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लगता इसकी मति गई मारी बाबाजी

नीयत हो यदि साफ़ हमारी बाबाजी
नियति भी तब लगेगी प्यारी बाबाजी

पुस्तक, सी डी और  दवायें बेच रहे
सन्त नहीं, वे  हैं व्यापारी बाबाजी

कोई किसी का सगा नहीं है दुनिया में
सब मतलब की रिश्तेदारी बाबाजी

दाज नहीं तो दूल्हा बैरंग लौट गया
इसको कहते दुनियादारी बाबाजी

तुम पूछो या मत पूछो, मैं कहता हूँ
क़र्ज़ है सबसे बड़ी बीमारी बाबाजी

ऊँची एड़ी वाले सैंडिल फिसले तो
लग जायेगी चोट करारी बाबाजी 

अलबेला खत्री तो कुछ भी लिखता है
लगता इसकी मति गई मारी बाबाजी

-अलबेला खत्री

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Comment

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Comment by Er. Ambarish Srivastava on July 23, 2012 at 12:48am

नजरों से कुछ आज न बचना हो मुमकिन.

ऐसे घातक तीर चला दो बाबाजी ..     जय हो जय हो अलबेला जी ! :-)

Comment by Albela Khatri on July 22, 2012 at 11:08pm

हा हा हा
आदरणीय आपने तो गज़ब कर दिया
जैसे लड्डू के ऊपर चमकीला वर्क  अलग ही दिखता है
उसी भान्ति आपके शब्द अलग ही छटा  बिखेरते हैं
__धन्य हो प्रभु !


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 22, 2012 at 11:01pm

अलबेला खत्री तो कुछ भी लिखता है
लगता इसकी मति गई मारी बाबाजी

इस शैली में शेर निकाले, बच रहना
लोग करेंगे  ’सानी-पानी’  बाबाजी

वैसे, लोगों का काम है कहना.. .  उनको रहने-कहने-बकने दें.  आप अपनी जिम्मेदारियों को ऐसे ही निभाते चलें.

आपका सादर आभार, भाई जी.

 

Comment by Albela Khatri on July 22, 2012 at 2:31pm

जय हो उमाशंकर जी जय हो........
आपकी अनुकम्पा  ऊर्जा देती है
___सादर

Comment by UMASHANKER MISHRA on July 22, 2012 at 9:00am

बहुत सुन्दर रचना मन प्रफुल्लित हुवा प्रभु ....सभी लाईन एक से बढ़ कर एक है सभी में जनसन्देश है

अलबेला खत्री तो कुछ भी लिखता है
लगता इसकी मति गई मारी बाबाजी.......  कुछ भी लिखने  का मतलब.....आत्मा की आवाज उतरती है मति तो उनकी मारी  गई है

बहुत बहुत बधाई अलबेला जी

Comment by Albela Khatri on July 22, 2012 at 8:24am

बाबा लोगों के ख़ूब मज़े हैं वीनस जी,
एक बार बाबाजी बन जाओ
फिर कुछ करने की ज़रूरत नहीं ...हा हा हा

__आपकी टिप्पणी सर आँखों पर..........

Comment by वीनस केसरी on July 22, 2012 at 1:46am

आपके बाबाजी का होते रहना मुझे भी बाबामय कर गया ...
इसका परिणाम जल्द ही दिख सकता है
जय हो .....

Comment by Albela Khatri on July 21, 2012 at 8:28pm

बहुत बहुत धन्यवाद अविनाश जी
सादर

Comment by Albela Khatri on July 21, 2012 at 7:20pm

धन्यवाद आदरणीय राज जी
सादर

Comment by Albela Khatri on July 21, 2012 at 6:45pm

आपका स्नेह सर आँखों पर संदीप जी
सादर

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