिन यह दोहा पंक्ति में मात्राएं…"
Friday

© 2023   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service