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Anil Kumar Singh's Discussions (204)

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"आद  चेतन जी . समीक्षा के पहले पारा को ख़ारिज समझें .दरअसल दूसरे आयोजन के मिसरे पर बे…"

Anil Kumar Singh replied May 28 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28
Reply by Samar kabeer

" माननीय चेतन जी सबसे पहले तो बहर देखें  . दी गई बहर- 221 2121 1221 212 दुश्मनों ने…"

Anil Kumar Singh replied May 28 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय सुजान साहब बहुत बहुत धन्यवाद "

Anil Kumar Singh replied May 28 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28
Reply by Samar kabeer

"अच्छी ग़ज़ल हुई नवीन मणि जी .मतले के सानी में 'ने' चिन्ह का दोष लगता है "

Anil Kumar Singh replied May 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय सालिक गणवीर जी बहुत अच्छी ग़ज़ल कही अपने ...वाह "

Anil Kumar Singh replied May 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय चेतन प्रकाश जी ग़ज़ल अभी समय चाहती है ."

Anil Kumar Singh replied May 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय स्वप्निल जी अच्छी गजल हुई है. मतले के सानी में राह में कांटे बिछाए और अंधेरा…"

Anil Kumar Singh replied May 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28
Reply by Samar kabeer

"ईश्वर आपको शीघ्र सेहत याब करें "

Anil Kumar Singh replied May 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय गुरुप्रीत जी बहुत बहुत धन्यवाद मान्यवर .मेरा  बढ़ा "

Anil Kumar Singh replied May 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय समर कबीर जी बहुत बहुत  शुक्रिया मोहतरम.गिरह  भूल गया  जनाब . आयोजन से ख़याल रख…"

Anil Kumar Singh replied May 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143

235 May 28
Reply by Samar kabeer

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किराए का मकान

दीवारें हैं छत हैंसंगमरमर का फर्श भीफिर भी ये मकान अपना घर नहीं लगताचुकाता हूँमैं इसका दाम, हर…See More
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अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post एक अनबुझ प्यास लेकर जी रहे हैं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"//अनबुझ का अर्थ यहाँ कभी न बुझने वाली के सन्दर्भ में ही लिया गया है। हिन्दी में इसका प्रयोग ऐसे भी…"
13 hours ago
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post केवल बहाना खोज के जलती हैं बस्तियाँ - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, स्नेह व सुझाव के लिए आभार। "
16 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post एक अनबुझ प्यास लेकर जी रहे हैं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई गुमनाम जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति व स्नेह के लिए आभार।"
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post एक अनबुझ प्यास लेकर जी रहे हैं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई अमीरूद्दीन जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति व स्नेह के लिए आभार। अनबुझ का अर्थ यहाँ कभी न…"
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post एक अनबुझ प्यास लेकर जी रहे हैं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन।गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक आभार। भूलवश अरकान गलत…"
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कभी तो पढ़ेगा वो संसार घर हैं - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई गुमनाम जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और स्नेह के लिए आभार।"
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सत्य

सत्यउषा अवस्थीअसत्य को धार देकरबढ़ाने का ख़ुमार हो गया हैस्वस्थ परिचर्चा को ग़लत दिशा देनालोगों की…See More
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अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (... तमाशा बना दिया)
"आदरणीय गुमनाम पिथौरागढ़ी जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद और ज़र्रा नवाज़ी का तह-ए-दिल से शुक्रिया।"
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