For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गुरु तोमर छंद पर आधारित रचना - प्रथम प्रयास 
.
पिय नाम को पुकारि कै| अपनी पलकें सँवारि कै |
मन लोचनों में धारि कै| मैं द्वार पथ को  झाकि कै ||  
मन में खुद को निहारि कै|अंगुरि में अंगुरी डारि कै |
लट के पटों से  देखि कै | दिल में कसक सी मारि कै || 
मैं चल रही हूँ झूमि कै| यौवन नशा भरपूरि कै |
दिन भी सारा गुजारि कै| पिय भी मिलेंगे सांझि कै ||
वो न आये फिर राति कै| सिंगार भी ये बिगारि कै |
मेरा मन भी उदास है   | पिय मिलन से ही राति है ||   
.
आशीष (सागर सुमन) 
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 580

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on October 16, 2013 at 11:34pm

प्रयास के लिए हार्दिक धन्यवाद. तनिक और सघनता की आवश्यकता है जो समयानुसार होती जायेगी.

शुभेच्छाएँ

Comment by अरुन 'अनन्त' on October 6, 2013 at 12:39pm

आदरणीय आशीष भाई जी तोमर छंद पर प्रथम प्रयास बहुत ही बढ़िया बन पड़ा है पिया के इन्तजार में प्रियतमा के मन की बात का सुन्दरता से वर्णन किया है वो क्या क्या सोचती है करती कि उसके पिया उससे मिलने आयेंगे. बहुत ही सुन्दर भाई जी बहुत बहुत बधाई स्वीकारें.

Comment by Ashish Srivastava on October 6, 2013 at 11:38am

Er. Ganesh Jee "Bagi"

ji aapki badhai ke liye aabhaar 

matraon ki trruti dhyaan dilane ke liye aabhaar 

sahi matra channd 

पिया नाम को पुकारि कै ।  पलकें अपनी सँवारि कै ॥  
मन लोचनों में धारि कै। मैं द्वार पथ को  झाकि कै  || 
मन में खुद को निहारि कै। अंगुरि म अंगुरि  डारि कै ॥ 
लट के पटों से  देखि कै ।  दिल में कसक सी मारि कै ॥ 
मैं चल रही हूँ झूमि कै।  यौवन नशा भरपूरि कै ॥
दिन भी सारा गुजारि कै।  पिय भी मिलेंगे सांझि कै॥
वो न आये फिर राति कै।  सिंगार भी ये बिगारि कै ॥
मेरा मन भी उदास है   ।  पिय मिलन से ही राति है  ॥ 
Comment by Abhinav Arun on October 6, 2013 at 10:25am

सुन्दर छंद , बधाई !


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 6, 2013 at 10:25am

तोमर छंद (चार चरण,प्रत्येक चरण १२ मात्रा अंत गुरु लघु) के चरण के अंत में एक गुरु जोड़ देने से गुरु तोमर छंद का सृजन होता है, एक बार मात्रा गिनती देख लें आदरणीय,छंद पर सराहनीय प्रयास हुआ है, बधाई स्वीकार करें । 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। चौपाइयों पर उपस्थिति, स्नेह और मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार। आपकी…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रस्तुति का सहज संशोधित स्वरूप।  हार्दिक बधाई"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, प्रदत्त चित्र को आपने पूरे मनोयोग से परखा है तथा अंतर्निहित भावों को…"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी, आपने प्रस्तुति के माध्यम से प्रदत्त चित्र को पूरी तरह से शाब्दिक किया है…"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी, आपकी प्रस्तुति का हार्दिक धन्यवाद  परन्तु, रचना सोलह मात्राओं खे चरण…"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण भाईजी, चौपाई छंद में आपने प्रदत्त चित्र को उपयुक्त शब्द दिये हैं. सुगढ़ रचना के…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। चौपाइयों पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार। तुकांतता के दोष में…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई अखिलेश जी, सादर अभिवादन। चौपाइयों पर उपस्थिति, स्नेह और मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार। आपकी…"
Sunday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक धन्यवाद आभार आपका लक्ष्मण भाईजी"
Sunday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक धन्यवाद लक्ष्मण भाई "
Sunday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी आदरणीय अशोक भाईजी  चौपाई में चित्र का  सम्पूर्ण  चित्रण हुआ है।…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"चप्पल उसकी सिली न जाती। बिन चप्पल के वह रह जाती।।....वाह ! वाह ! प्रदत्त चित्र की आत्मा का भाव आपने…"
Sunday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service