For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"हिन्दी दिवस पर विशेष" हिन्दी ग़ज़ल

कितनी प्यारी ये मनभावन हिन्दी है
भारत की वैचारिक धड़कन हिन्दी है

जो लिखता हूँ हिन्दी में ही लिखता हूँ
मेरी ख़ुशियों का घर आँगन हिन्दी है

रफ़ी, लता,मन्नाडे को तुम सुन लेना
इन सबकी भाषा और गायन हिन्दी है

भारत में कितनी हैं भाषाएँ लेकिन
सारी भाषाओँ का यौवन हिन्दी है

पहले मैं अक्सर उर्दू में लिखता था
अब तो मेरा सारा लेखन हिन्दी है

मुझको तो लगती है ये भाषा अपनी
लेकिन कुछ लोगों की उलझन हिन्दी है

गर्व करे हर भारतवासी ये बोले
मेरे देश की भाषा पावन हिन्दी है

औरों की तो बात "समर" मैं क्या बोलूँ
मेरे माथे का तो चंदन हिन्दी है

"समर कबीर"
मौलिक/अप्रकाशित

Views: 1074

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Samar kabeer on September 21, 2018 at 10:58pm

जनाब सौरभ पाण्डेय साहिब आदाब,मेरी ग़ज़ल पर आपकी समीक्षात्मक टिप्पणी ने कई बाब खोले, और सच्चाई से रूबरू करवाया,ये सच कहा आपने कि जज़्बात की धुन में कुछ अतिशयोक्ति अवश्य हुई है,जो आवश्यक थी ।

//यह अवश्य है, कि उत्साह में ओबीओ की परिपाटी के अनुसार समर भाई ग़ज़ल प्रस्तुति के साथ बहर की क्रमवार मात्रा आंकित नहीं कर पाये हैं। ख़ैर ऐसा एक बार मेरे साथ भी हो चुका है और समर भाई ने ही अगाह किया था। .. :-))) //

आपकी बात के जवाब में इतना अर्ज़ करना चाहूँगा कि ये उत्साह में भूल नहीं हुई है बल्कि एहतिजाज के तौर पर जान बूझ कर किया गया अमल है, इब्तिदा में आप ही के कहे अनुसार इस परिपाटी को हम ओबीओ  का नियम समझ बैठे थे और ओबीओ के दूसरे सदस्यों से भी ये आग्रह करते थे,लेकिन पिछले दिनों ओबीओ के संस्थापक जनाब गणेश जी "बाग़ी"साहिब ने मेरे इसी आग्रह पर ये जवाब दिया था कि ये ओबीओ का कोई नियम नहीं है,तो उसी दिन से मैंने अपनी ग़ज़ल के साथ अरकान लिखना छोड़ दिया कि जो अमल संस्थापक नहीं करते वो हम भी क्यों करें,हालाँकि इसका मुझे अफ़सोस ज़रूर है ।

ग़ज़ल में आपकी ये टिप्पणी भी मुझे मुख़ातिब करती नहीं बल्कि मंच को मुख़ातिब करती हुई प्रतीत हुई,ख़ैर !ग़ज़ल में आपकी शिर्कत ने ग़ज़ल को जो मान दिया है मैं उसके लिए तहे दिल से आपका शुक्रगुज़ार हूँ ।

Comment by Samar kabeer on September 21, 2018 at 10:21pm

जनाब निलेश 'नूर'साहिब आदाब,

//रफ़ी, लता,मन्नाडे को तुम सुन लेना... इस मिसरे को कई लोग बेबह्र बता सकते हैं... ऐसे लोग मीर को भी ग़लत बताते हैं //

मैं आपके कहने का आशय समझ गया:-)))))

सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Samar kabeer on September 21, 2018 at 10:15pm

जनाब अजय तिवारी जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Samar kabeer on September 21, 2018 at 10:13pm

जनाब गंगा धर शर्मा जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Samar kabeer on September 21, 2018 at 10:11pm

जनाब बृजेश जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Samar kabeer on September 21, 2018 at 10:10pm

जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Samar kabeer on September 21, 2018 at 10:08pm

जनाब रामबली गुप्ता जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Samar kabeer on September 21, 2018 at 10:07pm

जनाब बसंत कुमार शर्मा जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Samar kabeer on September 21, 2018 at 10:05pm

जनाब लक्ष्मण धामी जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Samar kabeer on September 21, 2018 at 10:03pm

जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . मैं क्या जानूं
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई। आ. भाई समर जी की बात से सहमत हूँ…"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गजल -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, उत्साहवर्धन व मार्गदर्शन के लिए आभार।"
2 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh posted a blog post

अक्सर मुझसे पूछा करती.... डॉ० प्राची

सपनों में भावों के ताने-बाने बुन-बुनअक्सर मुझसे पूछा करती...बोलो यदि ऐसा होता तो फिर क्या होता ?...…See More
7 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदाब। ओपनबुक्सॉनलाइनडॉटकॉम के संस्थापक एवं संचालन समीति द्वारा मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब को तरही…"
9 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post अगर हक़ीक़त में प्यार था तो सनम हमारे मज़ार जाएँ (137)
"आदरणीय , समर कबीर साहेब , आपकी हौसला आफ़जाई के लिए दिल से शुक्रगुज़ार हूँ |"
15 hours ago
मनोज अहसास commented on मनोज अहसास's blog post अहसास की ग़ज़ल:मनोज अहसास
"हार्दिक आभार आदरणीय समर साहब 'मन घिरा है वासना में,और मर्यादा में तन'--- इस मिसरे की बह्र…"
15 hours ago
Rakhee jain posted blog posts
18 hours ago
Tapan Dubey joined Admin's group
Thumbnail

ग़ज़ल की कक्षा

इस समूह मे ग़ज़ल की कक्षा आदरणीय श्री तिलक राज कपूर द्वारा आयोजित की जाएगी, जो सदस्य सीखने के…See More
18 hours ago
Tapan Dubey joined Admin's group
Thumbnail

सुझाव एवं शिकायत

Open Books से सम्बंधित किसी प्रकार का सुझाव या शिकायत यहाँ लिख सकते है , आप के सुझाव और शिकायत पर…See More
18 hours ago
Tapan Dubey joined Admin's group
Thumbnail

चित्र से काव्य तक

"ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोंत्सव" में भाग लेने हेतु सदस्य इस समूह को ज्वाइन कर ले |See More
18 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . मैं क्या जानूं
"जनाब सुशील सरना जी आदाब, अच्छे दोहे हुए हैं, बधाई स्वीकार करें I  'मैं क्या जानूं भोर…"
19 hours ago
Samar kabeer commented on मनोज अहसास's blog post अहसास की ग़ज़ल:मनोज अहसास
"जनाब मनोज अहसास जी आदाब, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है, बधाई स्वीकार करें I  'मन घिरा है वासना…"
19 hours ago

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service