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लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's Discussions (4,207)

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"ओबीओ की आठवीं वर्षगाँठ पर सभी साहित्य प्रेमियों, रचनाकरों को हार्दिक बधाई और शुभकामन…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Apr 2, 2018 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3309 7 hours ago
Reply by Aazi Tamaam

"शीर्षक बहुत पसंद आया | टी वी देखते देखते अक्सर बहस छिड़ जाती है | कश्मीर से पाकिस्तान…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Feb 28, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35 (विषय: दिवास्वप्न)

526 Mar 1, 2018
Reply by Mohammed Arif

"सांसारिक जीवन से सन्यास लेकर संयमित जीवन में प्रवेश का बेटी का निर्णय मात-पिटा के जी…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Feb 28, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35 (विषय: दिवास्वप्न)

526 Mar 1, 2018
Reply by Mohammed Arif

"सपने टूटने का गुस्सा आँखों में लाल डोरे बना रहां था | - - बहुत सुन्दर "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Feb 28, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35 (विषय: दिवास्वप्न)

526 Mar 1, 2018
Reply by Mohammed Arif

"एक अलग ही अंदाज में लघुकथा सृजित है है | जिन्होंने अपराध किये वे न्याय का पुल पार कर…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Feb 28, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35 (विषय: दिवास्वप्न)

526 Mar 1, 2018
Reply by Mohammed Arif

"अच्छी लघुकथा है आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब |"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Feb 28, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35 (विषय: दिवास्वप्न)

526 Mar 1, 2018
Reply by Mohammed Arif

"लघुकथा का समापन बहुत सुंदर और सार्थक लगा | हार्दिक बधाई "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Feb 28, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35 (विषय: दिवास्वप्न)

526 Mar 1, 2018
Reply by Mohammed Arif

"इस सम्मान के लिए दिली मुबारकबाद श्री समर कबीर साहब | ऐसे ही दिन प्रतिदिन तरक्की करते…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Jan 5, 2018 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3309 7 hours ago
Reply by Aazi Tamaam

"पुनर्स्थापना भीषण दुर्घटना में पाँव कटने, एक अंगूठा कटने और कालर बॉन टूट जाने के बा…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Dec 29, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-33 (विषय: नीड़ की ओर)

405 Dec 30, 2017
Reply by Manan Kumar singh

"लघुकथा सराहने के लिए धन्यवाद आपका श्री विनय कुमार जी | सादर "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Nov 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-32 (विषय: सुबह का भूला)

655 Dec 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

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Aazi Tamaam posted a blog post

नग़मा: इक रोज़ लहू जम जायेगा इक रोज़ क़लम थम जायेगी

22 22 22 22 22 22 22 22इक रोज़ लहू जम जायेगा इक रोज़ क़लम थम जायेगीना दिल से सियाही निकलेगी ना सांस…See More
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Sushil Sarna posted a blog post

मन पर दोहे ...........

मन पर दोहे ...........मन माने तो भोर है, मन माने तो शाम ।मन के सारे खेल हैं, मन के सब संग्राम ।…See More
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post अगर हक़ माँगते अपना कृषक, मजदूर खट्टे हैं (ग़ज़ल)
"//क्योंकि सड़े हुए या खराब खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया की वृद्धि के कारण अक्सर खट्टा स्वाद होता…"
4 hours ago
Aazi Tamaam commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कौन आया काम जनता के लिए- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"सादर प्रणाम आदरणीय धामी सर ग़ज़ल बेहद भावपूर्ण है और निखर जायेगी अगर मतले का सानी स्पष्ट हो गया…"
5 hours ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"सादर प्रणाम गुरु जी वाकई आपके बिन इस मंच का ग़ज़ल वाला हिस्सा तो बिल्कुल ही सूना हो गया है सादर"
7 hours ago
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post अगर हक़ माँगते अपना कृषक, मजदूर खट्टे हैं (ग़ज़ल)
"जैसा कि कड़वाहट के साथ होता है, खट्टे का पता लगाना अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यह उन…"
7 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post अगर हक़ माँगते अपना कृषक, मजदूर खट्टे हैं (ग़ज़ल)
"//कवि का काम ही पुराने अर्थों को विस्तार देना है वरना सारी कविता हजार साल पुराने लेखन का दोहराव…"
7 hours ago
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post अगर हक़ माँगते अपना कृषक, मजदूर खट्टे हैं (ग़ज़ल)
"हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया जनाब अमीर साहब, निवेदन है कि कवि का काम ही पुराने अर्थों को…"
18 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"बहुत शुक्रिय:,जनाब । मुझे भी ओबीओ के बग़ैर चैन नहीं मिलेगा, ओबीओ के तरही मुशाइर: में शिर्कत की भरपूर…"
21 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post मन पर दोहे ...........
"आदरणीय अमीरुद्दीन साहिब, आदाब - - - सृजन आपकी मनोहारी प्रशंसा का दिल से आभारी है ।"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post मन पर दोहे ...........
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार । आप सही ✅ हैं सर । मैं अभी संशोधित…"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Sushil Sarna's blog post मन पर दोहे ...........
"जनाब सुशील सरना जी आदाब, मन पर अच्छे दोहे हुए हैं, बधाई स्वीकार करें।  हालांकि मैं इस विधा का…"
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