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तरही ग़ज़ल - ये ग़म कहाँ कहाँ ये मसर्रत कहाँ कहाँ " ( गिरिराज भंडारी )

221    2121     1221     212

नफरत कहाँ कहाँ है मुहब्बत कहाँ कहाँ

मैं जानता हूँ होगी बग़ावत कहाँ कहाँ

 

गर है यक़ीं तो बात मेरी सुन के मान लें

लिखता रहूँगा मैं ये इबारत कहाँ कहाँ

 

धो लीजिये न शक़्ल मुआफ़ी के आब से  

मुँह को छिपाये घूमेंगे हज़रत कहाँ कहाँ

 

कल रेगज़ार आशियाँ, अब दश्त में क़याम

ले जायेगी मुझे मेरी फित्रत कहाँ कहाँ 

 

कर दफ़्न आ गया हूँ शराफत मैं आज ही

सहता मैं शराफत की नदामत कहाँ कहाँ

 

दानिशवराने कौम की बातें न पूछिये

जुल्मत कदे में ढूँढे हैं जुल्मत कहाँ कहाँ

 

आखें खुली जो रखते कभी पूछते नहीं

''ये ग़म कहाँ कहाँ ये मसर्रत कहाँ कहाँ "

**********************************

मौलिक एवँ अप्रकाशित

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 4, 2017 at 6:17pm

आदरणीय गजेन्द्र भाई , हौसला अफ्ज़ाई का शुक्रिया आपका ।

Comment by Gajendra shrotriya on September 4, 2017 at 5:56pm
अच्छी ग़ज़ल हुई है आ० गिरिराज भंडारी जी। मुबारकबाद पेश करता हूँ,कुबूल करें।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 3, 2017 at 5:21pm

आदरणीय नहेन्द्र भाई , ग़ज़ल पर उपस्थिति और सराहना के लिये आपका हार्दिक आभार ।

Comment by Mahendra Kumar on September 3, 2017 at 1:15pm

धो लीजिये न शक़्ल मुआफ़ी के आब से  

मुँह को छिपाये घूमेंगे हज़रत कहाँ कहाँ ... बहुत ख़ूब!

इस बढ़िया ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए आ. गिरिराज सर. सादर.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 3, 2017 at 6:57am

आदरणीय आशुतोष भाई , सराहना के ल्लिये हार्दिक आभार आपका ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 3, 2017 at 6:57am

आदरणीय सलीम भाई , तहे दिल से शुक्रिया आपका ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 3, 2017 at 6:56am

आदरणीय लक्ष्मण भाई , सराहना के लिये आभार आपका ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 3, 2017 at 6:56am

आदरनीय मो. आरिफ भाई , बहुत आभार आपका


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 3, 2017 at 6:55am

आदरनीय समर भाई जी , आपका हृदय से आभार ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 3, 2017 at 6:55am

आ, बृजेश भाई , हार्दिक आभार आपका

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