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Rana Pratap Singh's Discussions (2,345)

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"ओह! अत्यंत दुखद समाचार| ईश्वर आदरणीय गुरुदेव एवं परिवार को इस कष्ट को सहने की क्षमता…"

Rana Pratap Singh replied Jan 16 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3321 May 4
Reply by TEJ VEER SINGH

"भाई आशीष जी तरही गजल पर उम्दा प्रयास हुआ है जिसके लिए आपको हार्दिक बधाई| असली हुनर…"

Rana Pratap Singh replied Aug 29, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-122

431 Aug 29, 2020
Reply by Samar kabeer

"जनाब सरफराज़ साहिब , बहुत खूब, बेहतरीन अशआर कहे हैं, एरी तरफ से ढेर सारी दाद और मुबार…"

Rana Pratap Singh replied Aug 29, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-122

431 Aug 29, 2020
Reply by Samar kabeer

"यहाँ "का" दाग के लिए आ रहा है इसलिए सही है|"

Rana Pratap Singh replied Aug 29, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-122

431 Aug 29, 2020
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय रूपम जी तरही गजल पर बेहद उम्दा प्रयास हुआ है जिसके लिए आपकी तारीफ बनती है| सम…"

Rana Pratap Singh replied Aug 29, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-122

431 Aug 29, 2020
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय सालिक गणवीर जी खूबसूरत गजल पेश करने के लिए दाद और मुबारकबाद| चौथे और सातवें…"

Rana Pratap Singh replied Aug 29, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-122

431 Aug 29, 2020
Reply by Samar kabeer

"आदरणीया रचना भाटिया जी, बहुत खूब, सुंदर शेर कहे हैं| ढेर सारी दाद कबूल कीजिये, हार्द…"

Rana Pratap Singh replied Aug 29, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-122

431 Aug 29, 2020
Reply by Samar kabeer

"जनाब  मो. अनीस अरमान साहब, खूबसूरत गजल के लिए ढेर सारी मुबारकबाद कबूल कीजिये |"

Rana Pratap Singh replied Aug 29, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-122

431 Aug 29, 2020
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय तसदीक़ अहमद साहब बेहतरीन गजल के लिए ढेर सारी दाद और मुबारकबाद कबूल कीजिये|"

Rana Pratap Singh replied Aug 29, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-122

431 Aug 29, 2020
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय मुनीश तन्हा जी गजल पर प्रयास बेहतरीन है, थोड़ा और समय देने से गलतियाँ सुधारी ज…"

Rana Pratap Singh replied Aug 29, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-122

431 Aug 29, 2020
Reply by Samar kabeer

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Gurpreet Singh jammu commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मातृ दिवस पर ताजातरीन गजल -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"वाह वाह आदरणीय लक्ष्मण धामी जी । मात्र दिवस पर मां को समर्पित बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल कही आप ने ।…"
4 hours ago
विनय कुमार posted a blog post

हम क्यों जीते हैं--कविता

हम सांस लेते हैं, हम जीते हैं और एक दिन आखिरी सांस लेते हैं इस आखिरी सांस के पहले हमारे पास वक़्त…See More
7 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मानता हूँ तम गहन सरकार लेकिन-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई विजय निकोर जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति , स्नेह व उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post अब हो गये हैं आँख वो भूखे से गिद्ध की- लक्ष्मण धामी'मुसाफिर'
"आ. भाई विजय जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति , स्नेह व उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कालिख लगी है इनमें जो -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'( गजल )
"आ. भाई विजय जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति , स्नेह व उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
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vijay nikore commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कालिख लगी है इनमें जो -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'( गजल )
"ख्याल बहुत उम्दा हैं गज़ल में। हार्दिक बधाई, भाई लक्ष्मण जी।"
19 hours ago
vijay nikore commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post अब हो गये हैं आँख वो भूखे से गिद्ध की- लक्ष्मण धामी'मुसाफिर'
"आपकी यह गज़ल पढ़ कर भी आनन्द आ गया। हार्दिक बधाई, मेरे भाई, लक्ष्मण जी।"
19 hours ago
vijay nikore commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मानता हूँ तम गहन सरकार लेकिन-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"सामयिक स्थिति इंगित करती यह गज़ल अच्छी बनी है, भाई लक्ष्मण जी। हार्दिक बधाई।"
19 hours ago
Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post नग़मा: माँ की ममता
"सादर प्रणाम आ धामी सर जी सहृदय शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाय व मार्गदर्शन के लिये सर मुझे कुछ अच्छा सूझ…"
yesterday
Admin posted discussions
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Aazi Tamaam's blog post नग़मा: माँ की ममता
"आ. भाई आज़ी तमाम जी, अभिवादन। अच्छा नगमा हुआ है । हार्दिक बधाई। अंतिम दोनों पंक्तियो में लय (गेयता)…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post अनजाना उन्माद
"आ. भाई विजय निकोर जी, सादर अभिवादन । सुन्दर कविता हुई है । हार्दिक बधाई ।"
yesterday

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