For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आइना सबको दिखाया जाये

२१२२/११२२/२२

झूठ अब सामने लाया जाये

आइना सबको दिखाया जाये

तीरगी है तो उदासी कैसी

दीप फ़ौरन ही जलाया जाये

आज दिल में है बड़ी बेचैनी

साक़िया  भर के पिलाया जाये

लाडली वो भी किसी मा की है

फिर बहू  को न सताया जाये

तोड़ डाला जो खिलौना उसने

उसको इतना न रुलाया जाये

बात गर करनी मोहब्बत की तो 

दिल से नफरत को मिटाया जाये

रोज बस कहते हवादिस  आते 

आशु लड़ना भी सिखाया जाये 

डॉ आशुतोष मिश्र

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 1026

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by annapurna bajpai on September 24, 2013 at 3:41pm

आदरणीय आशुतोष जी खूबसूरत गजल हेतु बधाई स्वीकारें ।

Comment by Dr Ashutosh Mishra on September 24, 2013 at 2:02pm

आदरणीय परवीन जी , आदरणीया मीना जी ...मेरी ग़ज़ल पर आपकी प्रतिक्रिया से मेरा मनोबल बढ़ा है ..हार्दिक धन्यवाद के साथ 

Comment by Meena Pathak on September 24, 2013 at 12:02pm

बहुत सुन्दर गज़ल .. बधाई स्वीकारें 

Comment by Parveen Malik on September 24, 2013 at 11:49am
आदरणीय आशुतोष जी .. बहुत अच्छी ग़ज़ल है .... बधाई स्वीकारें !
लाडली वो भी किसी माँ की है
बेटियों को न सताया जाये... यह शेर विशेष तौर से पसंद आया !
Comment by Dr Ashutosh Mishra on September 24, 2013 at 10:23am

आदरणीय बागी सर ..आपका मार्गदर्शन एक लम्बे अरसे से प्रतीक्षित था ..आपकी पारखी नजरों से बच पाना बड़ा मुश्किल होता है ..आपके नजरिये से देखने पर एक नयी दृष्टी मिलती है ...सर आखिरी शेर मैंने ये सोचकर लिखा था की लोग बस मुश्किलों की बात ही किया करते हैं पर उनसे कैसे निपटा जाए ये नहीं बताते ...निपटने का हुनर अगर आ जाए तो परेशानी का दर ही नहीं ..ऐसा मैं सोचता हूँ ..यह सही है की नहीं इसपर मार्गदर्शन आप ही कर सकते हैं ..आपका स्नेह और आशीर्वाद इसी तरह भाबिस्य में भी मिलता रहे ..इसी आकांक्षा के साथ ..सादर प्रणाम 

Comment by Dr Ashutosh Mishra on September 24, 2013 at 10:15am

आदरणीया शालिनी जी ..हौसला अफजाई के लिए हार्दिक धन्यवाद ..

Comment by Dr Ashutosh Mishra on September 24, 2013 at 10:14am

आदरणीय जीतेन्द्र जी ..मेरी ग़ज़ल आपको पसंद आयी ..आपके यही स्नेह बना रहे ..सादर 

Comment by Dr Ashutosh Mishra on September 24, 2013 at 10:12am

आदरणीय गिरिराज जी ..आपके मार्गदर्शन के अनुरूप सुधार भी करूंगा और भविष्य में ध्यान भी रखूंगा ..आपका स्नेह मुझे सतत हौसला देता है ..सादर प्रणाम के साथ 

Comment by Dr Ashutosh Mishra on September 24, 2013 at 10:10am

आदरणीय शर्मा जी ..हौसला आफ्जाये के लिए हार्दिक धन्यवाद ..यूं ही स्नेह बनाए रखें 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 24, 2013 at 8:15am

आइना सबको दिखाया जाये

आज सच सबको बताया जाये  …………वाह वाह, खुबसूरत मतला । 

तीरगी है तो उदासी कैसी

दीप फ़ौरन ही जलाया जाये  ………… बढ़िया कहन, 

आज दिल में है बड़ी बेचैनी

साकी जी भर के पिलाया जाये  ……. सानी में बात नहीं बन रही, हाला / प्याला जी भर के पिलाया जाये 

उसको फौलादी बनाना है तो

उसको भूखा न सुलाया जाये  ………यह क्या बात हुई , अगर फौलाद नहीं बनाना है तो भूखा सुलायेंगे ? भर्ती का शेर लगा । 

लाडली वो भी किसी मा की है

बेटियों को न सताया जाये  ………. बेटियों को न सताया जाय !!! भाई किसी को न सताया जाय ।  

तोड़ डाला जो खिलौना उसने

उसको इतना न रुलाया जाये  …… बढ़िया शेर । 

बात गर करनी मोहब्बत की तो 

दिल से नफरत को मिटाया जाये …. बढ़िया शेर, पर कुछ नया कहन होना चाहिए था । 

रोज बस कहते हवादिश आते 

आशु लड़ना भी सिखाया जाये  ………इस शेर तक मैं नहीं पहुँच सका । 

आदरणीय डॉ साहब, सच कहूँ तो आनंद नहीं आया, या यह कहूँ की आप जल्दबाजी में यह ग़ज़ल कही है । बहरहाल इस प्रयास पर बधाई । 

 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अब, जबकि यह लगभग स्पष्ट हो ही चुका है कि OBO की आगे चलने की संभावना नगण्य है और प्रबंधन इसे ऑफलाइन…"
4 hours ago
amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
Friday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
Wednesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
Tuesday
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"आशीष यादव जी , मेरा संदेश आप तक पहुंचा ,प्रयास सफल हो गया .धन्यवाद.पर्यावरण को जितनी चुनौतियां आज…"
May 11
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय धामी जी सारगर्भित ग़ज़ल कही है...बहुत बहुत बधाई "
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service