For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मौन के शव  ?

बोलते चुपचाप

बात करते आप

रौंदते है मूक अन्तस को

बधिर होता है हाहाकार

दग्ध पर नहीं होते वो

ध्वंस लेता है फिर आकार

यही होता है प्रकृति में 

भावनाओ की विकृति में

सतत क्रम सा बार बार

सभी है सहते उसे

और हाँ कहते उसे

निष्ठुर प्रेम ! 

 

 

(मौलिक व् अप्रकाशित)

Views: 379

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 10, 2013 at 12:00pm

डॉ आशुतोष मिश्र जी

बहुत बहुत आभार  i  सादर i

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 10, 2013 at 11:59am

आदरनीय  सौरभ जी

सादर---- सादर----- सादर-----

Comment by Dr Ashutosh Mishra on December 10, 2013 at 11:25am

आदरणीय गोपाल सर ..अत्यंत गूढ़ भावों को व्यक्त करती गहन और सुंदर रचना के लिए तहे दिल बधाई ...सादर 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 7, 2013 at 9:16pm

दो स्टूडेण्ट मिल कर क्या कमाल नहीं कर सकते.. :-)))))))

हम साथ-साथ हैं !

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 7, 2013 at 9:07pm

आदरणीय सौरभ जी

चातक को स्वाति बिंदु मिलने पर शायद वह तृप्ति न मिलती हो जितनी आपके आशीर्वाद से मुझे मिली i  मुझे आपकी दीक्षा मिलती रहे और मै आपकी कसौटी  पर खरा उतरने का प्रयत्न करता रहूँ  i एक स्टूडेंट के लिया इससे बढ़कर क्या है  ?

सादर i

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 7, 2013 at 8:59pm

सावित्री राठौर जी

आपका आभार i

सादर ii


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 7, 2013 at 7:42pm

आदरणीय गोपालजी, आपकी इस प्रस्तुति की अनुगूँज देर तक बनी रही.
कार्मिक रूप से स्थावर हो गये एक भौतिक स्वरूप की मनोदशा को मिले शब्द वस्तुतः प्रभावकारी हैं. भारतीय सनातन मान्यताओं के अनुरूप ही प्रतीत हो रहे ध्वंसावशेष से सुगढ़ता और निरंतरता की सकारात्मक अपेक्षा इसके पाठकों को आश्वस्त करती है.

बड़ा अच्छा लगा कि आपकी प्रस्तुत रचना एक गहन एवं गूढ़ प्रतीत होते-से विषय को आवश्यक कथ्यात्मकता के साथ सरलता से साझा कर रही है.

हार्दिक बधाई, आदरणीय

Comment by Savitri Rathore on December 1, 2013 at 9:49pm

सुन्दर एवं सटीक अभिव्यक्ति ....... बधाई हो !

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 1, 2013 at 7:51pm

अनंत जी

आपकी  प्रीति  और रीति  का सादर आभारी हूँ  i

Comment by अरुन 'अनन्त' on December 1, 2013 at 4:12pm

आदरणीय घाव करे गंभीर वाली बात कही है आपने बहुत ही गूढ़ भाव लिए शानदार अभिव्यक्ति बहुत बहुत बधाई आपको

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
""जब से आए हैं सियासत में सियाने हो गए    साँप में और नेवले में दोस्ताने हो…"
11 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . . . .राजनीति
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुन्दर दोहावली हुई है । हार्दिक बधाई।"
37 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आ. भाई दण्डपाणि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।"
46 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आ. भाई संजय जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
47 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, उत्साहवर्धन और समर्थन के लिए आभार..."
49 minutes ago
Hiren Arvind Joshi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"हौंसला अफ़ज़ाई के लिए शुक्रिया"
52 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आ. भाई मुनीश जी, गजल का प्रयास अच्छा हुआ है । हार्दिक बधाई।"
1 hour ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आदरणीया रिचा यादव जी नमस्कार बहुत शुक्रिया आपका आपने समय निकाला मेरा हौसला बढ़ाया बहुत धन्यवाद…"
1 hour ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आदरणीय भाई लक्ष्मण जी सादर अभिवादन! बहुत शुक्रिया आपका आपने समय दिया मेरा हौसला बढ़ाया"
1 hour ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' साहब आदाब बहुत शुक्रिया आपने वक़्त दिया और मेरी होसलाअफ़ज़ाई की…"
1 hour ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आदरणीय निलेश जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपका आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आये और मेरा हौसला बढ़ाया!…"
1 hour ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-139
"आदरणीय सर जी जल्द स्वस्थ्य हो जाएं यही कामना करती हूँ।"
2 hours ago

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service