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Manan Kumar singh's Discussions (1,755)

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"आदरणीय तसदीक जी, एक उम्दा गजल के लिए बधाइयाँ लीजिये। मुझे लगा : अंतिम शेर की उला में…"

Manan Kumar singh replied Sep 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 Sep 28
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय अनिल जी, एक अच्छी गजल के लिए बधाइयाँ लीजिये। हाँ, 'और न जानो तो फिर सज़ा है ये…"

Manan Kumar singh replied Sep 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 Sep 28
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय लक्ष्मण जी, अच्छी गजल के लिए बधाई। परिमार्जन तो चलेंगे ही। भाई, छठा शेर मुझे…"

Manan Kumar singh replied Sep 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 Sep 28
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"आदरणीय महेंद्र जी, अच्छी गजल के लिए बधाई लीजिये। "

Manan Kumar singh replied Sep 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 Sep 28
Reply by Samar kabeer

"'मैं उदास और आइना धुंधला।'  'क्या ही बदला लिया है आज इस ने।' 'दिल न हो फिर भी एहतिरा…"

Manan Kumar singh replied Sep 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 Sep 28
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"आ. सोनांचली जी, शुक्रिया। "

Manan Kumar singh replied Sep 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 Sep 28
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"आदरणीय संजय जी, शुक्रिया। "

Manan Kumar singh replied Sep 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 Sep 28
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"आदरणीय रिचा जी, शुक्रिया। "

Manan Kumar singh replied Sep 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 Sep 28
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"आदरणीय रक्ताले जी, शुक्रिया। दीया टिमटिमाता तभी है, जब उसमें स्नेह(तेल) कम पड़ जाता ह…"

Manan Kumar singh replied Sep 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 Sep 28
Reply by Samar kabeer

"जी। अब बात ब्रजभाषा की तरफ बढ़ चली। "

Manan Kumar singh replied Sep 27 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 Sep 28
Reply by Samar kabeer

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