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vandana's Discussions (1,253)

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"कहाँ वो खो गए है खेल आज बच्चों के हँसी खुशी की वो किलकारियाँ नहीं चलती कि गिद्ध झुण…"

vandana replied Feb 28, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-56

666 Mar 1, 2015
Reply by Hari Prakash Dubey

"तमाम रात जहाँ चाँद की सजे महफ़िल    दिये बुझाने की तैय्यारियाँ नहीं चलतीं   खिले सुकू…"

vandana replied Feb 28, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-56

666 Mar 1, 2015
Reply by Hari Prakash Dubey

"कोई झुका के सिरों को न अब करे सजदा कोई न मान ले अब आरियाँ नहीं चलतीचलो चराग बुझाओ सह…"

vandana replied Feb 28, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-56

666 Mar 1, 2015
Reply by Hari Prakash Dubey

"ग़ज़ल या गीत हो अय्यारियाँ नहीं चलतीं फ़कत ही लफ्जों की तहदारियाँ नहीं चलतीं ये सोच कर…"

vandana replied Feb 28, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-56

666 Mar 1, 2015
Reply by Hari Prakash Dubey

"गरीब को अमीर को समान रूप पालना सहज नहीं, सरल नहीं, विशाल जग सँभालना असंख्य पुण्य-पाप…"

vandana replied Feb 14, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"अनमनायी स्मृतियों को बाहर आने मेंकोई खुशी नहीं होतीब्याह के लिए जबरन दिखलायी जातीलड़क…"

vandana replied Feb 14, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"  न तीर में वो असर है न ये कटार करे जिगर हो चाक जो अपना ही कोई वार करे   तेरे लबों क…"

vandana replied Jan 31, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-55

567 Jan 31, 2015
Reply by MAHIMA SHREE

"अजीब जेब है देखों तो सौ गुहार करे कोई सुबह से भला किस तरह उधार करे कहो कि चाँद उजाल…"

vandana replied Jan 31, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-55

567 Jan 31, 2015
Reply by MAHIMA SHREE

"ज़हे नसीब कहूँ जान भी अगर मॉंगेमगर है शर्त कभी पीठ पर न वार करे। न याद अहद दिलाया…"

vandana replied Jan 30, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-55

567 Jan 31, 2015
Reply by MAHIMA SHREE

मुख्य प्रबंधक

"सहमत हूँ आदरणीय टिप्पणियाँ वाकई लेखक के लिए प्राणवायु का काम करती हैं और समयाभाव के…"

vandana replied Jan 21, 2015 to क्या हम लेखको का हक मार रहे है ?

172 Jan 17, 2017
Reply by gaurav kumar pandey

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दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
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"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
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हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
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