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हमेशा हमेशा के लिए वो चली गई है दूर मुझसे
जाते जाते बोली मुझे मोहब्बत नहीं है तुझसे

लेकिन फिर भी अश्क थे उसकी नजरों में
वह कह तो गई नहीं है मोहब्बत मुझसे

आज भी सोचता हूँ मैं उसके कहे उस बात को
पागल नजरें आज भी तरसती है मुलाकात को

ना जाने आखिर क्या खता हो गई थी मुझसे
जिसके लिए उसने कहा मोहब्बत नहीं है तुझसे

पर ऐ 'अनिश' सच तो यही है कि आज भी
उसको मोहब्बत है तो सिर्फ और सिर्फ मुझसे

-------------------------------------------------

®नीलकमल वैष्णव"अनिश"

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