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संतुष्टि कहाँ है...? (अतुकांत)

धीमी-धीमी सी

हवाओं में

दीपों की टिमटिमाती लौ

दे जाती है

अंतर को भी रोशनी

बे-समय आँधियों ने

कब किया है, रोशन

बस! बुझा दिया

या फूंक दिए है जीवन

उन्ही दीपों से.

अथाह तेज बारिशों ने भी

बहा दिए हैं, जीवन

नदियों के मटमैले

जल से

प्यासा, प्यासा ही रहा

वैसे ही, जैसे

वैशाख-ज्येष्ठ की धूप में

बैठा हो

शुष्क किनारों पर

जीवन को तो

उतनी ही हवा

मिलती रहे

जब तक अंदर

ली हुई..सांसें

बाहर न निकल आयें

प्यासे को भी तो

मिली है, तृप्ति

कल-कल करती

नदियों से

न अल्प

और न ही अधिक

फिर क्यों..?

असंतुष्ट है

समानता ही जीवन है, तो

संतुष्टि कहाँ  है...?

 

         

         जितेन्द्र पस्टारिया

      (मौलिक व् अप्रकाशित)

 

 

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Comment

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Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on February 10, 2015 at 12:18pm

आपकी सराहना के लिए ह्रदय से आभार, आदरणीय सोमेश जी

सादर!

Comment by somesh kumar on February 9, 2015 at 11:05pm

जीवन को कितना चाहिए ,इसका सुंदर विचार-मंथन ,बधाई इस चिंतनपूर्ण रचना पर 

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on February 9, 2015 at 4:30pm

सराहना हेतु आपका ह्रदय से आभारी हूँ , आदरणीय डा.आशुतोष जी

सादर!

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on February 9, 2015 at 4:28pm

आपकी उत्साहवर्धक सराहना के लिए, आपका बहुत-बहुत आभार आदरणीया प्रतिभा जी.

सादर!

Comment by Dr Ashutosh Mishra on February 8, 2015 at 8:58pm

आदरणीय जीतेन्द्र जी ,,बहुत ही उम्दा रचना है ..चिंतन के लिए बिबश करती रचना ..इस शानदार रचना के लिए तहे दिल बधाई सादर 

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on February 8, 2015 at 12:02pm

आपका बहुत-बहुत आभार, आदरणीया सविता जी

सादर!

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on February 8, 2015 at 12:01pm

आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया हेतु आपका ह्रदय से आभारी हूँ, आदरणीय हरिप्रकाश जी.

सादर!

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on February 8, 2015 at 12:00pm

रचना पर आपकी उपस्थिति व् सराहना के लिए, ह्रदय से आभार आदरणीय मिथिलेश जी.

सादर!

Comment by savitamishra on February 7, 2015 at 11:46pm

बहुत खुबसुरत

Comment by Hari Prakash Dubey on February 7, 2015 at 11:28pm

आदरणीय जितेन्द्र पस्टारिया जी , .....

जीवन को तो

उतनी ही हवा

मिलती रहे

जब तक अंदर

ली हुई..सांसें

बाहर न निकल आयें......वाह , बहुत शानदार ,हार्दिक बधाई आपको !

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