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Vikram Pratap
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Male
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Meerut
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Jaunpur
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Teacher
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Vikram Pratap's Blog

अल्पजीवी

नियम ये कैसा 

आज के युग का
जिधर भी देखो 
लोग अल्पजीवी बने पड़े हैं
न ख्याल में है उम्र बाकी 
न उनकी कोशिश हो उम्र लम्बी
अभी जो मैंने घुमाई नज़रें
मृत्यु शैया पे दोस्ती तड़प रही थी
मर के कुछ लोग हैं अब भी ज़िंदा
कुछ लोग जीते जी मर चुके हैं
मेरे यार…
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Posted on December 13, 2011 at 11:00am — 2 Comments

सियार का अनशन-भाग 1

प्यारे बच्चों, सुनो कहानी................



एक बार की बात है. किसी जंगल का राजा एक शेर था. 

उसकी हिंसा और आतंक से सभी जानवर परेशान थे. कुछ उसका नाम सुनकर डर से कांपते थे और कुछ गुस्से से लाल हो जाते थे. सभी जीवों ने शेर का विरोध करने का मन बनाया. लेकिन आगे कौन बढ़े? जो भी पहल करता शेर उसे मारकर खा…
Continue

Posted on September 23, 2011 at 2:25pm — 1 Comment

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At 11:39pm on August 5, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें!

At 5:20pm on May 6, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 11:20pm on April 27, 2011, Admin said…
At 7:06pm on April 27, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
 
 
 

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"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177
"आ. भाई अमित जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए धन्यवाद।"
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