For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अतुकांत कविता - नि:शब्द (गणेश जी बागी)

शब्द कोष से संकलित
क्लिष्ट शब्दों का समुच्चय
गद्यनुमा खण्डित पक्तियों में
शब्द संयोजन
कथ्य और प्रयोजन से कोसों दूर

लक्ष्यहीन तीरों के मानिंद
बिम्ब और प्रतीक
कही तो जा धसेंगे
बस
वही होगा लक्ष्य
फिर.......
पाठक का द्वन्द्ध
बार-बार पढ़ना
पग-पग पर अटकना
समझने का प्रयत्न
गुणा भाग, जोड़ घटाव
सुडोकू सुलझाने का प्रयास
और अंततः
एक प्रतिक्रिया
नि:शब्द हूँ ।

***

(मौलिक व अप्रकाशित)

पिछला पोस्ट =>लघुकथा : छवि

Views: 2103

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 7, 2013 at 12:22pm

प्रिय अनुज अरुन अनंत जी, निश्चित ही अतुकांत शैली में संतुलित कविता सृजन एक कठिन कार्य है, टिप्प्णी हेतु बहुत बहुत आभार । 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 7, 2013 at 12:20pm

आदरणीय जीतेन्द्र जी, रचना पर आपकी उपस्थिति और टिप्प्णी मुग्धकारी है । 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 7, 2013 at 10:48am

आहा ! आदरणीय निगम साहब, कम शब्दों में आपने इस कविता का सारांश लिख दिया, बहुत बहुत आभार ।


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 7, 2013 at 10:44am

आदरणीया डॉ प्राची जी, आपकी उपस्थिति और मंतव्य दोनों का ह्रदय से स्वागत है, उत्साहवर्धन करती टिप्प्णी हेतु बहुत बहुत आभार । 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 7, 2013 at 10:42am

आदरणीय सिज्जू शकूर जी, उत्साहवर्धन करती टिप्प्णी हेतु आभार । 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 7, 2013 at 10:41am

आदरणीय डॉ आशुतोष मिश्रा जी, आपको कविता पसंद आयी जान अच्छा लगा, आपके कहे को मैं दिल से सम्मान देता हूँ आभार आपका । 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 6, 2013 at 11:23pm

आदरणीय सौरभ भाई , मैने सोचा आदरणीय बागी जी कहने का अर्थ यही है , तो उनकी रचना से ध्यान न बटे इसी लिये हटाया !!! अब आगे से आपकी बात का ध्यान रखूंगा !!! प्लीज़ आप न कहा करें !!! आपका अधिकार है मुझ पर !!!!


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 6, 2013 at 11:09pm

//प्रश्न हटा लिया हूँ , वक़्त देख कर सही जगह पूछ लूंगा !!//

आदरणीय गिरिरज जी, ऐसा स्वयं न किया करें. इससे गलत संदेश जाता है. इसके लिए ऐडमिन से अनुरोध किया जाता है.

प्लीज ..


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 6, 2013 at 11:05pm

आदरणीय गणेश भाई , आपका सुझाव सर आँखों पर , प्रश्न हटा लिया हूँ , वक़्त देख कर सही जगह पूछ लूंगा !!!! आपका आभार !!!


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 6, 2013 at 10:56pm

आदरणीय गिरिराज भंडारी भाई साहब, प्रस्तुत प्रश्न बहुत ही बढ़िया है किन्तु स्थान उचित नहीं, इस प्रश्न के चक्कर में मेरी रचना से ध्यान डायबर्ट होगा, कृपया सुझाव शिकायत समूह में आप अपना प्रश्न रखें |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"आदरणीय अशोक भाईजी धन्यवाद ... मेरा प्रयास  सफल हुआ।"
4 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह वाह वाह !!! बहुत दिनों बाद ऐसी लाजवाब प्रतिक्रिया पढने में आई है। कांउटर अटैक ॥ हजारों धन्यवाद…"
4 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय शेख शाहज़ाद उस्मानी जी सादर, सरकारी शालाओं की गलत परम्परा की ओर ध्यान आकृष्ट कराती…"
4 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"सार्थक है आपका सुझाव "
4 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"आदाब।‌ रचना पटल पर उपस्थिति और समीक्षाओं हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया प्रतिभा पाण्डेय जी। मेरी…"
4 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"हार्दिक धन्यवाद आदरणीया प्रतिभाजी ।  इसमें कुछ कमी हो सकती है लेकिन इस प्रकार के आयोजन शहरों…"
4 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब सादर, बिना सोचे बोलने के परिणाम पर सुन्दर और संतुलित लघुकथा…"
4 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"अमराई में उत्सव छाया,कोयल को न्यौता भिजवाया। मौसम बदले कपड़े -लत्ते, लगे झूमने पत्ते-…"
4 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"ठण्ड गई तो फागुन आया। जन मानस में खुशियाँ लाया॥ आम  लगे सब हैं बौराने। पंछी गाते सुर में…"
4 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"लघुकथा किसी विसंगति से उभरती है और अपने पीछे पाठको के पीछे एक प्रश्न छोड़ जाती है। सबकुछ खुलकर…"
5 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"आदरणीय अखिलेश जी स्वयं के प्रचार प्रसार के लिए इस तरह के प्रायोजित कार्यक्रमों का चलन साहित्य और…"
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"  जी ! //हापुस लँगड़ा नीलम केसर। आम सफेदा चौसा उस पर।।//... कुछ इस तरह किया जा सकता है.…"
5 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service