For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Hari Prakash Dubey's Discussions (457)

Discussions Replied To (361) Replies Latest Activity

"बहुत बढ़िया, सुन्दर रचना , अंत प्रभावित करता है, हार्दिक बधाई आदरणीय ओमप्रकाश क्षत्रि…"

Hari Prakash Dubey replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"आदरणीय पंकज जोशी जी, सभी गुणीजनों ने अपनी राय रख ही दी है , आदरणीय ओमप्रकाश जी  ने व…"

Hari Prakash Dubey replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"आटे की लोई गुस्से के दबाव में बेलन से चिपक गई....सुन्दर ,तुम्हें घूमने के लिए/ या घु…"

Hari Prakash Dubey replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"सुन्दर रचना है आदरणीया नयना आरती कानिटकर जी, हार्दिक बधाई !सादर "

Hari Prakash Dubey replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"बहुत सुन्दर लेखन ,विषय भी बढ़िया , सुंदर प्रस्तुति हार्दिक  बधाई  आदरणीया सविता जी !…"

Hari Prakash Dubey replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"वर्तमान में अब कर्त्तव्य पालन में बिरादरी आड़े आ ही जा रही है, सुन्दर रचना आदरणीय सतव…"

Hari Prakash Dubey replied Feb 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"आदरणीय विजय जोशी जी, बढ़िया कटाक्ष, बधाई आपको ! सादर बस कुछ टंकण त्रुटियाँ रह गयी है…"

Hari Prakash Dubey replied Feb 28, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"बहुत बढ़िया , सुन्दर रचना, हार्दिक बधाई आपको  आदरणीया नेहा अग्रवाल जी  ! सादर  "

Hari Prakash Dubey replied Feb 28, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"सच है, कलियुग है, कोई भरोसा नहीं ,रचना सुन्दर है, बधाई आपको इस रचना के लिए आदरणीया ज…"

Hari Prakash Dubey replied Feb 28, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

"शानदार लेखन, गज़ब सन्देश, हृदय से बधाई आदरणीय पवन जैन जी ! सादर "

Hari Prakash Dubey replied Feb 28, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-11 (विषय: साथी)

1380 Mar 1, 2016
Reply by kanta roy

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
4 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Feb 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service